6 नवंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उत्तराखंड भ्रमण के साथ राजधानी देहरादून में एक नया अध्याय खुलने वाला है। यह दौरा केवल एक साधारण राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राज्य के भविष्य के लिए एक मोड़ साबित होने जा रहा है, क्योंकि इस अवसर पर 1500 करोड़ रुपये से अधिक की महत्वाकांक्षी विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस दौरे को राज्य के विकास की रफ्तार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया है। गृह मंत्री का यह आगमन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के उत्तराखंड से विशेष और गहरे संबंधों को दर्शाता है, जिनके सहयोग से प्रदेश ने पिछले कुछ वर्षों में कई ऐतिहासिक फैसले और विकास कार्यों को गति प्रदान की है।
देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित होने वाले यह कार्यक्रम भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत हो रहा है। पार्टी ने दावा किया है कि देहरादून, ऋषिकेश, देहरादून ग्रामीण और हरिद्वार से 25 हजार से अधिक कार्यकर्ता जनसभा में उपस्थित होंगे। भाजपा संगठन और जिला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है, जिसके अंतर्गत गुरुवार को मुख्यमंत्री धामी और प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने स्थल का निरीक्षण कर मंच, सुरक्षा और बैठक व्यवस्था की समीक्षा की। अमित शाह दोपहर 12 बजे परेड ग्राउंड पहुंचकर पदयात्रा का नेतृत्व करेंगे और इसके बाद जनसभा को संबोधित करेंगे, जहां वे उपस्थित जनसमूह से देश और प्रदेश की स्थिति पर बात करेंगे।
जनसभा के बाद, अमित शाह रेसकोर्स स्थित पुलिस लाइन में आयोजित होने वाले एक अत्यंत सम्मानजनक राजकीय कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। इस अवसर पर उत्तराखंड पुलिस बल को ‘राष्ट्रपति पुलिस कलर’ प्रदान किया जाएगा, जो भारतीय पुलिस सेवा के लिए एक विशिष्ट और मान्यता प्राप्त सम्मान है। यह घटनाक्रम उत्तराखंड पुलिस के लिए गर्व का पल होगा, जो उनके कर्तव्य निष्पक्षता और सेवा भाव को राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार करने का प्रतीक है। इस समारोह की उपस्थिति से राज्य में पुलिस शक्ति और भरोसे को एक नई ऊंचाई मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
गृह मंत्री के इस ऐतिहासिक दौरे की सुरक्षा और सफलता के लिए पुलिस प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं। परेड ग्राउंड के आसपास के क्षेत्र को ‘जीरो जोन’ घोषित किया गया है, जबकि जनसभा के दौरान रोजगार तिराहे से सीजेएम तिराहे और लैंसडाउन चौक तक वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद रहेगी। शहर के कई प्रमुख मार्गों पर रूट डायवर्जन लागू किया गया है और वीवीआईपी क्षेत्र में ड्रोन उड़ाने पर कड़ी रोक है। पुलिस अधिकारियों ने सभी कर्मियों को पहचान पत्र साथ रखने और ड्यूटी के दौरान मोबाइल फोन का उपयोग न करने के निर्देश दिए हैं।
धनतेरस की खरीदारी के मौसम में भी यातायात व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिस ने विशेष योजना बनाई है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे घर से निकलने से पहले निर्धारित रूट प्लान की जानकारी अवश्य लें ताकि सफर में किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े। यह दौरा न केवल राजनीतिक समर्पण का प्रदर्शन होगा, बल्कि उत्तराखंड के बुनियादी संरचना और सार्वजनिक सुरक्षा दोनों के क्षेत्रों में नई उड़ान भरने का संकेत भी देगा, जिससे प्रदेश के विकास के मार्ग में एक कृतिवृत्त (new dimension) जुड़ने की संभावना मजबूत होती दिख रही है।
