राजनीतिक दलों और आकांक्षियों की नज़रें अब उत्तराखंड की एक महत्वपूर्ण राज्यसभा सीट पर टिकी हुई हैं, जहाँ चुनाव आयोग ने द्विवार्षिक चुनावों का कार्यक्रम घोषित करते हुए सभी प्रक्रियाओं की तारीखों का ऐलान कर दिया है। इस अहम चुनाव में नरेश बंसल का कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त हो रहा है, जिसके बाद उनकी रिक्त हुई सीट के लिए नई प्रक्रिया शुरू की गई है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह चुनाव न केवल उत्तराखंड की सीट के लिए, बल्कि उत्तर प्रदेश की कई सीटों और पश्चिम बंगाल की एक रिक्त सीट के लिए भी एक साथ आयोजित किया जाएगा। इस संयुक्त कार्यक्रम के तहत तीनों राज्यों में मतदान 16 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा, जो राज्यसभा की संरचना में बदलाव के लिए एक अहम मोर्चाबंदी के रूप में देखा जा रहा है।
चुनाव आयोग द्वारा जारी विस्तृत शेड्यूल के अनुसार, निर्वाचन प्रक्रिया की शुरुआत 29 सितंबर को नोटिफिकेशन जारी होने के साथ होगी। इसके बाद उम्मीदवारों के लिए 6 अक्टूबर तक नामांकन पत्र जमा करने का समय दिया गया है, जिसके अगले दिन यानी 7 अक्टूबर को नामांकनों की जांच की जाएगी। 9 अक्टूबर तक नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, 16 अक्टूबर को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा। इस चुनाव का सबसे खास पहलू यह है कि मतगणना भी वही दिन, यानी 16 अक्टूबर को ही शाम 5 बजे से शुरू होगी, जिससे नतीजे तुरंत सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है।
उत्तराखंड के राजनीतिक गलियारों में इस चुनाव को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि राज्यसभा की सीटें अक्सर राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक संतुलन को प्रभावित करने वाले फैसलों का केंद्र बनती हैं। नरेश बंसल के कार्यकाल के समाप्त होने के बाद यह सीट अब पूरी तरह खाली है और नए प्रतिद्वंद्वियों के बीच कड़ी टक्कर को लेकर चर्चाएं जोरों पर हैं। चुनाव आयोग ने इस बार प्रक्रिया को कड़े समयबद्ध ढंग से पूरा करने पर जोर दिया है, ताकि कीमतों की तेजी और अन्य राजनीतिक घटनाक्रमों से बिना किसी देरी के नतीजे घोषित किए जा सकें।
यह चुनाव केवल उत्तराखंड तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल की 11 सीटों के द्विवार्षिक चुनावों का भी हिस्सा है। ऐसे में, इस दिन राजनीतिक दलों की ओर से किए गए प्रचार-प्रसार और वोट बैंक के गणित के नतीजे सामने आने वाले हैं। चुनाव आयोग की घोषणा के बाद अब सभी राजनीतिक आकलनकर्ताओं और पत्रकारों की नज़र 29 सितंबर के नोटिफिकेशन और उसके बाद आने वाले नए चेहरों पर टिकी रहेगी, जो इस अगले सेशन की राजनीतिक चर्चाओं को नई दिशा देंगे।
