उत्तर प्रदेश के मेरठ में सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में न्यायालय ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया। जिला जज अरविंद कुमार मिश्र की अध्यक्षता वाली अदालत ने 30 सितंबर को साहिल शुक्ला और मुस्कान रस्तोगी को हत्या के आरोप में दोषी ठहराते हुए, दोनों को मृत्युदंड की सजा दी। यह निर्णय बुधवार को वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से सुनाया गया, जहाँ दोनों आरोपियों को जिला जेल से अदालत में पेश किया गया। सजा सुनाने से पहले जज ने उनके स्वास्थ्य, जेल में रहने की परिस्थितियों और दिनचर्या पर विस्तृत पूछताछ की, फिर उन्हें फांसी की सजा देने का अंतिम आदेश दिया।
सौरभ राजपूत, मेरठ के ब्रह्मपुरी क्षेत्र के इंद्रानगर निवासी, 2016 में गौरीपुरा की मुस्कान रस्तोगी से प्रेम विवाह कर चुके थे। 2019 में पारिवारिक मतभेदों के कारण दोनों अलग रहना शुरू कर दिया और उसी वर्ष मुस्कान ने अपनी बेटी पीहू को जन्म दिया, जो अब अपने नाना‑नानी के साथ रहती है। इस बीच, मुस्कान ने अपने स्कूल के पुराने सहपाठी, इंद्रानगर के रहने वाले साहिल शुक्ला से पुनः संपर्क स्थापित किया। सौरभ के विदेश यात्रा के दौरान साहिल और मुस्कान के बीच संबंध गहरा हो गया।
24 फरवरी 2025 को सौरभ की हत्या की साजिश रची गई और 3 मार्च की रात उसे मार दिया गया। हत्या के बाद उसका शरीर टुकड़ों में काटकर सीमेंट से भरे नीले ड्रम में छिपा दिया गया। हत्या के बाद साहिल और मुस्कान हिमाचल प्रदेश की यात्रा पर चले गए; 17 मार्च को लौटने के बाद 18 मार्च को मामला उजागर हुआ। पुलिस ने 19 मार्च को दोनों को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया, और ड्रम से सौरभ के शव के साथ ही प्रमुख सबूत इकट्ठे किए।
सौरभ की माँ रेणू और भाई बबलू ने अदालत से कड़ी सजा की मांग की, जबकि जिला शासकीय अधिवक्ता केके चौबे ने भी मृत्युदंड की वकालत की। परिवार ने स्पष्ट कर दिया था कि यदि न्याय उनकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता, तो वे हाईकोर्ट का रुख करेंगे। अब यह मामला उच्च न्यायालय में अपील के साथ आगे बढ़ेगा, जिससे न्याय के अंतिम चरण की प्रतीक्षा जारी है।
Original Title: सौरभ राजपूत हत्याकांड में साहिल-मुस्कान को फांसी, अदालत ने सुनाया फैसला
Original Content: Meerut News | Saurabh Rajput Murder Case | Crime News : उत्तर प्रदेश के मेरठ में सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत ने साहिल शुक्ला और मुस्कान रस्तोगी को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। जिला जज अरविंद कुमार मिश्र की अदालत ने बुधवार को यह फैसला सुनाया। इससे पहले 30 सितंबर को अदालत ने दोनों को हत्या के मामले में दोषी ठहराया था।
सुनवाई के दौरान दोनों दोषियों को जिला जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किया गया। सजा सुनाने से पहले न्यायाधीश ने उनके स्वास्थ्य और जेल में उनकी दिनचर्या के बारे में जानकारी ली। इसके बाद दोनों को मृत्युदंड देने का फैसला सुनाया गया।
मामले में सौरभ की मां रेणू और भाई बबलू ने अदालत से दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की थी। जिला शासकीय अधिवक्ता केके चौबे ने भी अदालत में दोनों के लिए मृत्युदंड की मांग रखी थी। परिवार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि यदि फैसला उनकी अपेक्षा के अनुरूप नहीं आया, तो वे हाईकोर्ट का रुख करेंगे।
सौरभ राजपूत मेरठ के ब्रह्मपुरी क्षेत्र स्थित इंद्रानगर के निवासी थे। वर्ष 2016 में उन्होंने गौरीपुरा की रहने वाली मुस्कान रस्तोगी से प्रेम विवाह किया था। वर्ष 2019 में पारिवारिक विवाद के बाद दोनों अलग रहने लगे थे। इसी साल मुस्कान ने बेटी पीहू को जन्म दिया…जो फिलहाल अपने नाना-नानी के साथ रहती है।
इस दौरान मुस्कान की मुलाकात अपने स्कूल के पुराने सहपाठी साहिल शुक्ला से हुई। साहिल भी इंद्रानगर का निवासी था। सौरभ के विदेश जाने के बाद दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गईं।
मामले में सामने आए घटनाक्रम के मुताबिक, सौरभ के विदेश से लौटने के बाद 24 फरवरी 2025 को उनकी हत्या की साजिश रची गई। तीन मार्च की रात सौरभ की हत्या कर दी गई। इसके बाद शव के टुकड़े करके उन्हें सीमेंट से भरे नीले ड्रम में छिपा दिया गया।
वारदात के बाद साहिल और मुस्कान हिमाचल घूमने चले गए। 17 मार्च को उनके लौटने के बाद अगले दिन यानी 18 मार्च को हत्याकांड का खुलासा हुआ। पुलिस ने 19 मार्च को दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस को उनकी निशानदेही पर ड्रम से सौरभ का शव मिला था।
पुलिस ने मामले की जांच पूरी कर अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया था। मुकदमे की सुनवाई के बाद 30 सितंबर को अदालत ने साहिल शुक्ला और मुस्कान रस्तोगी को हत्या का दोषी माना। इसके बाद बुधवार को सजा पर सुनवाई करते हुए दोनों को मृत्युदंड देने का फैसला सुनाया गया।
