उत्तराखंड के तेनकासी जिले के इतिहास में एक नया और गर्व का अध्याय लिखा गया है, जब 2018 बैच की आईएएस अधिकारी डॉ. मोनिका राणा को जिलाधिकारी (डीएम) का पदभार सौंपा गया। यह नियुक्ति न केवल उनके प्रशासनिक करियर का शिखर है, बल्कि ‘पहाड़ की बेटी’ के रूप में इसकी विशेष प्रासंगिकता है, क्योंकि वे इस पहाड़ी जिले में जिला प्रशासन की कमान संभालने वाली पहली महिला अधिकारी बनी हैं। यह उपलब्धि उत्तराखंड के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जो साबित करती है कि मेहनत और दृढ़ संकल्प से कोई भी ऊंचाई हासिल की जा सकती है।
डॉ. मोनिका राणा का जन्म 18 जुलाई 1990 को हुआ था और वे मूल रूप से उत्तराखंड के देहरादून जिले के जौनसार क्षेत्र की रहने वाली हैं, जिनका पैतृक गांव नाडा लाखामंडल है। उनका शैक्षणिक और व्यावसायिक सफर अत्यंत अनोखा और संघर्षभरा रहा है। सिविल सेवा की परीक्षा (UPSC) में उन्होंने 577वीं रैंक प्राप्त करके अपना स्थान बनाया, लेकिन उनके पास प्रशासन से पहले चिकित्सा का गहरा अनुभव भी है। उन्होंने मद्रास मेडिकल कॉलेज (डॉ. एमजीआर मेडिकल यूनिवर्सिटी) से एमबीबीएस की डिग्री हासिल की थी, जिसके बाद उन्होंने तमिलनाडु कैडर में 2018 बैच की आईएएस अधिकारी के रूप में प्रवेश किया। यह तथ्य कि वे एक प्रशिक्षित डॉक्टर के रूप में भी प्रशासन में आंकी हैं, उन्हें अन्य अधिकारियों से अलग और विशेष स्थान देता है।
अपने प्रशासनिक करियर की शुरुआत तमिलनाडु के उधगमंडलम में सहायक कलेक्टर के पद से करती हुईं, डॉ. मोनिका राणा ने समय के साथ अपनी ज़िम्मेदारियों का दायरा बढ़ाया। उन्होंने प्रोजेक्ट ऑफिसर और एडिशनल कलेक्टर (डेवलपमेंट) के रूप में कार्य किया और हाल ही तक तिरुनेलवेली नगर निगम में कमिश्नर के पद पर तैनात थीं। प्रशासनिक नेतृत्व के अपने इस सफर में, वे विशेष रूप से अवैध निर्माणों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए चर्चा में रही हैं, जिसने उनकी निष्पक्षता और नियमों के प्रति कड़ी निष्ठा को रेखांकित किया।
तेनकासी जिले में डीएम बनना उनके करियर में एक बड़ी छलांग है, जो न केवल उनके व्यक्तिगत साहस की गवाही देती है, बल्कि उत्तराखंड के प्रशासनिक ढांचे में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का प्रतीक भी है। उनके द्वारा हासिल की गई यह उपलब्धि पहाड़ी क्षेत्रों के युवाओं के बीच एक सकारात्मक बदलाव का संदेश देती है, कि चाहे रस्ते कितने भी कठिन क्यों न हों, लेकिन सही दिशा और अटूट संघर्ष के साथ लक्ष्य तक पहुंचना संभव है। डॉ. मोनिका राणा अब तेनकासी के विकास और प्रशासनिक सुधारों के लिए अपने नए दायित्वों को निभाने की तैयारी में हैं, जिससे उन्हें ‘पहाड़ की बेटी’ के रूप में और भी गर्व का विषय बना दिया है।
