📅 Friday, 30 October 2026 ⛅ 24°C नैनीताल / देहरादून 📈 SENSEX +420.5 (82,140)
Ad Space (728x90) - Appearance > Customize > Ad Placements
होम » खबरनामा » उत्तराखंड में बालिका सशक्तिकरण का नया अध्याय: 149 मेधावी छात्राओं को मुख्यमंत्री धामी और मंत्री रेखा आर्या ने सम्मानित

उत्तराखंड में बालिका सशक्तिकरण का नया अध्याय: 149 मेधावी छात्राओं को मुख्यमंत्री धामी और मंत्री रेखा आर्या ने सम्मानित

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस का पर्व इस बार विशेष उत्साह और गर्व के साथ मनाया गया। सर्वे चौक स्थित आईआरडीटीटी सभागार में आयोजित ‘बालिका शिक्षा प्रोत्साहन’ कार्यक्रम ने बेटियों की प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर परिचय दिलाने की दिशा में एक कदम बढ़ाया। इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने मिलकर 149 मेधावी बालिकाओं को सम्मानित किया। इन छात्राओं को स्मार्टफोन प्रदान किए जाने का उद्देश्य न केवल उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करना था, बल्कि उन्हें आगे की सीख के लिए प्रेरित करना भी था। सम्मानित किए गए छात्राओं के दायरे में उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं में शानदार रैंक प्राप्त करने वाली बेटियां शामिल थीं, जिनमें जनपद स्तर पर प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान आने वाली तथा विकासखंड स्तर पर शीर्ष स्थान हासिल करने वाली मेधावी बालिकाएं मुख्य भूमिका निभाती रहीं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री रेखा आर्या ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस केवल एक प्रतीकात्मक अवसर नहीं है, बल्कि यह समाज और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं के अनमोल योगदान को पहचानने का दिन है। उन्होंने तर्क दिया कि बालिकाओं की प्रतिभा, क्षमता और सामर्थ्य को उजागर करना और उसे सम्मानित करना ही सच्ची सशक्तिकरण की शुरुआत है। मंत्री ने जोर देकर कहा कि शिक्षित और सशक्त बेटियां ही विकसित भारत के निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उनके व्यक्त किए गए विचारों में यह स्पष्ट संदेश शामिल था कि बालिकाओं को बेहतर शिक्षा, समान अवसर और लगातार प्रोत्साहन उपलब्ध कराने की आवश्यकता है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर अपने सपनों को साकार कर सकें और जीवन की हर उंचाई पर खड़ी हो सकें।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और कैबिनेट मंत्रियों द्वारा किए गए इस सम्मान ने मेधावी छात्राओं के बीच एक नई ऊर्जा का संचार किया। इस कार्यक्रम ने यह संदेश देखा कि राजनीतिक नेतृत्व बेटियों के शिक्षा क्षेत्र में किए गए प्रयासों को कितनी गंभीरता से ले रहा है। रेखा आर्या ने सम्मानित छात्राओं को बधाई देते हुए उन्हें एक महत्वपूर्ण सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि अव्वल आने की उपलब्धि को अंतिम मंजिल न समझा जाए, बल्कि इसे आगे बढ़ने और और भी ऊंचाइयों को छूने की शुरुआत माना जाए। यह दृष्टिकोण बच्चों में निरंतर प्रगति की भावना को जगाता है और उन्हें यह समझाने में सहायक होता है कि आज की सफलता कल के बड़े सपनों की नींव है।

इस आयोजन ने उत्तराखंड में बालिका शिक्षा को लेकर समाज में एक सकारात्मक प्रभाव डाला है। स्मार्टफोन जैसे आधुनिक तकनीकी उपकरणों का उपहार देना केवल एक वित्तीय सहायता नहीं, बल्कि बालिकाओं को डिजिटल दुनिया से जोड़ने और उनके ज्ञान के दायरे को विस्तृत करने का प्रतीक है। मुख्यमंत्री और मंत्री की उपस्थिति ने इस तथ्य को रेखांकित किया कि राज्य सरकार बेटियों के सशक्तिकरण को अपनी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर रखती है। ऐसे कार्यक्रम न केवल विजेताओं की ख्वाहिशें पूरी करते हैं, बल्कि अन्य बालिकाओं के लिए भी एक प्रेरणा स्रोत बनते हैं, जो उन्हें यह दिखाते हैं कि मेहनत और प्रतिभा का फल अवश्य मिलता है। इस प्रकार, अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस उत्तराखंड में शिक्षा और समानता के संदेश का जीवंत प्रतीक बनकर उभरा।

admin सत्यापित पत्रकार

आधिकारिक पत्रकार एवं विशेष संवाददाता।