राज्य के मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने बुधवार को सचिवालय में एक महत्त्वपूर्ण बैठक का संचालन किया, जिसमें प्रदेश के युवाओं को विदेशी भाषाओं में निपुण बनाने और उन्हें वैश्विक रोजगार के नए द्वार खोलने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने का निर्णय लिया गया। इस बैठक में शिक्षा, कार्मिक, वित्त और कौशल विकास एवं सेवा नियोजन (SKILL) विभागों के प्रमुखों को आमंत्रित किया गया और सभी संबंधित विभागों को समन्वय स्थापित कर एक समग्र प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया गया। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि विदेशी भाषा प्रशिक्षण को केवल एक अतिरिक्त पाठ्यक्रम नहीं, बल्कि व्यापक कौशल विकास कार्यक्रम के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे स्कूल‑स्तर के छात्र, आईटीआई प्रशिक्षु, चिकित्सा एवं नर्सिंग क्षेत्र के aspirants और अन्य इच्छुक युवा सभी को लाभ पहुँचे।
भाषा प्रशिक्षण के लिए गुणवत्तापूर्ण पाठ्यक्रम तैयार करने के साथ-साथ इसे प्रत्यक्ष एवं ऑनलाइन दोनों मोड में संचालित करने की योजना भी सामने रखी गई। शिक्षा विभाग को निर्देश दिया गया कि उत्तराखण्ड के सभी अटल उत्कृष्ट विद्यालयों और राजीव नवोदय विद्यालयों में अंग्रेजी के साथ-साथ फ्रेंच, जर्मन, स्पेनिश आदि प्रमुख विदेशी भाषाओं के प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएँ। इसके अतिरिक्त, कौशल विकास एवं सेवा नियोजन कार्यालय को वर्तमान में देहरादून, अल्मोड़ा और बागेश्वर में चल रहे विदेशी भाषा कार्यक्रमों को प्रदेशभर में विस्तारित करने, तथा हर जिले में प्रशिक्षण केंद्र खोलने का आदेश दिया गया। इन केंद्रों को मौजूदा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के साथ एकीकृत कर, मानकीकृत सिलेबस और प्रमाणपत्र प्रदान करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
मुख्य सचिव ने दून विश्वविद्यालय के विदेशी भाषा अध्ययन करने वाले छात्रों की सेवाओं को इस पहल में शामिल करने की संभावना भी उजागर की। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले छात्रों को शैक्षणिक क्रेडिट या अन्य प्रोत्साहन प्रदान किए जाएँ, ताकि उनकी भागीदारी और उत्साह दोनों बढ़े। साथ ही, नर्सिंग पाठ्यक्रम में विदेशी भाषा मॉड्यूल को सम्मिलित करने का निर्देश देते हुए बताया कि राज्य के सरकारी नर्सिंग कॉलेजों में लगभग 600 युवा नर्सिंग प्रशिक्षण ले रहे हैं, जिनके लिए बहुभाषी कौशल न केवल उनके पेशेवर विकास में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवाओं में रोजगार के अवसरों को भी सुदृढ़ करेगा।
इन सभी उपायों के माध्यम से सरकार का उद्देश्य युवा वर्ग को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप तैयार करना और उन्हें देश‑विदेश में उपलब्ध विविध रोजगार अवसरों से जोड़ना है। प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र प्रदान करने और निरंतर उद्योग‑शिक्षा संलग्नता को बढ़ावा देने के लिए संबंधित एजेंसियों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने का भी विशेष महत्व दिया गया है। इस पहल से उत्तराखण्ड के युवाओं को न केवल नई भाषा कौशल मिलेंगे, बल्कि उनके करियर के मार्ग में एक नई दिशा भी खुलेगी।
Original Title: युवाओं को विदेशी भाषा प्रशिक्षण देगी सरकार, हर जिले में खुलेंगे ट्रेनिंग सेंटर
Original Content: मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने बुधवार को सचिवालय में प्रदेश के युवाओं को विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण प्रदान करने और उनके लिए रोजगार के नए अवसर विकसित करने के सम्बन्ध में सम्बन्धित विभागों के साथ बैठक की। सीएस ने निर्देश दिए कि विदेशी भाषा प्रशिक्षण को व्यापक कौशल विकास कार्यक्रम के रूप में विकसित किया जाए, ताकि स्कूली विद्यार्थियों, आईटीआई विद्यार्थियों, चिकित्सा और नर्सिंग क्षेत्र से जुड़े युवाओं के साथ ही अन्य इच्छुक व्यक्तियों को इसका लाभ मिल सके।
विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण देने के लिए तैयार की जाए कार्ययोजना: CS
मुख्य सचिव ने कार्मिक एवं वित्त विभाग को सम्बन्धित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर विदेशी भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए एक समग्र प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को वैश्विक रोजगार की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित कर उनके लिए रोजगार के अधिकाधिक अवसर उपलब्ध कराना होना चाहिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि विदेशी भाषाओं के प्रशिक्षण के लिए गुणवत्तापूर्ण कार्यक्रम तैयार किया जाए, जिसे प्रत्यक्ष एवं ऑनलाइन माध्यम से संचालित किया सके। उन्होंने शिक्षा विभाग को प्रदेश के सभी अटल उत्कृष्ट विद्यालयों एवं राजीव नवोदय विद्यालयों में अंग्रेजी के अतिरिक्त अन्य विदेशी भाषाओं के प्रशिक्षण के लिए योजना तैयार करने के निर्देश दिए।
सीएस ने कहा कि कौशल विकास एवं सेवायोजन कार्यालय द्वारा वर्तमान में देहरादून, अल्मोड़ा और बागेश्वर में संचालित विदेशी भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रमों को विस्तारित करते हुए प्रदेशभर में शुरू किया जाए। उन्होंने हर जिले में विदेशी भाषा प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करते हुए, कौशल विकास विभाग के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में संचालित हो रहे केन्द्रों को भी इसमें शामिल करने के निर्देश दिए।
सीएस ने कहा कि शिक्षण कार्यक्रमों को रोजगार की वास्तविक मांग के अनुरूप विदेशी भाषा में दक्ष युवाओं को देश-विदेश में उपलब्ध रोजगार के अवसरों से जोड़ने के लिए सम्बन्धित एजेंसियों के साथ निरन्तर समन्वय किया जाए। उन्होंने प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ ही युवाओं को मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य किए जाने पर जोर दिया।
दून विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों की ली जाये सेवाएं: CS
मुख्य सचिव ने प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए दून विश्वविद्यालय से विदेशी भाषाओं की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों की सेवाएं लेने की बात कही। कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए उन्हें शैक्षणिक क्रेडिट अथवा अन्य प्रोत्साहन देने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने नर्सिंग पाठ्यक्रम में विदेशी भाषाओं को शामिल करने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश के सरकारी नर्सिंग कॉलेजों में लगभग 600 युवा नर्सिंग प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, इन नर्सिंग विद्यार्थियों को विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण उपलब्ध कराना इन के लिए उपयोगी होगा
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