उत्तराखंड के राजधानी देहरादून में भीषण बारिश का दंश जारी है, जिसने मंगलवार को दो बच्चों को अपनी चपेट में ले लिया। अलग-अलग इलाकों में नाले और नहर में बहने से दो अल्फाओं की मौत हो गई, जिसने पूरे शहर में सौने का माहौल खड़ा कर दिया है।
पहला हादसा कोतवाली पटेल नगर क्षेत्र में भारतीय वन्यजीव संस्थान के परिसर से जुड़ा है। संस्थान में वैज्ञानिक के तौर पर तैनात एक अधिकारी के 12 वर्षीय पुत्र सम्राट गोपी जीवी की शाम करीब 3 बजे लापता होने की घटना सामने आई। जब तक परिजनों ने काफी तलाश के बाद भी बच्चे की कोई खामोशी नहीं पाई, उन्होंने पुलिस को सूचना दी और सोशल मीडिया पर मदद के लिए अपील की। पुलिस और एनडीआरएफ की टीमों ने सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू की, हालांकि बच्चे के परिसर से बाहर निकलने के सीधे सबूत नहीं मिले। संभवतः बच्चा किसी नाले में गिर गया था, जिसके बाद विस्तृत खोज अभियान शुरू किया गया। ड्रोन की सहायता से किए गए खोज अभियान के अंत में, बडोवाला के पास डीएसपी चौक स्थित बरसाती नदी से सम्राट का शव बरामद किया गया। प्रारंभिक जांच के अनुसार, तेज बहाव में बहकर बच्चा उस जगह तक पहुंचा।
दूसरी घटना रायपुर थाना क्षेत्र के गुलरघाटी रोड, बालावाला की है। 10 वर्षीय केपी, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के लखीमपुर का रहने वाला था और अपने माता-पिता के साथ देहरादून में मजदूरी करता था, नहर में गिर गया। पुलिस सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची और एनडीआरएफ और फायर ब्रिगेड की टीमों को रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए बुलाया। पूरी रात खोज अभियान के बाद एनडीआरएफ ने गुलरघाटी नहर से बच्चे का शव बरामद किया। मृतक केपी शारीरिक रूप से दिव्यांग था।
इन दोनों दुर्घटनाओं के बाद, देहरादून के एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने जनता से सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने विशेष रूप से अभिभावकों से अनुरोध किया है कि वे बारिश के मौसम में अपने बच्चों को नालों, नहरों और तेज बहाव वाली नदियों के आसपास जाने से रोकें, ताकि इस तरह की आगामी हादसों से बचा जा सके। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।
