**
उत्तराखंड के सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा देने का सपना देख रहे D.El.Ed. प्रशिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए एक सुनहरा मौका सामने आया है। राज्य के प्राथमिक शिक्षा विभाग ने एक नए सरकारी आदेश के माध्यम से शिक्षक भर्ती की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिससे हजारों युवा शिक्षकों में उत्साह की लहर दौड़ गई है।
पहाड़ों और दूरदराज़ इलाकों में स्थित कई प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की गंभीर कमी है, जहाँ एक ही शिक्षक पर पूरा स्कूल चलाना पड़ता है। इस परिस्थिति को देखते हुए, शिक्षा विभाग ने “एकल शिक्षक वाले विद्यालयों” की सूची तैयार करने और आगामी वर्ष मार्च 2027 तक संभावित रूप से खाली होने वाले पदों का आकलन करने का निर्णय लिया है। यह कदम न केवल शिक्षण की गुणवत्ता को बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त करेगा, बल्कि बेरोजगार D.El.Ed. प्रशिक्षित उम्मीदवारों को भी रोजगार के नए अवसर प्रदान करेगा।
इस पहल की शुरुआत उप निदेशक डॉ. सुरेंद्र सिंह नेगी द्वारा की गई, जिन्होंने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (प्राथमिक शिक्षा) को एक महत्वपूर्ण पत्र जारी किया। इस पत्र के तहत जिलों से प्राथमिक विद्यालयों में खाली पड़े सहायक अध्यापक पदों की पूरी रिपोर्ट मांग की गई। साथ ही, एकल शिक्षक वाले विद्यालयों की विस्तृत सूची और मार्च 2027 तक आने वाले संभावित रिक्तियों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।
डीएलएड संघ की सक्रिय मांगों का भी इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। 7 सितंबर 2026 को संघ ने शिक्षा विभाग को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन्होंने प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों में रिक्त पड़े पदों को भरने और एकल शिक्षक वाले विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती के लिए आग्रह किया। इस अनुरोध को मानते हुए, महानिदेशालय ने 18 सितंबर 2026 को एक निर्देश जारी किया। इसके आधार पर, निदेशालय ने सभी जिलों से 30 सितंबर 2026 तक एक निर्धारित प्रारूप में स्थिति के अनुसार विवरण जमा करने का आदेश दिया।
इन कदमों के साथ, उत्तराखंड के प्राथमिक शिक्षा विभाग का लक्ष्य है कि मार्च 2027 से पहले ही नए शिक्षक पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा सके। इस दिशा में उठाए गए कदमों से न केवल ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी, बल्कि D.El.Ed. प्रशिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए भी रोजगार के द्वार खुलेंगे।
