केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय देवप्रयाग में कार्यरत असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सूर्यमणि भंडारी, जो नेपाली मूल के हैं, पर नाबालिग छात्राओं से छेड़छाड़ का आरोप सामने आया है। यह मामला अगस्त माह में हुआ, जब छात्राएँ टीसी (ट्रांसक्रिप्ट/सर्टिफिकेट) लेने के लिए विश्वविद्यालय आईं। उसी दौरान, डॉ. भंडारी ने अनैतिक व्यवहार किया, जिसे छात्राओं ने तुरंत रिपोर्ट किया।
विवि निदेशक प्रो. पी.वी.बी. सुब्रामण्यम ने इस घटना की तहरीर पुलिस को दी और विश्वविद्यालय प्रशासन ने तत्काल जांच शुरू कर दी। जांच के बाद पुष्टि होने पर, देवप्रयाग पुलिस ने डॉ. भंडारी के विरुद्ध पुस्को सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया। थाना प्रभारी देवप्रयाग अमरजीत सिंह ने बताया कि यह मामला केंद्रीय विश्वविद्यालय के निदेशक की तहरीर पर आधारित है और पुलिस ने संबंधित सभी आरोपों के साथ केस दर्ज किया है।
इस घटना के प्रकाश में, विश्वविद्यालय प्रशासन ने तुरंत डॉ. भंडारी को निलंबित कर दिया। निदेशक ने कहा कि विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार किसी भी अनुशासनात्मक उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विश्वविद्यालय ने आंतरिक जांच के साथ-साथ पुलिस को भी रिपोर्ट कर दी है, ताकि कानूनी प्रक्रिया पूरी तरह से चल सके।
पोलिस ने इस मामले की जांच एसआई अनिता नेगी को सौंप दी है। पुलिस और विश्वविद्यालय दोनों ही इस बात पर जोर देते हैं कि नाबालिगों के प्रति किसी भी प्रकार का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। विश्वविद्यालय के प्रबंधन ने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में छात्राओं की सुरक्षा और विश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
