उत्तराखंड के विद्यालयी शिक्षा विभाग ने उन सभी शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए राहत की घोषणा की है, जिन्होंने अब तक वार्षिक स्थानांतरण अधिनियम, 2017 की धारा‑27 के तहत आवेदन नहीं किया था। प्रारम्भिक शिक्षा निदेशालय ने जारी किए गए प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि इच्छुक कार्मिक 22 सितंबर 2026 तक केवल आधिकारिक ई‑मेल के माध्यम से अपना आवेदन संबंधित अधिकारियों को भेज सकते हैं। इस आदेश में स्पष्ट किया गया है कि आवेदन‑पत्र निर्धारित प्रारूप में तैयार कर, राज्य शासन को भेजे जाने की प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य होगा।
धारा‑27 का उद्देश्य सामान्य ट्रांसफ़र सीजन की नियमावली से अलग, मानवीय या आपातकालीन परिस्थितियों में शिक्षक‑कर्मचारी को विशेष स्थानांतरण का अधिकार प्रदान करना है। यह प्रावधान तब लागू होता है जब स्वयं या उनके आश्रित (पति/पत्नी/बच्चे) को गंभीर बीमारी, अथवा अन्य अत्यधिक मानवीय एवं विषम पारिवारिक/व्यावहारिक स्थितियों का सामना करना पड़े। ऐसे मामलों में केवल ठोस साक्ष्य, मेडिकल बोर्ड के प्रमाण‑पत्र या वैध कानूनी दस्तावेज़ों के आधार पर ही आवेदन को स्वीकार किया जाता है, और अंतिम निर्णय राज्य सरकार के मुख्य सचिव या सक्षम समिति के पास रहता है।
विभाग ने विस्तृत समय‑सारणी भी प्रकाशित की है। शिक्षक और कर्मचारी अपने आवेदन को संबंधित निदेशक (प्रारम्भिक/माध्यमिक शिक्षा), मंडलीय अपर निदेशक, मुख्य शिक्षा अधिकारी (CEO) या जिला शिक्षा अधिकारी (DEO‑प्रारम्भिक) के निर्धारित ई‑मेल आईडी पर 22 सितंबर 2026 तक भेजें। प्राप्त दस्तावेज़ों की प्राथमिक जांच के बाद उन्हें 27 सितंबर 2026 तक निदेशालय को अग्रसर किया जाएगा, और अंतिम परीक्षण के बाद पूरी सूची एवं दस्तावेज़ 01 अक्टूबर 2026 तक शासन को भेजे जाएंगे।
आवेदन केवल आधिकारिक ई‑मेल के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे; डाक, कूरियर या व्यक्तिगत हार्ड कॉपी को कोई मान्यता नहीं होगी। विभाग ने 13 जिलों—देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, अल्मोड़ा, पौड़ी, टिहरी, उधमसिंह नगर, उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, चम्पावत और बागेश्वर—के CEO और DEO‑प्रारम्भिक की ई‑मेल आईडी की सूची भी विज्ञप्ति में संलग्न की है, ताकि प्रक्रिया पारदर्शी और सुगम बन सके। निदेशक विद्यालयी शिक्षा ने यह भी कहा कि निर्धारित अंतिम तिथि के बाद प्राप्त कोई भी आवेदन विचाराधीन नहीं रहेगा।
Original Title: तबादले का इंतजार कर रहे शिक्षकों के लिए राहत, धारा-27 के तहत मिलेगा एक और मौका
Original Content: उत्तराखंड के विद्यालयी शिक्षा विभाग में कार्यरत उन शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए एक राहत भरी खबर है, जो किन्हीं कारणों से वार्षिक स्थानांतरण अधिनियम की धारा-27 के तहत अब तक आवेदन नहीं कर सके थे। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय, उत्तराखंड ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर ऐसे सभी कार्मिकों को आवेदन का एक अंतिम अवसर प्रदान किया है।
तबादले का इंतजार कर रहे शिक्षकों को मिलेगा एक और मौका
जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, इच्छुक शिक्षक और कर्मचारी आगामी 22 सितंबर 2026 तक केवल आधिकारिक ई-मेल के जरिए अपनी अर्जी संबंधित अधिकारियों के कार्यालयों में भेज कर सकते हैं। आदेश में कहा गया है कि, ‘उत्तराखंड लोक सेवकों के लिए वार्षिक स्थानांतरण अधिनियम, 2017’ की धारा-27 में वर्णित प्रावधानों के अंतर्गत वार्षिक स्थानांतरण के लिए आवेदन-पत्र निर्धारित प्रारूप पर शासन स्तर को भेजे जाने प्रस्तावित हैं। इसके लिए शिक्षा विभाग की ओर से एक विस्तृत समय-सारणी तय की गई है, जिसका पालन करना सभी आवेदकों और संबंधित अधिकारियों के लिए अनिवार्य होगा।
क्या है धारा-27?
