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पौड़ी जिले के डोभ श्रीकोट के रहने वाले अंकिता भंडारी, जो ऋषिकेश के पास स्थित वनत्रा रिसॉर्ट में काम करती थीं, को सितंबर 2022 में हत्या कर दी गई थी। रिसॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य तथा दो अन्य आरोपी, सौरभ भास्कर और अंकित, को गिरफ्तार कर लिया गया और बाद में अदालत ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। मुकदमे के दौरान कथित वीआईपी की भूमिका पर सवाल उठते रहे, जिसे लेकर परिवार ने गहरा आघात महसूस किया।
इस पृष्ठभूमि में, अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी और माँ सोनी देवी ने दिल्ली के इंडिया गेट के पास धरना दिया, यह मांग करते हुए कि सीबीआई द्वारा जांच पूरी होने तक कथित वीआईपी की नियुक्ति पर रोक लगाई जाए। परिवार का कहना है कि इस नियुक्ति की खबर ने उन्हें और उनके दुःख को और भी गहरा कर दिया, जिससे माँ सोनी देवी पूरी रात रोती रहीं। उन्होंने राष्ट्रपति से भी अपील की कि सीबीआई की जांच के समाप्त होने तक वीआईपी की नियुक्ति न की जाए।
धरने की सूचना मिलने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी अंकिता के माता‑पिता से मिलने पहुंचे। राहुल गांधी ने परिवार से मुलाकात के दौरान उन्हें न्याय की लड़ाई में हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया और कहा कि वे इस कठिन समय में उनके साथ खड़े हैं। परिवार ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी सीबीआई से जांच कराने की सिफारिश की थी, और उस समय कहा गया था कि जांच में कथित वीआईपी की भूमिका पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
अंकिता के माता‑पिता अब चाहते हैं कि पूरी जांच पूरी होने तक कथित वीआईपी की नियुक्ति पर रोक कायम रहे, ताकि न्याय का पूरा मार्ग स्पष्ट और पारदर्शी हो सके। यह माँ‑पिता का संघर्ष, दिल्ली के प्रतीकात्मक इंडिया गेट पर, उनके गहरे दुख और न्याय की अथक खोज का प्रतीक है।
