ऐतिहासिक नगरी हरिद्वार स्थित प्रतिष्ठित गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय में शनिवार सुबह एक भयंकर घटना ने परिसर को हिला दिया। कुलपति कार्यालय के ठीक बाहर, उग्र कर्मचारियों ने कुलसचिव (रजिस्ट्रार) प्रो. सत्यदेव निगमालंकार को जमीन पर गिराकर बेरहमी से मारपीट की। इस जानलेवा हमले के बाद परिसर में अफरा-तफरी मच गई और तनाव का माहौल बन गया।
पिछले लगभग पंद्रह दिनों से विश्वविद्यालय में सफाई कर्मचारियों का धरना चल रहा था, जिनकी मांगों में बेहतर वेतन, बेहतर कार्य परिस्थितियाँ और अन्य बुनियादी अधिकार शामिल थे। बाद में शिक्षेत्तर कर्मचारी संघ से जुड़े कर्मचारियों ने भी इस आंदोलन में शामिल होकर समर्थन किया। लंबे समय से चल रहा यह गतिरोध शुक्रवार देर रात दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति और समझौते के बाद समाप्त हुआ। सब कुछ सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन शनिवार सुबह स्थिति अचानक विस्फोटक हो गई।
समझौते के कुछ ही घंटों बाद, जब प्रो. सत्यदेव निगमालंकार अपने कार्यालय पहुँचते ही कर्मचारियों के साथ एक मामूली विवाद भड़क गया। आक्रोशित कर्मचारियों ने आपा खो दिया, कुलसचिव को धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया और उनके साथ सरेआम मारपीट की। घटनास्थल पर मौजूद कुलपति प्रो. प्रतिभा मेहता लूथरा ने तुरंत स्थिति को संभाला और घायल कुलसचिव को चिकित्सा सुविधा के लिए कनखल कोतवाली अस्पताल पहुँचाया। पुलिस प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की, और घटना के बाद पुलिस जाँच में जुट गई।
कनखल कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही कुलसचिव को तुरंत मेडिकल के लिए भेजा गया है। अभी तक किसी भी पक्ष से लिखित तहरीर (शिकायत) प्राप्त नहीं हुई है, लेकिन पुलिस जाँच जारी है और पूछताछ के बाद दोषी पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कुलपति प्रो. प्रतिभा मेहता ने कहा, “कुछ कर्मचारियों द्वारा कुलसचिव के साथ मारपीट की बात सामने आई है, हालांकि घटना के वक्त मैं मौके पर मौजूद नहीं थी। परिसर में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाली जाएगी ताकि सच सामने आ सके। फिलहाल प्राथमिकता घायल कुलसचिव के उपचार और मेडिकल की है।” इस हमले ने शैक्षणिक गलियारों में गहरा रोष पैदा कर दिया है, और अब सभी की निगाहें पुलिस जाँच और सीसीटीवी फुटेज पर टिकी हैं।
