राखी के पावन अवसर पर सुबह ही भद्रकाली, उत्तराखंड में दो चचेरे भाई, शुभम (२४) और ऋषभ (२२) ने एक-दूसरे की कलाई पर राखी बांध कर जीवन भर की सुरक्षा का वचन दिया। यह भावनात्मक क्षण स्थानीय मंदिर के पास आयोजित एक छोटे समारोह में हुआ, जहाँ रिश्तेदारों और मित्रों ने उनके बंधन को सराहा।
परन्तु उसी दिन शाम को एक घातक बस दुर्घटना में दोनों की जान चली गई। उत्तराखंड परिवहन विभाग के अनुसार, दोपहर के बाद भद्रकाली के निकट एक बस तेज मोड़ से फिसल कर बगल में खड़ी गाड़ी से टकरा गई, जिससे कई यात्रियों को घाव हुए और दो युवा यात्रियों—शुभम और ऋषभ—की मृत्यु हो गई।
परिवार ने बताया कि वे दोनों रक्षाबंधन के बाद घर लौटने के लिए बस में सवार हुए थे। “राखी के बंधन के बाद हमने उन्हें हमेशा की तरह एक-दूसरे की रक्षा करने का वचन दिया था, पर भाग्य ने हमें इस तरह का आँसू भरा मोड़ दिया,” परिवार के एक सदस्य ने आँसू भरी आवाज़ में कहा।
स्थानीय प्रशासन ने दुर्घटना स्थल पर त्वरित कार्रवाई की और मलबे को साफ़ कर दिया। पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है, जबकि अस्पताल में घायल यात्रियों को प्राथमिक उपचार दिया गया।
रिश्तेदारों और मित्रों ने इस दुखद घटना को “राखी के पावन बंधन के साथ शुरू हुई खुशी का अचानक अंत” कहा। रिषिकेश और आसपास के शहरों में इस शोक को साझा किया जा रहा है, जहाँ लोग इस दो युवा जीवन की अचानक समाप्ति पर शोक व्यक्त कर रहे हैं।
यह त्रासदी रक्षाबंधन के त्योहारी माहौल को धुंधला कर देती है, लेकिन साथ ही जीवन की अनिश्चितता और भाई-बहन के बंधन की महत्ता को और भी गहराई से याद दिलाती है।


