हिमाचल प्रदेश के शिमला में 7 सितंबर को एक घर में चोरी की घटना ने दो राज्यों के पुलिस को आपस में जोड़ दिया। स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, चोरों ने जेवरात और नकदी लेकर नेपाल की ओर रुख किया, लेकिन दिल्ली‑नैनीताल हाईवे पर उत्तराखंड के आबकारी विभाग की टीम ने उन्हें रोक दिया। तलाशी के दौरान चोरी का सामान और बड़ी रकम बरामद होने के बाद, विभाग के चार कर्मचारी – दारोगा देवेंद्र कुमार, कांस्टेबल बलजीत सिंह, उपनल कर्मचारी पप्पू लाल और पीएलडी जवान नईम – पर आरोप लगा कि उन्होंने पीड़ितों को डराया‑धमकाया और सामान अपने कब्जे में ले लिये।
घटना के बाद चोरों ने नेपाल पहुँच कर शिमला में चोरी किए गए घर के मालिक को पूरी घटना की जानकारी दी। इस खुलासे ने शिमला पुलिस को मामला उजागर करने में मदद की और जांच का दायरा उत्तराखंड तक विस्तारित हो गया। उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर में स्थित पुलिस ने हिमाचल पुलिस के साथ मिलकर सूचना का आदान‑प्रदान किया और स्थानीय पुलिस की सहायता से चारों आबकारी कर्मचारियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारी के बाद शिमला पुलिस ने उन्हें अपने साथ हिमाचल ले जाकर सदर थाने में 8 सितंबर 2026 को केस दर्ज किया। वर्तमान में इस प्रकरण की जांच बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत चल रही है, जिसमें चोरी, षड्यंत्र और भ्रष्टाचार के आरोप शामिल हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए ऊधम सिंह नगर के जिलाधिकारी ने तुरंत चारों कर्मचारियों के निलंबन का आदेश जारी किया और विभागीय स्तर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई।
प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी महेंद्र सिंह बिष्ट ने पुष्टि की कि गिरफ्तार किए गए चारों को अब हिमाचल पुलिस को सौंप दिया गया है और उत्तराखंड पुलिस तथा संबंधित विभागों ने जांच में पूर्ण सहयोग प्रदान किया है। आगे की कार्यवाही इस बात पर निर्भर करेगी कि जांच के दौरान कौन‑से अतिरिक्त तथ्य सामने आते हैं, जिससे न्यायिक प्रक्रिया के तहत उचित दंड तय किया जा सके।
Original Title: शिमला चोरी केस में उत्तराखंड आबकारी विभाग के 4 कर्मचारी गिरफ्तार, डीएम ने किया सस्पेंड
Original Content: Shimla Theft Case | Rudrapur Police | Excise Department : हिमाचल प्रदेश के शिमला में हुई चोरी के एक मामले की जांच करते हुए पुलिस उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर पहुंची। यहां शिमला पुलिस ने स्थानीय पुलिस की मदद से आबकारी विभाग में तैनात चार कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। इन कर्मचारियों पर चोरी के जेवरात और नकदी को कथित तौर पर अपने कब्जे में लेकर खुर्द-बुर्द करने का आरोप लगाया गया है।
गिरफ्तारी के बाद शिमला पुलिस चारों कर्मचारियों को अपने साथ हिमाचल ले गई…जहां मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। वहीं प्रकरण सामने आने के बाद ऊधम सिंह नगर के जिलाधिकारी के आदेश पर चारों कर्मचारियों को निलंबित भी कर दिया गया है।
7 सितंबर को शिमला में हुई थी चोरी
पुलिस के अनुसार 7 सितंबर को शिमला में एक घर में चोरी की घटना हुई थी। आरोप है कि चोरी करने वाले लोग जेवरात और नकदी लेकर नेपाल जाने की कोशिश में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की तरफ आए थे।
इसी दौरान दिल्ली-नैनीताल हाईवे पर आबकारी विभाग की टीम ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि तलाशी के दौरान चोरी का सामान और नकदी मिलने के बाद कर्मचारियों ने आरोपियों को डराया-धमकाया और जेवरात व पैसे अपने कब्जे में ले लिए।
नेपाल पहुंचकर पीड़ित को बताई पूरी बात
घटना के बाद चोरी में शामिल आरोपी किसी तरह नेपाल पहुंच गए। इसके बाद उन्होंने शिमला में जिस घर में चोरी की थी…वहां के व्यक्ति को कथित तौर पर पूरी घटना की जानकारी दी।
आरोपियों ने बताया कि उत्तराखंड में उन्हें रोका गया था और उनके पास मौजूद चोरी का सामान और नकदी ले ली गई। इसके बाद यह जानकारी शिमला पुलिस तक पहुंची और जांच का दायरा उत्तराखंड तक आया।
जांच के बाद चार कर्मचारियों की गिरफ्तारी
मामले की जांच के दौरान हिमाचल पुलिस ने उत्तराखंड पुलिस से संपर्क किया। दोनों राज्यों की पुलिस ने उपलब्ध जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। जांच में ऊधम सिंह नगर के आबकारी विभाग में तैनात चार कर्मचारियों की भूमिका सामने आने का दावा किया गया।
इसके बाद शिमला पुलिस की टीम रुद्रपुर पहुंची और स्थानीय पुलिस के सहयोग से चारों कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया।
इन कर्मचारियों को किया गया गिरफ्तार
मामले में आबकारी विभाग के दारोगा देवेंद्र कुमार, कांस्टेबल बलजीत सिंह, उपनल कर्मचारी पप्पू लाल और पीएलडी जवान नईम को गिरफ्तार किया गया है।
बताया गया है कि शिमला जिले के सदर थाने में 8 सितंबर 2026 को मामला दर्ज किया गया था। पुलिस इस प्रकरण में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत जांच कर रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए ऊधम सिंह नगर जिलाधिकारी के निर्देश पर चारों कर्मचारियों के निलंबन के आदेश जारी किए गए हैं। विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी महेंद्र सिंह बिष्ट ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि चारों कर्मचारियों को गिरफ्तार करने के बाद हिमाचल पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड पुलिस और संबंधित विभाग की ओर से हिमाचल पुलिस को जांच में सहयोग दिया गया है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।