तबादला कानून की यह धारा सामान्य ट्रांसफर सीजन के नियमों से हटकर शिक्षकों और कर्मचारियों को मानवीय या गंभीर आपातकालीन आधार पर स्थानांतरण मांगने का विधिक अधिकार और अवसर प्रदान करती है। धारा-27 एक विशेष और अपवाद स्वरूप प्रावधान है। इसके तहत राज्य सरकार के किसी कार्मिक या शिक्षक को गंभीर परिस्थितियों के आधार पर अनिवार्य या सामान्य स्थानांतरण प्रक्रिया के नियमों से छूट या विशेष स्थानांतरण की सुविधा दी जाती है।
यह धारा मुख्य रूप से उन मामलों में लागू होती है जहां शिक्षक या कर्मचारी स्वयं या उनके आश्रित (पति/पत्नी/बच्चे) किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित हों, या कोई अन्य अति-मानवीय व विषम पारिवारिक/व्यावहारिक परिस्थितियां हों। इस धारा के तहत प्राप्त आवेदनों का अंतिम निस्तारण और निर्णय लेने का अधिकार राज्य शासन (मुख्य सचिव/सक्षम स्तर की समिति) के पास होता है। धारा-27 के तहत केवल ठोस साक्ष्यों, मेडिकल बोर्ड के प्रमाण-पत्रों या विधिक दस्तावेजों के आधार पर ही आवेदनों को विचारार्थ स्वीकार किया जाता है।
विभाग द्वारा जारी समय-सारणी
विद्यालयी शिक्षा के अंतर्गत कार्यरत शिक्षक व कर्मचारी संबंधित निदेशक (प्रारम्भिक/माध्यमिक शिक्षा), मंडलीय अपर निदेशक, मुख्य शिक्षा अधिकारी (CEO) अथवा जिला शिक्षा अधिकारी (DEO-प्रारम्भिक) के कार्यालय की निर्धारित ई-मेल आईडी पर 22 सितंबर 2026 तक अपना आवेदन भेज सकते हैं। संबंधित कार्यालयों द्वारा प्राप्त आवेदन-पत्रों की प्राथमिक जांच और परीक्षण के उपरांत उन्हें 27 सितंबर 2026 तक प्रारम्भिक अथवा माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को उपलब्ध कराया जाएगा। निदेशालय स्तर पर आवेदनों का अंतिम परीक्षण करने के बाद पूरी सूची और दस्तावेज 01 अक्टूबर 2026 तक शासन को अग्रसारित कर दिए जाएंगे।
ई-मेल से ही स्वीकार होंगे आवेदन
शिक्षा विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि आवेदन-पत्रों की स्वीकार्यता केवल आधिकारिक ई-मेल के माध्यम से ही होगी। डाक, कूरियर या व्यक्तिगत रूप से दिए गए किसी भी हार्ड कॉपी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा।
शिक्षकों व कार्मिकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने स्थानांतरण संबंधी आवेदन-पत्र को आवश्यक साक्ष्यों एवं प्रमाण-पत्रों सहित अपने विद्यालय या संस्था से विधिवत अग्रसारित (Forward) करवाकर ही निर्धारित ई-मेल आईडी पर प्रेषित करें। यदि किसी शिक्षक ने पूर्व में भी आवेदन किया था, तो उन्हें भी अपनी सुलभता के लिए तय समय-सीमा के भीतर पुनः ई-मेल के माध्यम से आवेदन भेजने का सुझाव दिया गया है।
अधिकारी व जनपदवार ई-मेल आईडी की सूची जारी
विभाग ने प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए सभी निदेशालयों, मंडलीय कार्यालयों और 13 जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों (CEO) व जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO-प्रारम्भिक) की ई-मेल आईडी की सूची भी प्रेस विज्ञप्ति में संलग्न की है। देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, अल्मोड़ा, पौड़ी, टिहरी, उधमसिंह नगर, उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, चम्पावत और बागेश्वर के शिक्षक अपने जिले के निर्धारित मेल पर ही 22 सितंबर से पूर्व आवेदन भेजें। निदेशक विद्यालयी शिक्षा ने ताकीद की है कि निर्धारित अंतिम तिथि के पश्चात प्राप्त होने वाले किसी भी आवेदन पर विचार करना संभव नहीं होगा।
