सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में एक विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसमें जमैका, इथियोपिया और ज़ाम्बिया में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ राजनयिकों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इन अधिकारियों के साथ मिलकर उत्तराखंड के युवाओं के लिए विदेशों में रोजगार के नए अवसरों की संभावनाओं पर चर्चा की। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि विदेशी बाजारों में कुशल कर्मचारियों की बढ़ती मांग को देखते हुए, राज्य को अपने युवा शक्ति को आवश्यक प्रशिक्षण और प्रमाणपत्र प्रदान करने की आवश्यकता है।
सीएम ने उपस्थित अधिकारियों को तुरंत कार्यवाही शुरू करने का निर्देश दिया:
1. विदेश में उपलब्ध नौकरी के प्रोफ़ाइल को एकीकृत डेटाबेस में संकलित कर युवाओं के लिए ऑनलाइन पोर्टल तैयार करना।
2. तकनीकी, स्वास्थ्य, पर्यटन और निर्माण जैसे प्रमुख क्षेत्रों में स्किल‑डिवेलपमेंट कार्यक्रमों को तेज़ी से लागू करना, जिससे युवाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रमाणपत्र मिल सके।
3. भारत‑विदेश व्यापार मिशन के माध्यम से विदेशी नियोक्ताओं के साथ नियमित संपर्क स्थापित करना और वार्षिक रोजगार मेले का आयोजन करना।
4. उन युवाओं के लिए वित्तीय सहायता और ऋण सुविधाओं की व्यवस्था करना जो विदेश में काम करने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण को अपनाना चाहते हैं।
धामी ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि उत्तराखंड के युवा न केवल राष्ट्रीय स्तर पर बल्कि वैश्विक मंच पर भी अपनी क्षमता का पूर्ण उपयोग कर सकें। उचित कौशल, सही जानकारी और सरकारी समर्थन के साथ वे विदेशों में उच्च वेतन वाले पदों को हासिल कर सकते हैं।”
बैठक के बाद, अधिकारियों ने इन दिशा‑निर्देशों को लागू करने के लिए एक कार्यसमिति का गठन करने और अगले दो हफ्तों में प्रारंभिक योजना प्रस्तुत करने का वचन दिया। इस पहल से आशा की जा रही है कि निकट भविष्य में उत्तराखंड के युवाओं को विदेश में रोजगार के अधिक अवसर मिलेंगे और राज्य की आर्थिक प्रगति में नई गति आएगी।
