मशहूर बॉलीवुड पार्श्व गायक जुबिन नौटियाल के पिता, जौनसार-बावर क्षेत्र के कद्दावर नेता राम शरण नौटियाल ने 12 साल बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से इस्तीफा दे दिया, जिससे उत्तराखंड की सियासत में हलचल मची है। 2024 के लोकसभा चुनावों में टिहरी संसदीय क्षेत्र में उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के तहत भाग लेने वाले बॉबी पंवार के साथ उनका जुड़ाव, और कांग्रेस में संभावित वापसी, ये सभी सवाल राजनेताओं और जनता को उलझन में डाल रहे हैं।
नौटियाल के इस्तीफे का मुख्य कारण उन्होंने “सम्मान न मिलने” और “आंतरिक खींचतान” को बताया। उन्होंने ईमेल के माध्यम से प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट को इस्तीफे का नोटिस भेजा, जबकि 2022 में चकराता सीट से बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ने के बाद से ही स्थानीय संगठन और नेताओं के साथ मतभेदों की अफवाहें चल रही थीं। पार्टी के प्रदेश नेतृत्व ने प्रारंभ में आधिकारिक पत्र न मिलने की बात कही, पर नौटियाल ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अपनी इच्छा स्पष्ट रूप से व्यक्त की है।
इस कदम ने चकराता, पछवादून और विकासनगर क्षेत्र के राजनीतिक समीकरणों को गर्म कर दिया है। पूर्व देहरादून जिला पंचायत अध्यक्ष और जौनसार-बावर क्षेत्र में मजबूत जनाधार वाले नौटियाल, निर्दलीय या किसी क्षेत्रीय दल के साथ जुड़कर व यमुनोत्री बेल्ट और जौनसार क्षेत्र के चुनावी नतीजों पर गहरा प्रभाव डाल सकते हैं। कांग्रेस में उनकी शुरुआत और प्रदेश उपाध्यक्ष के रूप में सेवा ने यह संकेत दिया कि वे फिर से कांग्रेस के दामन थाम सकते हैं। यदि वे कांग्रेस में लौटते हैं, तो आगामी विधानसभा चुनावों में पछवादून, चकराता या सहसपुर सीटों पर कांग्रेस के उम्मीदवारों को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा।
इसके अलावा, बॉबी पंवार के साथ संभावित गठबंधन पर भी चर्चा है। 2024 के लोकसभा चुनाव में पंवार ने टिहरी संसदीय क्षेत्र से 2,05,307 वोट प्राप्त करके दूसरे स्थान पर रहे, और उत्तरकाशी जिले की तीनों विधानसभाओं—पुरोला, यमुनोत्री, गंगोत्री—में भाजपा और कांग्रेस को पीछे छोड़ते हुए बढ़त हासिल की थी। नौटियाल के साथ जुड़ने से उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा को कम से कम छह से सात विधानसभा क्षेत्रों में खेल बदलने का मौका मिल सकता है, जिससे BJP की रणनीति पर असर पड़ेगा।
विधानसभा चुनावों से ठीक पहले यह इस्तीफा चकराता और आसपास के इलाकों में पार्टी के लिए झटके के रूप में देखा जा रहा है। सभी की निगाहें अब राम शरण नौटियाल के अगले कदम पर टिकी हैं, चाहे वह कांग्रेस में वापसी हो, किसी नए क्षेत्रीय दल से जुड़ाव हो या स्वतंत्र पथ पर चलना। उनकी नई राजनीतिक पारी के आधिकारिक घोषणा का इंतज़ार ही इस समय का मुख्य विषय बना हुआ है।
