उत्तराखंड में SIR की प्रक्रिया जारी है, और इस बीच कुछ चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं जिसने सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की ही टेंशन बढ़ा दी है। दरअसल SIR के पहले चरण में प्रदेश के 45 विधानसभा सीटों पर इतने ज्यादा वोट काटे गए हैं जो 2022 विधानसभा चुनाव में हार जीत के अंतर से भी अधिक हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि इन 45 सीटों में कई VVIP सीटें शामिल हैं ।
प्रदेश की 45 विधानसभा सीटों में हार-जीत के अंतर से ज्यादा कटे वोट
प्रदेश में इस वक्त मतदाता सूची का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) चल रहा है। एसआईआर के पहले चरण में ही 45 विधानसभा सीटों में 2022 के विधानसभा चुनाव में हार जीत के अंतर से ज्यादा वोट कट गए हैं । यह आंकड़ा इसलिए भी चौंकाने वाला है क्योंकि प्रदेश भर में जितने वोट कट गए हैं वे 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच जितने मतों के अंतर से करीब ढाई गुना से ज्यादा है।
उत्तराखंड में 2022 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस और भाजपा के बीच लगभग तीन लाख 45 हजार वोटों का ही अंतर था। जबकि 14 जुलाई को जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में प्रदेश भर में कुल 8.26 लाख वोट कम हो गए हैं। 1 जनवरी 2025 को उत्तराखंड में कुल 84,29,459 वोटर थे। चुनाव आयोग का कहना है कि ड्राफ्ट मतदाता सूची में राज्यभर में अपात्र, मृत, दूसरे स्थान पर शिफ्ट हो चुके और डुप्ली वोटरों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं।
19 लाख मतदाताओं के गणना फॉर्म में मिली त्रुटियां
प्रदेश में लगभग 19 लाख मतदाताओं के विवरण या गणना फॉर्म में विसंगतियां (त्रुटियां) भी पाई गई हैं, जिन्हें निर्वाचन आयोग के ईआरओ व एईआरओ नोटिस जारी कर रहे है। तमाम दावों व आपत्तियों के निस्तारण के बाद 15 सितंबर को फाइनल सूची जारी होनी है ऐसे में यदि वोट कटने की तादाद और बढ़ जाती है तो संभवतः जमीन पर सियासी समीकरण ही बदल जाएं।
2022 के विधानसभा चुनाव में ऐसी थी स्थिति
उत्तराखंड में 2022 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस और भाजपा के बीच कुल 345329 वोटों का ही अंतर था। 2022 के विधानसभा चुनावों में भाजपा को कुल 2383838 तो कांग्रेस को 2038509 वोट मिले। वहीं बसपा को 259371 और उक्रांद को 58038 मत मिले। कांग्रेस के साथ अगर वामदलों व अन्य छोटे दलों के वोट मिला लें तो वह भाजपा को कड़ी चुनौती देने की स्थिति में रहे है। 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 47, कांग्रेस ने 19, बसपा ने 2 और निर्दलीय ने 2 विस सीटें जीतीं थीं।
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हार-जीत के अंतर से ज्यादा कटे वोट
उत्तराखंड में SIR में 45 विधानसभा सीटों में हार-जीत के अंतर से ज्यादा वोट काट दिए गए हैं। इन 45 सीटों में से सबसे ज्यादा 28 भाजपा के पास, 16 कांग्रेस के पास और एक निर्दलीय के पास हैं। हालांकि जब तक यह सामने नहीं आता कि कौन से समुदायों के वोटरों के नाम अधिक कटे हैं तब तक विश्वास के साथ यह नहीं कहा जा सकता कि इसका क्या असर पड़ेगा मगर बिहार, बंगाल के SIR के अनुभव विपक्ष के लिए बहुत बुरे रहे हैं ऐसे में आशंका स्वाभाविक है। वैसे भी हर वोटर की प्रवृत्ति तक का डाटा रखने वाला सत्ताधारी दल वोट मैनेजमेंट के लिए अपने नापसंदगी वाले वोटर को हटाने व मुफीद वोटर को जोड़ने का काम आसानी से कर सकता है। विपक्षी दल पहले भी आरोप लगाते रहे हैं कि SIR के जरिए वोट चोरी व लूट हो रही है। वोटर लिस्ट को ऐसा बनाया जा रहा है कि वह सत्ताधारी दल के मुफीद हो।
जिन क्षेत्रों में आबादी का घनत्व सबसे तेजी से बढ़ा, सबसे ज्यादा वोट भी वहीं कटे
