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देहरादून में प्राथमिक शिक्षकों ने नौ‑सूत्रीय मांगों पर सरकार को कूच किया

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में शनिवार को सुबह के समय एक विशाल रैली का दृश्य देखा गया, जहाँ उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ (UTPS) के बैनर तले जुटे प्राथमिक शिक्षक अपने नौ‑सूत्रीय माँगों को लेकर मुख्यमंत्री आवास के कार्यालय के सामने कूच करने के लिए एकत्र हुए। यह प्रदर्शन उन शिक्षकों का सामूहिक आक्रोश है, जिन्होंने कई महीनों से अपने मुद्दों को सरकार के समक्ष रखे, परंतु किसी ठोस समाधान का इंतज़ार करते‑करते निराशा की हद पार कर ली। रैली में शांति बनाए रखने वाले पुलिस बल ने भी प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्ण ढंग से आगे बढ़ने की अनुमति दी, जिससे सड़कों पर कोई हिंसा या बाधा नहीं बनी।

शिक्षकों की प्रमुख माँगों में टीईटी (Teacher Eligibility Test) से जुड़े प्रावधानों को निरस्त करना और पहले की पेंशन योजना को पुनः लागू करना शामिल है। वे यह भी चाहते हैं कि अब से उन्हें शैक्षणिक कर्तव्यों के अतिरिक्त गैर‑शैक्षणिक कार्यों से मुक्त किया जाए, जिससे उनका समय केवल पढ़ाने‑लिखाने में ही लगा रहे। इसके अलावा, वे गोल्डन कार्ड की अनियमितताओं को समाप्त करने, हिमालयी राज्यों के मॉडल के अनुरूप ‘शिक्षा मित्र’ कार्यक्रम को नियमित करने तथा पूरे सेवा काल में एक बार गृह जनपद में स्थानांतरण का अवसर देने की भी माँग कर रहे हैं। इन सभी बिंदुओं को वे मानते हैं कि साकार करने से न केवल उनके कार्यभार में राहत मिलेगी, बल्कि शिक्षा के गुणात्मक स्तर में भी सुधार होगा।

शिक्षकों का कहना है कि उन्होंने कई बार सरकार, शिक्षा मंत्री और विभिन्न प्राधिकरणों के समक्ष अपनी समस्याएँ रखी, परंतु वार्तालाप के बाद भी कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। कई बार हुई बैठकों में केवल सतही आश्वासनों तक सीमित रहा, जिससे शिक्षकों में निराशा गहरी हो गई। इस कारण, उन्होंने अंततः रैली और कूच को अपना अंतिम उपाय माना, यह स्पष्ट करते हुए कि यदि उनके मुद्दों को गंभीरता से नहीं सुना गया, तो आगे भी ऐसे प्रदर्शन होते रहेंगे।

प्रदर्शन के बाद, मुख्यमंत्री आवास के कार्यालय ने एक बयान जारी कर, शिक्षकों की माँगों पर विचार करने और शीघ्र ही समाधान निकालने का वादा किया। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र में सुधार हेतु सभी संबंधित पक्षों के साथ मिलकर काम करेगी, और इस दिशा में आवश्यक कदम उठाएगी। हालांकि, शिक्षकों ने इस आश्वासन को अभी तक ठोस कार्रवाई में बदलते नहीं देखा है, जिससे इस संघर्ष की निरंतरता की संभावना बनी हुई है।

Original Title: देहरादून में शिक्षकों का प्रदर्शन, नौ सूत्रीय मांगों को लेकर किया सीएम आवास कूच

Original Content: उत्तराखंड में प्राथमिक शिक्षकों का आक्रोश अब सड़कों पर उतर आया है। नौ सूत्रीय मांगों को लेकर शनिवार को राजधानी देहरादून में उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षकों ने महाआक्रोश रैली निकाली और मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच किया।

देहरादून में शिक्षकों का प्रदर्शन

शिक्षकों ने टीईटी से जुड़े प्रावधानों को वापस लेने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने और शिक्षण कार्य के अतिरिक्त गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्ति देने समेत कई मांगें उठाई। शिक्षकों का कहना है कि लंबे समय से सरकार के सामने अपनी मांगें रखने के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है, जिससे उनमें नाराजगी बढ़ती जा रही है।

ये है मांगें

शिक्षकों की नौ सूत्रीय मांगों में टीईटी से जुड़े प्रावधानों को वापस लेने और पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग प्रमुखता से शामिल है। शिक्षकों का कहना है कि टीईटी से संबंधित प्रावधानों को लेकर उनके बीच असमंजस और चिंता की स्थिति बनी हुई है। इसके साथ ही उन्होंने शिक्षकों से शिक्षण कार्य के अलावा दूसरे गैर-शैक्षणिक कार्य नहीं कराए जाने की मांग उठाई।

शिक्षकों ने गोल्डन कार्ड की विसंगतियों को दूर करने, हिमालयी राज्यों की तर्ज पर शिक्षा मित्रों को नियमित करने और पूरे सेवाकाल में एक बार गृह जनपद में स्थानांतरण का अवसर देने की मांग भी रखी। उनका कहना है कि इन मांगों का समाधान होने से शिक्षकों को राहत मिलेगी और वे बेहतर तरीके से अपने शैक्षणिक दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे।

समाधान नहीं निकलने से नाराज हैं शिक्षक

शिक्षकों का आरोप है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर सरकार और शिक्षा मंत्री के समक्ष अपनी बात रख रहे हैं। इस दौरान कई दौर की वार्ताएं भी हुईं, लेकिन इसके बावजूद उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं निकल पाया। शिक्षकों का कहना है कि बार-बार मांगें उठाने के बाद भी ठोस निर्णय नहीं होने से उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
Khabar Uttarakhand – Uttarakhand News.

admin सत्यापित पत्रकार

आधिकारिक पत्रकार एवं विशेष संवाददाता।