Title: उत्तराखंड के नैनीताल में जलजनित बीमारी का कहर: दूषित पानी पीने से दो की मौत, दर्जनों लोग बीमार
उत्तराखंड के नैनीताल जिले में मूसलाधार बारिश के बाद जलजनित बीमारी ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। ज्योलीकोट क्षेत्र में फैली इस बीमारी के कारण दो लोगों की मौत हो गई है, जबकि दर्जनों लोग बीमार हो गए हैं। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी और स्वास्थ्य सेवाएं तेज कर दी हैं।
नैनीताल के ज्योलीकोट में जलजनित बीमारी का कहर
मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पांडे ने संबंधित विभागों की टीम के साथ ज्योलीकोट समेत गाजा, सरियाताल, छीड़ा और आसपास के गांवों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात कर उनका हाल जाना और चिकित्सालय में भर्ती मरीजों से भी बातचीत की। सीडीओ ने क्षेत्र के विभिन्न जल स्रोतों का निरीक्षण कर पेयजल की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने वीरभट्टी स्थित सीवरेज लाइन का भी निरीक्षण किया।
सीडीओ ने जल स्रोतों और सीवरेज लाइन का निरीक्षण करने के बाद अधिकारियों को निर्देश दिए कि दूषित पानी की वजह से किसी भी परिवार को परेशानी नहीं होनी चाहिए और स्रोत से लेकर घर की टोंटी तक पानी की गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को प्रभावित क्षेत्र में डोर-टू-डोर ब्लड सैंपलिंग और वायरस सैंपलिंग कराने के निर्देश दिए। साथ ही हर घर में जाकर लोगों को बीमारी के लक्षणों और बचाव के प्रति जागरूक करने, नियमित स्वास्थ्य शिविर लगाने और मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने को कहा।
गंभीर स्थिति वाले मरीजों को हायर सेंटर रेफर करने के निर्देश दिए गए हैं। सीडीओ ने आयुष्मान योजना के तहत अनुबंधित अस्पतालों की सूची क्षेत्र के सभी जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित अस्पतालों को निर्देशित किया गया है कि पात्र मरीजों को योजना के तहत त्वरित और निशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाए।
उत्तराखंड में जलजनित बीमारी के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रशासन ने दूषित जल स्रोतों को सील करने के निर्देश दिए हैं। पेयजल व्यवस्था को लेकर सीडीओ ने जल संस्थान और पेयजल निगम के अधिकारियों को प्रत्येक जल स्रोत के नियमित सैंपल लेने, क्लोरीनेशन करने और पानी की शुद्धता की जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने पिछले तीन माह में पेयजल टैंकों, जल स्रोतों और घरों से लिए गए सभी पानी के सैंपलों की रिपोर्ट भी उपलब्ध कराने को कहा।
