BJP प्रदेश कार्यसमिति बैठक: 2027 में तीसरी बार सरकार बनाने की हुंकार

BJP उत्तराखंड की विस्तारित प्रदेश कार्यसमिति की महत्वपूर्ण बैठक में पार्टी ने ‘विकसित उत्तराखंड से विकसित भारत’ के राष्ट्रीय संकल्प को दोहराते हुए वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों में राज्य में लगातार तीसरी बार प्रचंड बहुमत के साथ भाजपा की सरकार बनाने का शंखनाद किया है। बुधवार को हल्द्वानी में आयोजित विस्तारित प्रदेश कार्यसमिति बैठक में राष्ट्रीय व प्रांतीय राजनीतिक परिस्थितियों, देश की आर्थिक उपलब्धियों, देवभूमि की सांस्कृतिक सुरक्षा तथा भावी सांगठनिक व चुनावी रणनीतियों पर गहन मंथन हुआ।

कार्यसमिति ने हर कार्यकर्ता का आह्वान किया कि वे केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं व विकास की राजनीति को जन-जन तक पहुंचाएं। भाजपा नेताओं ने ‘विकल्प रहित संकल्प’ के साथ जनता का आशीर्वाद प्राप्त करने और 2027 में लगातार तीसरी बार प्रचंड बहुमत से ‘कमल’ खिलाकर विकसित उत्तराखंड के सपने को साकार करने का दृढ़ संकल्प लिया।

कार्यसमिति बैठक में शुद्धिकरण विवाद की छाया भी नजर आई। हाल ही में हल्द्वानी में कांग्रेस के कार्यक्रमों के बाद उभरे कथित शुद्धीकरण विवाद और उसकी आड़ में चलाए जा रहे राजनीतिक दुष्प्रचार पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसकी कड़े शब्दों में निंदा की। पार्टी ने स्पष्ट किया कि भाजपा किसी भी प्रकार के जातिगत भेदभाव या अस्पृश्यता का सख्त विरोध करती है।

प्रस्ताव में कांग्रेस पर सामाजिक समरसता को चोट पहुंचाने और दलित समाज को केवल चुनावी वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। इसके साथ ही, देवभूमि की मूल सांस्कृतिक पहचान, पवित्रता, जनसांख्यिकीय संतुलन और सामाजिक सुरक्षा को अक्षुण्ण रखने के लिए राज्य सरकार द्वारा धर्मांतरण, अवैध अतिक्रमण और असामाजिक गतिविधियों के विरुद्ध की जा रही कठोर कानूनी कार्रवाई का पूर्ण समर्थन किया गया।

प्रदेश कार्यसमिति ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दूरदर्शी नेतृत्व और जनकल्याणकारी नीतियों की मुक्तकंठ से भूरि-भूरि प्रशंसा की। मुख्यमंत्री के रूप में 5 वर्ष का सफल कार्यकाल पूर्ण करने और राज्य के निर्वाचित मुख्यमंत्रियों में सबसे लंबे समय तक निर्बाध सेवा देने का कीर्तिमान स्थापित करने पर कार्यसमिति ने धामी जी का विशेष अभिनंदन किया।

राज्य सरकार द्वारा सुशासन, पारदर्शिता और भ्रष्टाचार पर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत लिए गए साहसिक निर्णयों को रेखांकित किया गया। समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू करना, देश का सबसे सख्त नकल-विरोधी कानून बनाना, युवाओं के लिए पारदर्शी प्रक्रिया से 34,000 से अधिक सरकारी पदों पर नियुक्तियां प्रदान करना और सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देना राज्य सरकार की मजबूत नीति-निष्ठा को दर्शाता है।

बैठक में बताया गया कि प्रभावी नीतियों के कारण राज्य में पलायन दर में 28 प्रतिशत से अधिक की कमी दर्ज की गई है और ‘रिवर्स माइग्रेशन’ को गति मिली है। ‘हाउस ऑफ हिमालय‘ ब्रांड के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है। इस वर्ष 45 लाख से अधिक श्रद्धालुओं द्वारा चारधाम यात्रा करने और आधारभूत अवसंरचना के विकास के चलते राज्य का बजट पहली बार 1.11 लाख करोड़ रुपये के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर गया है। नीति आयोग के सस्टेनेबल डेलपमेंटल गोल्स (SDG )इंडिया इंडेक्स 2023-24 में उत्तराखंड का सभी हिमालयी राज्यों में शीर्ष स्थान प्राप्त करना राज्य की उत्कृष्ट प्रगति का प्रमाण है।

बैठक में राष्ट्रीय राजनीति के परिदृश्य पर चर्चा करते हुए हाल ही में पश्चिम बंगाल और असम विधानसभा चुनावों में पार्टी को मिली ऐतिहासिक चुनावी विजय का विशेष रूप से अभिनंदन किया गया। कार्यसमिति ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकासोन्मुख एजेंडे और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के कुशल सांगठनिक नेतृत्व के प्रति जनता के अटूट विश्वास का प्रतीक बताया।

वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और चुनौतियों के बीच भारत द्वारा 7.8 प्रतिशत की मजबूत आर्थिक विकास दर हासिल करने को देश की सुदृढ़ आर्थिक नींव और नीतिगत स्थिरता का प्रत्यक्ष प्रमाण माना गया। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता तथा उज्बेकिस्तान द्वारा उन्हें अपने सर्वोच्च राजकीय सम्मान ‘ओली दर्जाली दोस्तलिक’ से विभूषित किए जाने पर हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी गई।

बैठक में केंद्र सरकार की व्यापारिक और उद्यमिता संबंधी नीतियों की सराहना करते हुए बताया गया कि ‘स्टार्टअप इंडिया’ अभियान के 10 वर्ष पूर्ण होने पर देश में 2.3 लाख से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स स्थापित हो चुके हैं, जिनसे 23 लाख से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। इनमें से लगभग 50 प्रतिशत स्टार्टअप्स टियर-2 और टियर-3 शहरों से सामने आए हैं, जो दर्शाता है कि नवाचार अब केवल बड़े महानगरों तक सीमित नहीं रहा।

सूक्ष्म व लघु उद्यमियों को वित्तीय संबल देने वाली ‘प्रधानमंत्री मुद्रा योजना’ के तहत जून 2026 तक 41.71 लाख करोड़ की राशि के लगभग 59.14 करोड़ ऋण स्वीकृत किए जा चुके हैं। महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में GeM के ‘वूमैनिया’ मंच से जुड़ी इकाइयों को वित्त वर्ष 2025-26 में 28,000 करोड़ से अधिक के सरकारी अनुबंध मिले हैं। इसके अलावा, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का कुल वस्तु एवं सेवा निर्यात 863.1 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुँचा। जुलाई 2026 से प्रभावी भारत-ब्रिटेन व्यापक व्यापार समझौते और ‘Semicon 2.0’ के तहत 1,27,500 करोड़ रुपये के बजटीय प्रावधानों को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया गया।