मसूरी‑देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने हाल ही में देहरादून‑क्षेत्र में आवासीय इमारतों को व्यावसायिक रूप से उपयोग करने वाले 150‑से अधिक प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के कड़े आदेश के बाद तेज़ी से शुरू किए गए इस जांच अभियान में प्राधिकरण की टीमें स्वीकृत नक्शे, वास्तविक निर्माण और वर्तमान उपयोग की बारीकी से तुलना कर रही हैं। लक्ष्य यह स्थापित करना है कि क्या भवनों का निर्माण अनुमोदित योजना के अनुरूप हुआ है और उनका उपयोग निर्धारित भू‑उपयोग के अनुसार हो रहा है या नहीं।
जाँच के दौरान विशेष रूप से उन इमारतों पर ध्यान दिया जा रहा है, जिनका नक्शा केवल आवासीय उपयोग के लिये मंजूर किया गया था, परन्तु अब वहाँ दुकान, रेस्टोरेंट या अन्य व्यावसायिक इकाइयाँ संचालित हो रही हैं। ऐसी अनियमितताओं को पकड़ने के लिये एमडीडीए ने सीधे भवन मालिकों को नोटिस भेज कर जवाब माँगा है। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा, “स्वीकृत नक्शे और निर्धारित भू‑उपयोग के विरुद्ध चल रही व्यावसायिक गतिविधियों को हम गंभीरता से ले रहे हैं और कोर्ट के आदेशों के अनुपालन के लिये इस अभियान को जारी रखेंगे।”
जाँच का दायरा केवल देहरादून शहर तक सीमित नहीं रहा; इसमें मसूरी, ऋषिकेश और पच्छुवादून तक के क्षेत्रों को भी शामिल किया गया है। टीमें प्रत्येक स्थल पर भवनों के मानचित्र, वास्तविक निर्माण और वर्तमान उपयोग का मिलान कर रही हैं, जिससे नियम‑उल्लंघन की स्थिति में भवन मालिकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सके। इस प्रक्रिया से न केवल अवैध व्यावसायिक संचालन को रोकना है, बल्कि शहर की योजना‑बद्ध विकास दिशा को भी सुदृढ़ करना है।
आगे की रिपोर्टों में यह स्पष्ट होगा कि कितनी इमारतें नियमानुसार अपने मूल आवासीय उद्देश्य को पुनः स्थापित कर पाएँगी और कौन‑से मालिकों को दंड या सुधारात्मक कदमों का सामना करना पड़ेगा। इस बीच, नागरिकों को भी अपने पड़ोस में किसी भी अनधिकृत व्यावसायिक परिवर्तन की जानकारी संबंधित प्राधिकरण को देने की अपील की जा रही है।
Original Title: उत्तराखंड: घर में दुकान या रेस्टोरेंट चलाते हैं? एमडीडीए ने 150 को थमाए नोटिस, अब आपकी बारी तो नहीं!
Original Content: MDDA | Dehradun News | Residential Property : देहरादून में आवासीय भवनों का इस्तेमाल व्यावसायिक गतिविधियों के लिए करने वालों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने ऐसे भवनों की जांच शुरू कर दी है। अब तक करीब 150 प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए गए हैं। प्राधिकरण की टीमें स्वीकृत नक्शे और भवनों में हो रहे वास्तविक इस्तेमाल की पड़ताल कर रही हैं।
सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के बाद एमडीडीए ने जांच अभियान तेज किया है। अधिकारियों के निर्देश पर देहरादून जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में टीमें भेजी गई हैं। जांच में यह देखा जा रहा है कि भवन का निर्माण मंजूर नक्शे के मुताबिक हुआ है या नहीं और उसका इस्तेमाल तय भू-उपयोग के अनुसार किया जा रहा है या नहीं।
एमडीडीए की टीमें उन भवनों पर विशेष ध्यान दे रही हैं, जिनका नक्शा आवासीय उपयोग के लिए पास कराया गया है…लेकिन वहां दुकान, रेस्टोरेंट या अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान चलाए जा रहे हैं। नियमों के उल्लंघन की आशंका वाले मामलों में भवन मालिकों को नोटिस देकर जवाब मांगा जा रहा है।
प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि स्वीकृत नक्शे और निर्धारित भू-उपयोग के विपरीत व्यावसायिक गतिविधियां चलाने के मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है। कोर्ट के आदेशों के पालन के लिए जांच अभियान जारी है।
जांच का दायरा देहरादून शहर के अलावा मसूरी, ऋषिकेश और पछुवादून तक रखा गया है। टीमें भवनों के स्वीकृत मानचित्र, मौके पर हुए निर्माण और उनके मौजूदा इस्तेमाल का मिलान कर रही हैं। जांच में नियमों का उल्लंघन सामने आने पर संबंधित भवन मालिकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
प्राधिकरण की ओर से भवनों के नक्शे और भू-उपयोग की जांच जारी है…ऐसे में आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियां चलाने वाले प्रतिष्ठानों को नियमों और स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप स्थिति स्पष्ट करनी पड़ सकती है।
