चतुर्थ केदार रुद्रनाथ मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद करने की तिथि अब आधिकारिक रूप से तय हो गई है। पौराणिक परम्पराओं और पंचांग गणना के अनुसार, रक्षकबंधन के पावन पर्व पर यह निर्णय लिया गया कि मंदिर के कपाट 17 अक्टूबर 2026 को बंद हो जाएंगे।
मुख्य पुजारी हरीश भट्ट के अनुसार, ज्योतिषीय गणनाएँ दर्शाती हैं कि उसी दिन सायं 7 बजकर 47 मिनट पर सूर्य तुला राशि में प्रवेश करेगा, जिससे कार्तिक संक्रांति के साथ कपाट बंदी की प्रक्रिया शुरू होगी।
रुद्रनाथ मंदिर, जो हिमालय की ऊँची चोटियों के बीच स्थित है, भगवान शिव के ‘एकानन स्वरूप’ की पूजा के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ की आध्यात्मिक ऊर्जा, प्राकृतिक सौंदर्य और रहस्यमयी दिव्यता विश्वभर में मान्य है।
इस घोषणा के बाद भक्तों को यह स्पष्ट हो गया है कि शीतकालीन अवकाश के दौरान वे कब तक दर्शन कर सकते हैं।
