नैनीताल के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज बेतालघाट से एक स्कूल की तस्वीर सामने आई है, जहां बच्चियों की आंखों में व्यवस्था के खिलाफ गुस्सा साफ देखा जा सकता है। जेन-जी के बाद अब जेन अल्फा सड़कों पर उतर आई है, और उनकी मांग है – टीचर दो, आज दो, अभी दो।
नैनीताल के बेतालघाट से एक वीडियो सामने आया है, जिसमें 10वीं, 11वीं और 12वीं में पढ़ने वाली छात्राएं राज्य आंदोलन की तरह ही टीचर दो आज दो अभी दो का नारा लगाने को मजबूर हैं। जीजीआईसी बेतालघाट के उपलब्ध पद विवरण के मुताबिक, इंटर स्तर पर पढ़ाने वाले प्रवक्ताओं के कुल 9 पद स्वीकृत हैं, लेकिन इन 9 में से पूरे 9 पद खाली पड़े हैं।
स्नातक स्तर पर 5 पद सालों से खाली पड़े हैं, जिसके बाद अब इन छात्राओं ने आर पार की लड़ाई का ऐलान करते हुए सरकार और शिक्षा विभाग से इन सभी खाली पड़े पदों को भरने की मांग की है। यह समस्या सिर्फ नैनीताल की नहीं है, बल्कि उत्तराखंड के ज्यादातर पर्वतीय इलाकों का यही हाल है।
उत्तराखंड के 1149 प्राथमिक स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं है, यह बात 3 अप्रैल 2025 को ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग की रिपोर्ट में सामने आई थी। शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन ऐसी वीडियोज और खबरें आने के बाद ऐसा लगता है कि उनके दावे हवा-हवाई हैं।
पहाड़ों में शिक्षक नहीं करना चाहते नौकरी, और जब शिक्षक की पोस्टिंग पहाड़ के किसी दूरदराज गांव या कस्बे में होती है, तो वे सुगम इलाकों में अपना तबादला करवाने के लिए क्या-क्या हथकंडे अपनाते हैं। राज्य में इससे पहले भी शिक्षकों की मांग को लेकर कई बार आवाजें उठीं हैं, लेकिन हर बार स्कूलों को शिक्षकों की जगह आश्वासन मिलता है।