प्रदेश में राज्य बनने के बाद जिन क्षेत्रों में आबादी का घनत्व सबसे तेजी से बढ़ा है, सबसे ज्यादा वोट भी उन्हीं इलाकों से कटे हैं। ऐसी सीटों पर बड़ी संख्या में किराएदार, अस्थायी रूप से रहने वाले नौकरीपेशा लोग और दूसरे स्थानों से आए कामगार वोटर के रूप में दर्ज थे। मिसाल के तौर पर निर्वाचन आयोग की ओर से जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में सबसे ज्यादा वोट देहरादून की धर्मपुर विधानसभा सीट से कटे हैं, तो सबसे कम वोट पिथौरागढ़ के डीडीहाट विधानसभा क्षेत्र से हटाए गए हैं।
स्पीकर, 7 कैबिनेट मंत्री और नेता प्रतिपक्ष भी लपेटे में
मजेदार बात यह है विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूड़ी, सात कैबिनेट मंत्रियों डॉ. धन सिंह रावत, सुबोध उनियाल, खजान दास, रेखा आर्य, मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा , सौरभ बहुगुणा, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य तक की सीटों में भी हार जीत के अंतर से ज्यादा वोट कटे हैं। 2022 के चुनाव के हार जीत के अंतर से ज्यादा वोट तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सीट चंपावत में भी कटे हैं लेकिन सीएम उपचुनाव में बहुत भारी बहुमत से जीते थे, ऐसे में इस सीट में यह अंतर इसलिए मायने नहीं रखता क्योंकि उप चुनाव सीएम ने इकतरफा तौर पर जीता था।
उत्तराखंड में इन 45 सीटों में क्या हाल है जिलावार व सीटवार देखें
चमोली जिले की तीन सीटों में बदरीनाथ सीट कांग्रेस के राजेंद्र भंडारी ने 2,066 वोट से जीती थी यहां 8,310 वोट कट गए हैं। राजेंद्र भंडारी के पाला बदल भाजपा में शामिल होने के बाद हुए उपचुनाव में कांग्रेस के लखपत सिंह बुटोला ने जीत हासिल की है। कर्णप्रयाग सीट भाजपा के अनिल नौटियाल ने 6,715 मत से जीती थी। यहां 8,309 वोट कट गए हैं।
टिहरी गढ़वाल जिले की देवप्रयाग सीट भाजपा के विनोद कंडारी ने 2,588 मतों से जीती थी वहां 8,124 वोट कट गए हैं। नरेन्द्रनगर सीट भाजपा के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने 1,798 वोट से जीती थी वहां 6,560 वोट कट गए हैं। प्रतापनगर सीट कांग्रेस के विक्रम सिंह नेगी ने 2,340 के अंतर से जीती मगर यहां 6,277 वोट कट गए हैं। टिहरी सीट भाजपा के टिकट से किशोर उपाध्याय ने 951 वोट से जीती थी यहां 8,975 मत कट गए हैं। धनोल्टी सीट भाजपा के प्रीतम पंवार ने 4,684 वोट से जीती थी, यहां 4,921 वोट कट गए हैं।
देहरादून जिले की विकासनगर सीट भाजपा के मुन्ना सिंह चौहान ने 4,563 वोट से जीती थी, वहां 12,780 वोट कट गए हैं। सहसपुर भाजपा के सहदेव सिंह पुंडीर ने 8,355 वोट के अंतर से जीती थी, यहां अब 20,623 मत कट गए हैं। धर्मपुर सीट भाजपा के विनोद चमोली ने 10,090 के अंतर से जीती यहां 29,251 वोटरों के नाम कट गए हैं। राजपुर रोड सीट भाजपा के कैबिनेट मंत्री खजानदास ने 11,163 वोट के अंतर से जीती थी यहां 15,364 वोटरों के नाम कट गए हैं। ऋषिकेश सीट भाजपा के प्रेमचंद अग्रवाल ने 19,057 वोट के अंतर से जीती वहां 27,120 वोट कट गए हैं।
हरिद्वार जिले की कुल 11 सीटों में हरिद्वार सीट भाजपा के कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने 15,237 वोट के अंतर से जीती थी, वहां 19,713 वोट कट गए हैं। भेल रानीपुर सीट भाजपा के आदेश चौहान ने 13,862 वोट से जीती थी, यहां 19,038 वोट कट गए हैं। भगवानपुर सीट कांग्रेस की ममता राकेश ने 4,811 के अंतर से जीती यहां 11,700 वोट कट गए हैं। झबरेड़ा कांग्रेस के विरेंद्र कुमार ने 8,036 अंतर से जीती थी, यहां 9,833 वोट कट गए हैं। रुड़की सीट भाजपा के कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने 2,277 के अंतर से जीती थी, यहां 10,828 वोट कट गए हैं। खानपुर सीट निर्दलीय उमेश कुमार ने 6,852 के अंतर से जीती, यहां 12,645 वोट कम हो गए हैं। मंगलौर सीट 2022 में बसपा के सरवत करीम अंसारी ने महज 598 वोट के अंतर से जीती लेकिन उनकी मृत्य के बाद हुए उपचुनाव में कांग्रेस के काजी निजामुद्दीन ने जीत ली। यहां 8,230 वोट कट गए हैं। हरिद्वार ग्रामीण सीट को कांग्रेस की अनुपमा रावत ने 4,472 के अंतर से जीती लेकिन यहां 13,187 वोट कट गए हैं।
