उत्तराखंड की सिविल सर्विसेज टीम के लिए 30 सितंबर से शुरू होंगे चयन ट्रायल, 20 खेलों में होगी खेलाड़ी टीमों की कड़ी जांच

उत्तराखंड सरकार ने केंद्रीय सिविल सेवा सांस्कृतिक बोर्ड द्वारा आयोजित होने वाली ऑल इंडिया सिविल सर्विसेज प्रतियोगिता में राज्य की प्रतिनिधित्व करने वाली टीम का गठन करने की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से प्रारंभ कर दी है। खेल निदेशालय के अपर निदेशक अजय कुमार अग्रवाल ने सभी जिला क्रीड़ा अधिकारियों को इस संदर्भ में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिनके तहत समयबद्ध तरीके से जनपद स्तरीय और राज्य स्तरीय चयन ट्रायल्स का आयोजन किया जाएगा। इस कड़ी प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए राज्य के शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ी मेहनत करनी होगी, क्योंकि चयन प्रक्रिया में सख्त मानदंड और शारीरिक योग्यता की कड़ी जांच की जाएगी।

चयन प्रक्रिया का पहला चरण 30 सितंबर 2026 और 1 अक्टूबर 2026 को सुबह 9:00 बजे से राज्य के सभी जनपदीय स्टेडियमों में आयोजित किए जाने वाले ट्रायल्स से शुरू होगा। इन ट्रायल्स में एथलेटिक्स, बैडमिंटन, बास्केटबॉल, कैरम, चेस, हॉकी, कबड्डी, लॉन टेनिस, वेटलिफ्टिंग, पावर लिफ्टिंग, वेस्टफिजिक्स, तैराकी, वॉलीबॉल, टेबल टेनिस, कुश्ती, खो-खो और योग (पुरुष व महिला वर्ग) सहित कुल 17 विधाओं के साथ-साथ क्रिकेट और फुटबॉल (केवल पुरुष वर्ग) के लिए अलग से चयन किया जाएगा। जनपद स्तर पर गठित चयन समिति में जिलाधिकारी या उनके द्वारा नामित अधिकारी अध्यक्ष के रूप में बैठेंगे, जबकि जिला क्रीड़ा अधिकारी संयोजक/सदस्य के रूप में और उपक्रीड़ा अधिकारी/सहायक प्रशिक्षक सदस्य के रूप में अपनी भूमिका निभाएंगे। स्थानीय स्तर पर विख्यात खिलाड़ी या नामित पदाधिकारी भी इस समिति का हिस्सा होंगे।

जनपद स्तर पर चयन समिति द्वारा चयनित खिलाड़ियों की सूची ही अगले चरण के लिए मान्य होगी। राज्य स्तरीय चयन ट्रायल्स 7 और 8 अक्टूबर 2026 को सुबह 9:00 बजे से आयोजित किए जाएंगे, जहां से अंतिम टीम का चयन किया जाएगा। नियमों के अनुसार, एक कार्मिक किसी भी वित्तीय या कैलेंडर वर्ष में केवल एक ही खेल विधा में हिस्सा ले सकता है, जिसके लिए उसे घोषणा पत्र देना अनिवार्य होगा। हालांकि, उन्हीं खिलाड़ियों को अपवाद के तौर पर दो खेलों के लिए चुना जा सकता है, जिन्होंने पहले से ही राज्य स्तर या अंतर-विश्वविद्यालय प्रतियोगिताओं में विशिष्ट स्तर हासिल किया हो।

प्रतियोगिता में शामिल होने वाले कर्मचारियों को अपने विभागीय अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC), विभागीय आईडी कार्ड, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और पंजीकृत चिकित्सक द्वारा प्रमाणित स्वास्थ्य प्रमाण पत्र जमा करना होगा। खेल निदेशालय ने अनुशासन की सख्तियत भी कोरई रखी है; यदि किसी खिलाड़ी, प्रशिक्षक या मैनेजर के आचरण के विरुद्ध शिकायत मिलती है, तो उसे आगामी तीन वर्षों के लिए प्रतियोगिताओं से प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। इसके अलावा, किसी भी निलंबित या विभागीय कार्यवाही का सामना कर रहे कर्मचाרי के आवेदन पर विचार ही नहीं किया जाएगा, जो यह दर्शाता है कि खेल के साथ-साथ चरित्र और अनुशासन भी चयन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है।