बनबसा में सीएम धामी का ‘युवा संवाद’: सवालों के बेबाक जवाब और भविष्य की योजनाएँ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक दिवसीय चंपावत दौरे के दौरान बनबसा पहुँचकर ‘युवा संवाद एवं सम्मान समारोह’ आयोजित किया। इस कार्यक्रम में उन्होंने युवाओं से सीधे बात की और उनके सवालों का खुला जवाब दिया। चर्चा के प्रमुख विषय थे नकल विरोधी कानून, यूसीसी, नशा मुक्ति अभियान, रोजगार व स्वरोजगार के अवसर, युवा आयोग तथा ‘विकसित भारत‑2047’ की दिशा।

सीएम ने संवाद के दौरान छात्रा मिलन कलखुड़िया के सवाल पर अपनी शिक्षा, युवावस्था और राजनीतिक यात्रा का अनुभव साझा किया। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि “किसी का जन्म महान नहीं होता, पर दायित्वों को जिम्मेदारी और मनोयोग से निभाकर महान बनाया जा सकता है।” अपने संघर्ष की कहानी से उन्होंने बूथ स्तर से लेकर महाविद्यालयों और सड़कों तक कार्यकर्ता के रूप में किए गए अनुशासन और संघर्ष को अपनी बड़ी पूंजी बताया।

नकल विरोधी कानून पर चर्चा में छात्रा प्रीति पांडे ने टनकपुर में परीक्षा केंद्र की मांग की। सीएम ने बताया कि टनकपुर में परीक्षा केंद्र स्थापित करने के लिए प्रयास चल रहे हैं और सख्त नकल विरोधी कानून के लागू होने के बाद भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता आई है। अब तक 34,000 से अधिक युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी नौकरियाँ मिल चुकी हैं।

‘ड्रग‑फ्री उत्तराखंड’ अभियान के संदर्भ में छात्र रोहित शर्मा ने नशे के खिलाफ संदेश के बारे में पूछा। सीएम ने युवाओं को नशे से दूर रहने और दूसरों को भी नशे से दूर रखने के लिए प्रेरित किया तथा बताया कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में युवाओं की भूमिका सबसे बड़ी होगी।

चंपावत में विज्ञान केंद्र और विकास पर सवाल उठाते हुए छात्र सुमित सिंह नायक ने पूछा। सीएम ने बताया कि चंपावत में लगभग 56 करोड़ रुपये के निवेश से अत्याधुनिक विज्ञान केंद्र का निर्माण हो रहा है। साथ ही सीमांत जिलों में आधुनिक पुस्तकालय, राजकीय पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग कॉलेज, विज्ञान केंद्र और राज्य का पहला बालिका स्पोर्ट्स कॉलेज जैसी सुविधाएँ सुदृढ़ की जा रही हैं।

युवा आयोग के विषय में छात्र नमन पुरी ने सवाल किया। सीएम ने बताया कि राज्य में युवा आयोग का गठन किया जा रहा है, जो युवाओं को सही दिशा, मार्गदर्शन, रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन रोकने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए औद्योगिक पार्क स्थापित किए जा रहे हैं।

युवा संवाद के सबसे खास पलों में से एक तब आया जब छात्र अंकित भट्ट ने पहाड़ी भाषा में सीएम से संवाद किया। सीएम ने भी पहाड़ी भाषा में जवाब देकर युवाओं से स्थानीय जुड़ाव का संदेश दिया।