रंगदारी, जमीन कब्जा सत्ता पक्ष का दबाव,या दबंगई अवैध वसूली आखिर क्या है पूरा मामला पार्षद प्रमोद शर्मा बनाम चन्द्र प्रकाश यादव

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रुद्रपुर -(एम सलीम खान ब्यूरो) पिछले कुछ दिनों से शहर में एक मामले ने मीडिया सुर्ख़ियां बटोर रहा है, हालांकि इस पूरे मामले में अब तक मीडिया एक तरफा मामले को हवा दे रही थी लेकिन कल जब इस पूरे मामले को लेकर दोनों पक्षों से विवादों पर बातचीत कर इस मामले का पोस्टमार्टम किया गया तो जो तथ्य सामने आए उन्हें सुनकर मीडिया के रोंगटे खड़े हो गए और दोनों पक्षों ने जमकर एक दूसरे पर संगीन लक्षन लगाए हैं, इस पूरे मामले में अभी तक पुलिस ने कोई सटीक जवाब नहीं दिया है हा पुलिस इस मामले की जांच पड़ताल कर रही है।

पार्षद प्रमोद शर्मा और चन्द्र प्रकाश यादव के बीच चल रहा विवाद

यहां पूरा मामला वार्ड नंबर 16 के भाजपा पार्षद प्रमोद शर्मा और इसी वार्ड के रहने वाले चन्द्र प्रकाश यादव और उनके परिवार के बीच पिछले डेढ़ साल से चल रहा है पार्षद प्रमोद शर्मा ने चन्द्र प्रकाश यादव के परिवार के खिलाफ रुद्रपुर कोतवाली में एक तहरीर देकर आरोप लगाया था कि चन्द्र प्रकाश यादव के पुत्र और खुद चन्द्र प्रकाश यादव पार्षद प्रमोद शर्मा और उनके परिवार को डरा धमकाकर उनसे 40 लाख रुपए की रंगदारी मांग रहे हैं इस मामले में शर्मा ने पुलिस को तहरीर भी दी, पुलिस ने उनकी इस तहरीर पर तफ्तीश शुरू की और चन्द्र प्रकाश यादव को पूछताछ के लिए बुलाया तो उन्होंने अपनी सफाई देते हुए पुलिस को इस मामले को पूरी तरह से फर्जी बताया दर असल चन्द्र प्रकाश यादव की आयु करीब 62 वर्ष है और वो एक वृद्ध अवस्था के सिटीजन व्यक्ति हैं, और पिछले लंबे दशकों से इसी वार्ड में अपने परिवार के साथ रह रहे हैं और एक अच्छा कारोबार करते हैं,उनका कहना है कि भाजपा के पार्षद प्रमोद शर्मा उनके पास मौजूद पट्टे की जमीन पर बुरी नजर रखते हैं और जमीन पर कब्जा करने के मकसद से उनके परिवार के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कराने का प्रयास कर रहे हैं ताकि मेरा परिवार दहशत में आकर इस जमीन पर उन्हें कब्जा दे लेकिन सरकारी कारिंदे में यह जमीन उनके नाम पर दर्ज है जिसके तमाम दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं, इस परिवार ने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रमोद शर्मा का भाई मन्नू शर्मा एक अपराधिक छवि का व्यक्ति हैं और इसके अलावा प्रमोद शर्मा के बेहद गुंडा प्रवृत्ति के लोगों से संबंध है और इस परिवार के हत्या और हत्या करने के प्रयास के बहुत से मामले दर्ज हैं आरोपी हैं रुद्रपुर में सम्प्रदायिक दंगों में भी शर्मा परिवार की अहम भूमिका रही है और सरकारी जमीनों को सिर्फ स्टाम्प पेपर पर धड़ल्ले से बेचा जा रहा है और सरकार और प्रशासन को लाखों रुपए के राजस्व की हानि पहुंचाने का काम किया जा रहा, वहीं चन्द्र प्रकाश यादव के मुताबिक पार्षद प्रमोद शर्मा और उनके परिवार के अन्य सदस्यों का रिकॉर्ड अच्छा नहीं है बल्कि सत्ता पक्ष का दबाव बना कर गैर कानूनी तरीके से सरकारी जमीनों को खुर्द-बुर्द करने का काम किया जा रहा है।

अब बात करते हैं पार्षद प्रमोद शर्मा की जिन्होंने चन्द्र प्रकाश यादव के परिवार को कही यह बातें

भाजपा के पार्षद प्रमोद शर्मा का कहना है कि शांति कालोनी में शनिवार की देर रात उनके भाई पवन शर्मा पर कुछ लोगो ने फायर झोंक दिया इस फायरिंग में उनके भाई पवन शर्मा बाल बाल बच गए बकौल शर्मा के इस मामले की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई सारे मामले की जानकारी ली और मौके से कारतूस के खोखे बरामद किए और उन्होंने इस मामले में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई इस रिपोर्ट में कहा गया कि 40 लाख रुपए की रंगदारी न देने के बाद उनके भाई पवन शर्मा को जान से मारने की नियत से फायर झोंक गया था पुलिस ने इस मामले में जांच पड़ताल शुरू कर दी है प्रमोद शर्मा का कहना है कि पुलिस ने इस मामले मामूली धाराओं में मुकदमा दर्ज किया पार्षद प्रमोद शर्मा अपने वार्ड के लोगों को साथ लेकर रुद्रपुर कोतवाली में कोतवाल मनोज रतूड़ी से मुलाकात करने पहुंचे और उन्होंने इस मामले में हत्या का प्रयास करने का मामला दर्ज करने की वकालत की और इस मामले से जुड़े आरोपियों को गिरफतार करने की मांग करने लगे प्रमोद शर्मा का आरोप है कि शांति कालोनी में जमीनी की खरीद फरोख्त करते हैं और इसी से उनके परिवार की आजीविका चलती है इसी कालोनी के रहने वाले चन्द्र प्रकाश यादव पुत्र मिढाई लाल और उनके बेटे हृदय प्रकाश यादव, उर्फ भीम राम प्रकाश यादव पिन्कू रजत प्रकाश यादव उर्फ गुड्डू कृष्ण प्रकाश यादव उर्फ लल्ला यादव कालोनी में अपनी दबंगई का राज स्थापित करना चाहते हैं बकौल शर्मा के लल्ला यादव ने जनपद रामपुर उत्तर प्रदेश के थाना बिलासपुर में एक हत्या को अंजाम दिया था इस मामले में बिलासपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया था और उसकी गिरफ्तारी भी हुई थी उस दौरान भी गिरफ्तारी से बचने के लिए उक्त व्यक्ति ने पुलिस पर फायरिंग की थी जिसके बाद उसे कोर्ट से जमानत मिल गई थी और रिहाई के बाद लल्ला यादव और राम प्रकाश यादव ने अपने भाईयों को साथ मिलकर एक राय होकर एक षड्यंत्र के तहत हत्या करने का प्रयास किया और दबंगई दिखाते हुए भय का माहौल पैदा किया है जिससे उनकी गुड़ाई क़ायम रहें।

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