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ओपन लेटर की ताकत: 20 महीनों की लंबी आस के बाद पांडवाज बैंड को मिले 18 लाख रुपये का बकाया भुगतान

उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान बन चुके पांडवाज बैंड (Pandavaas Band) के लिए यह समय उम्मीदों और राहत का है। लंबे अरसे से लंबित रहने वाले 18 लाख रुपये के बकाया भुगतान को लेकर जो तनाव और बेचैनी व्याप्त थी, वह अब समाप्त हो गया है। गौरतलब है कि यह भुगतान मात्र छह दिनों के भीतर पूरा कर लिया गया, जो कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हस्तक्षेप और बैंड द्वारा खेले गए ‘ओपन लेटर’ के प्रभावी प्रभाव का सीधा नतीजा है। यह घटना न केवल एक वित्तीय निपटारा है, बल्कि यह यह भी साबित करती है कि जब कलाकारों की आवाज़ सही माध्यमों से और गंभीरता से सुनी जाती है, तो प्रशासनिक जाम खुलने में कितना समय नहीं लगता।

मामले की पृष्ठभूमि जबारी है कि दिसंबर 2024 और जनवरी 2025 के दौरान आयोजित 38वें नेशनल गेम्स में पांडवाज बैंड ने उत्तराखंड का गौरव बढ़ाया था। बैंड ने इस अवसर पर विशेष थीम सॉन्ग “हल्ला धूम धड़क्का” प्रस्तुत किया था, जिसने दर्शकों और आगंतुकों को मंत्रमुग्ध कर दिया था। इसके अलावा, मशाल यात्रा समेत कई अन्य मास्टरफुल कार्यक्रमों में बैंड ने अपना कलात्मक हुनर दिखाया था। हालांकि, इन प्रस्तुतियों के बावजूद, बैंड को उनके मेहनत के बदले मिलने वाले 18 लाख रुपये का भुगतान करीब 20 महीनों तक स्तब्ध रहा। इस वित्तीय अनिश्चितता ने न केवल बैंड के सदस्यों को, बल्कि उनके समर्थकों को भी परेशान कर दिया था।

इस दीर्घकालिक देरी के बाद, पांडवाज बैंड ने आखिरकार एक ओपन लेटर के जरिए सीधे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मदद की गुहार लगाई। इस पत्र में बैंड ने अपनी समस्या को संक्षिप्त और स्पष्ट शब्दों में प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री धामी ने इस शिकायत को गंभीरता से लिया और सम्बन्धित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी किए। हस्तक्षेप के तुरंत बाद प्रशासनिक प्रक्रियाएं तेजी से अमल में आईं, और छह दिनों के भीतर बकाया राशि बैंड के खाते में जमा कर दी गई। यह तेज रफ्तार कार्रवाई प्रशासनिक जवाबदेही के एक शुभ संदेश के रूप में देखी जा रही है।

भुगतान प्राप्त होने के बाद, पांडवाज बैंड ने सोशल मीडिया पर एक विस्तृत पोस्ट शेयर कर अपनी प्रसन्नता और कृतज्ञता व्यक्त की। वे मुख्यमंत्री धामी का हृदय से आभार जताते हुए लिखा कि मुख्यमंत्री ने उनकी समस्या को संज्ञान में लिया और उचित निर्देश देकर भुगतान सुनिश्चित कराया। साथ ही, उन्होंने उन सभी क्रिएटर्स, पत्रकारों, एक्टिविस्ट्स और शुभचिन्तकों का भी विशेष धन्यवाद दिया, जिन्होंने बिना किसी आग्रह के उनके ओपन लेटर को गंभीरता से लिया और अपने-अपने माध्यमों के जरिए आगे बढ़ाया। बैंड का मानना है कि जनता के स्वतःस्फूर्त सहयोग ने उनकी बात को व्यापक स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अंत में, पांडवाज बैंड ने आगे की राह के लिए अपना संकल्प दोहराया है। उन्होंने बताया कि वे आगे भी उत्तराखंड की कला, संस्कृति और अपनी मातृभूमि के लिए पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करते रहेंगे। बैंड ने उम्मीद जताई है कि वे और उनके समर्थक जनहित और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे, ताकि भविष्य में ऐसी वित्तीय या प्रशासनिक देरीएं न हो सकें। यह सफलता न केवल एक बैंड के लिए जीत है, बल्कि कला और प्रशासन के बीच संवाद के महत्व का एक प्रेरक उदाहरण है।

admin सत्यापित पत्रकार

आधिकारिक पत्रकार एवं विशेष संवाददाता।