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70 किलोमीटर अल्ट्रा रन से
स्थानीय संस्कृति और ग्रामीण पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

अविकल उत्तराखण्ड
देहरादून। बीते साल से धामी सरकार आदि कैलाश परिक्रमा रन और नीति अल्ट्रा एक्सट्रीम रन को वार्षिक आयोजन के रूप में स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है। इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए आदि कैलाश परिक्रमा रन के दूसरे संस्करण की तैयारियों को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल ने कहा कि सीएम के विशेष निर्देश पर आदि कैलाश परिक्रमा रन का दूसरा संस्करण 24 और 25 अक्टूबर, 2026 को नई ऊर्जा और व्यापक जनसहभागिता के साथ आयोजित किया जाएगा।
बैठक में पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी आशीष भट्टगाई, कुमाऊं मंडल विकास निगम के प्रबंध निदेशक विनीत तोमर, जिला पर्यटन विकास अधिकारी पिथौरागढ़, जिला पर्यटन विकास अधिकारी नैनीताल तथा उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड के उप निदेशक सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में पर्यटन सचिव ने जिला प्रशासन द्वारा की जा रही तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए प्रस्तावित उच्च हिमालयी अल्ट्रा मैराथन के आयोजन, मार्ग निर्धारण, विभिन्न श्रेणियों और आवश्यक व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि इस वर्ष प्रतियोगिता में 70 किलोमीटर अल्ट्रा रन श्रेणी को भी शामिल किया जाएगा, जिससे यह आयोजन देश के प्रमुख अल्ट्रा मैराथन आयोजनों में और अधिक महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त करेगा।
उन्होंने निर्देश दिए कि खिलाड़ियों के सत्यापन और प्रतियोगिता के मानकों को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी तथा भारतीय एथलेटिक्स महासंघ के मानकों के अनुरूप आवश्यक सत्यापन प्रक्रिया अपनाई जाए।
पर्यटन सचिव ने जिलाधिकारी पिथौरागढ़ को भारतीय सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर विस्तृत तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने चिकित्सकों, चिकित्सा सहायकों और पैरामेडिकल कर्मियों की उपलब्धता, सुरक्षा प्रबंधन, आपदा प्रतिक्रिया व्यवस्था तथा पूरे मार्ग पर आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए संयुक्त कार्ययोजना तैयार करने को कहा। इस पर जिलाधिकारी ने बताया कि जिला स्तर पर भारतीय सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के साथ समन्वय बैठक 27 जुलाई को प्रस्तावित है।
जिलाधिकारी ने बैठक में जानकारी दी कि आयोजन क्षेत्र में वर्तमान में लगभग 1,400 बिस्तरों की आवासीय क्षमता उपलब्ध है। इस पर पर्यटन सचिव ने वर्तमान और संभावित आवासीय क्षमता का आकलन करने के लिए पुनः वहन क्षमता (कैरिंग कैपेसिटी) का अध्ययन कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने जिला पर्यटन विकास अधिकारी, पिथौरागढ़ को प्रस्तावित मार्ग का शीघ्र निरीक्षण कर विभिन्न श्रेणियों के मार्गों का अंतिम निर्धारण करने के निर्देश दिए। साथ ही जलपान केंद्र, चिकित्सा सहायता केंद्र, शौचालय, विश्राम स्थल तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं का चिन्हांकन समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में पूरे मार्ग पर इंटरनेट संपर्क व्यवस्था का व्यापक परीक्षण कराने तथा जहां आवश्यकता हो वहां दूरसंचार एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर नेटवर्क व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि प्रतिभागियों, आयोजन टीम और सुरक्षा एजेंसियों को निर्बाध संचार सुविधा उपलब्ध हो सके।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष आयोजन का विशेष फोकस वाइब्रेंट विलेज योजना के अंतर्गत आने वाले गांवों की सांस्कृतिक विरासत, स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी, ग्राम प्रतिनिधियों की सहभागिता, सामुदायिक भोज, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और स्थानीय परंपराओं के माध्यम से क्षेत्र की विशिष्ट पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करना होगा।
उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध और उच्च गुणवत्ता वाली तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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