हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) में स्वाइन‑फ्लू (H1N1) के कारण तीन दिन के भीतर दो बुजुर्ग रोगियों की मौत की खबर ने शहर में गहरी चिंता उत्पन्न कर दी है। पहले, 2 सितंबर को रातिघाट के 65 वर्षीय वृद्ध को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें गंभीर निमोनिया, श्वास‑संबंधी तकलीफ़, लकवा और अनियंत्रित रक्तचाप जैसी जटिलताओं से जूझना पड़ रहा था। 4 सितंबर को किए गए परीक्षणों में स्वाइन‑फ्लू की पुष्टि हुई, और रोगी को तुरंत आईसीयू में स्थानांतरित कर तीव्र देखभाल दी गई। हालांकि, 5 सितंबर को उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। इस घटनाक्रम के ठीक एक दिन पहले, 3 सितंबर को नैनीताल के 62 वर्षीय एक और बुजुर्ग, जो पहले से ही कई गंभीर रोगों से पीड़ित थे, का भी स्वाइन‑फ्लू से संक्रमण के कारण निधन हो गया था। दोनों मामलों में रोगियों की आयु और पूर्व‑रोग स्थितियों ने संक्रमण की गंभीरता को और बढ़ा दिया।
इन दो लगातार मौतों के बाद अस्पताल प्रशासन ने संक्रमण नियंत्रण के लिए तत्काल कदम उठाए हैं। एसटीएच ने स्वाइन‑फ्लू रोगियों के लिए एक अलग क्लीनिक स्थापित किया, जहाँ विशेष प्रशिक्षित स्टाफ द्वारा परीक्षण, उपचार और निगरानी की जा रही है। साथ ही, समान लक्षण दिखाने वाले संदिग्ध रोगियों को एक विशेष आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर, एंटीवायरल दवाओं और समर्थनात्मक देखभाल प्रदान की जा रही है। वर्तमान में अस्पताल में दो स्वाइन‑फ्लू पुष्टि किए गए रोगी और एक संभावित रोगी का उपचार चल रहा है, जिससे संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
स्थानीय स्वास्थ्य विभाग ने भी इस स्थिति को निकटता से मॉनिटर किया है और एसटीएच के साथ मिलकर व्यापक रोकथाम रणनीति तैयार की है। विभाग ने न केवल अस्पताल के भीतर बल्कि पूरे हल्द्वानी क्षेत्र में सार्वजनिक जागरूकता अभियान चलाने का आदेश दिया है, जिसमें मास्क पहनना, हाथों की सफ़ाई और लक्षण दिखने पर तुरंत परीक्षण कराना शामिल है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्वाइन‑फ्लू का मौसमी प्रकोप अक्सर बुजुर्गों और पूर्व‑रोगियों में अधिक घातक हो सकता है, इसलिए समय पर पहचान और उपचार ही जीवन बचा सकता है। प्रशासन ने कहा कि भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए नियमित स्क्रीनिंग, टीकाकरण और रोगी प्रवाह पर कड़ी निगरानी जारी रखी जाएगी।
Original Title: हल्द्वानी में स्वाइन फ्लू का बढ़ता खतरा! दो बुजुर्गों की मौत के बाद अस्पताल में बढ़ी सतर्कता
Original Content: Haldwani | SwineFlu | H1N1 : हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) में स्वाइन फ्लू से तीन दिन के भीतर दो बुजुर्ग मरीजों की मौत होने की जानकारी सामने आई है। शनिवार सुबह रातीघाट निवासी 65 वर्षीय बुजुर्ग ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
जानकारी के अनुसार बुजुर्ग को 2 सितंबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें निमोनिया के साथ सांस लेने में परेशानी हो रही थी। इसके अलावा वह लकवे और अनियंत्रित ब्लड प्रेशर की समस्या से भी जूझ रहे थे।
अस्पताल में जांच के बाद 4 सितंबर को उनमें स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई। हालत गंभीर होने पर उन्हें आईसीयू में भर्ती कर इलाज किया जा रहा था। 5 सितंबर को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
इससे पहले 3 सितंबर को नैनीताल निवासी 62 वर्षीय बुजुर्ग की भी स्वाइन फ्लू से मौत हुई थी। बताया गया कि वह भी पहले से गंभीर बीमारी से पीड़ित थे।
लगातार दो मौतों के बाद अस्पताल प्रशासन ने संक्रमण को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। एसटीएच में स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए अलग क्लीनिक बनाया गया है। वहीं स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण वाले संदिग्ध मरीजों को विशेष आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर उपचार शुरू किया जा रहा है।
फिलहाल अस्पताल में स्वाइन फ्लू से संक्रमित दो मरीज और एक संदिग्ध मरीज भर्ती बताया गया है। स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन की ओर से संक्रमण की रोकथाम को लेकर विशेष सावधानी बरती जा रही है।