पौड़ी गढ़वाल जिले की कुल छह सीटों में पौड़ी(एससी) सीट भाजपा के राजकुमार पोरी ने 5,738 के अंतर से जीती यहां 6,950 वोट कट गए हैं। श्रीनगर सीट भाजपा के कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने महज 587 के अंतर से जीती। यहां 9,819 वोट कट गए हैं। कोटद्वार सीट भाजपा की ऋतु खंडूड़ी ने 3,687 वोट से जीती। यहां 9,653 वोट कटे हैं।
पिथौरागढ़ जिले की चार सीटों में धारचूला सीट कांग्रेस के हरीश सिंह धामी ने 1,118 के अंतर से जीती यहां 5,190 वोट कट गए हैं। डीडीहाट सीट भाजपा के बिशन सिंह चुफाल ने 3,226 के अंतर से जीती यहां 3,333 वोट कट गए हैं। पिथौरगढ़ सीट कांग्रेस के मयूख महर ने 6,054 के अंतर से हासिल की। यहां 11,850 वोट कट गए हैं।
बागेश्वर जिले की दो सीटों में कपकोट सीट भाजपा के सुरेश गड़िया ने 4,046 के अंतर से जीती। यहां 6,134 वोट कट गए हैं।
अल्मोड़ा जिले में छह सीटें हैं। यहां द्वाराहाट सीट कांग्रेस के मदन बिष्ट ने महज 182 वोट के अंतर से जीती थी। य़हां 8,616 वोट कट गए हैं। सल्ट सीट भाजपा के महेश जीना ने 3,688 के अंतर से जीती। यहां 13,100 वोट कट गए हैं। रानीखेत सीट में भाजपा के प्रमोद नैनवाल ने 2,584 के अंतर से विजय पाई। यहां 7,433 वोट कट गए हैं। सोमेश्वर (एससी) भाजपा की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने 5,293 वोट के अंतर से जीती। यहां 7,492 वोट कट गए हैं। अल्मोड़ा में कांग्रेस के मनोज तिवारी ने प्रदेश में सबसे कम यानी 127 वोट के अंतर से सीट जीती। यहां 8,947 वोट कट गए हैं। जागेश्वर भाजपा के मोहन सिंह ने 5,883 के अंतर से जीती, यहां 9,897 वोट कट गए हैं।
चंपावत जिले की दो सीटों में लोहाघाट में कांग्रेस के खुशाल सिंह अधिकारी ने 6,038 वोट के अंतर से जीत हासिल की। यहां 12,425 वोट कट गए हैं। चम्पावत सीट में भाजपा के कैलाश चंद्र गहतोड़ी ने 5,403 वोट के अंतर से जीते थे, बाद में उन्होंने सीएम धामी के लिए सीट छोड़ी। उपचुनाव हुए तो भाजपा ने इक तरफा तौर पर जीत हासिल की। अब यहां 5,293 वोट कट गए हैं।
नैनीताल जिले में कुल छह सीटों में से नैनीताल(एससी) सीट भाजपा की सरिता आर्य ने 7,881 के अंतर से जीती। यहां 10,956 वोट कट गए हैं। हल्द्वानी सीट कांग्रेस के सुमित हृदयेश ने 7,814 के अंतर से जीती थी। यहां 20,867 वोटरों के नाम कट गए हैं। रामनगर में भाजपा के दीवान सिंह बिष्ट ने 4,745 के अंतर से जीत हासिल की। यहां 10,533 वोट कट गए हैं।
ऊधम सिंह नगर जिले की कुल नौ सीटों को देखें तो जसपुर कांग्रेस आदेश चौहान ने 4,172 के अंतर से जीती। यहां 16,600 वोट कटे हैं। काशीपुर में भाजपा के त्रिलोक सिंह चीमा ने 16,335 के अंतर से जीत हासिल की। यहां 28,701 वोट कट गए हैं। बाजपुर (एससी) कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने 1,611 के अंतर से जीती। यहां 28,520 वोट कट गए हैं। गदरपुर भाजपा के अर्विंद पांडेय ने 1,120 के अंतर से जीती। यहां 13,203 वोट कट गए हैं। रुद्रपुर में भाजपा के शिव अरोड़ा ने 19,850 के अंतर से जीत हासिल की। यहां 20,642 वोट कटे हैं। किच्छा सीट कांग्रेस के तिलक राज बेहड़ ने 10,077 के अंतर से जीती। यहां 27,068 वोट कट गए हैं। सितारगंज सीट भाजपा के कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने 10,938 के अंतर से जीती। यहां 15,756 वोट कट गए हैं। नानकमत्ता (एसटी) कांग्रेस के गोपाल सिंह राणा ने 13,020 के अंतर से जीती। यहां 14,565 वोट कट गए हैं। खटीमा सीट कांग्रेस के भुवन चंद काप़ड़ी ने 6,579 वोट के अंतर से सीएम धामी से जीती थी। अब इस सीट से 12,618 वोटर कम हो गए हैं। कुल मिलाकर देखें तो पहली ड्राफ्ट सूची में ही इतनी सारी विधानसभाओं में हार जीत के अंतर से ज्यादा वोट कट जाना सत्ता पक्ष और विपक्ष की पेशानी पर बल तो ले ही आया है।
