उत्तराखंड में मौसम सामान्य होते ही चारधाम यात्रा ने फिर से अपनी तेज़ रफ्तार दिखा दी। पितृ पक्ष के दौरान बदरीनाथ और केदारनाथ धामों में श्रद्धालुओं की बाढ़ आ रही है, और 28 सितंबर तक दोनों धामों में 33.73 लाख से अधिक लोगों ने दर्शन किया है। बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि कुल 53 लाख से अधिक श्रद्धालु चारधाम यात्रा में हिस्सा ले चुके हैं, जबकि पंजीकरण के आँकड़े भी इसी तरह बढ़ रहे हैं।
द्विवेदी के अनुसार, 28 सितंबर तक बदरीनाथ धाम के लिए 20.89 लाख और केदारनाथ धाम के लिए 22.62 लाख पंजीकरण हो चुके हैं, जिससे दोनों धामों के कुल पंजीकरण 43.52 लाख से अधिक हो गए हैं। चारधाम यात्रा के लिए कुल पंजीकरण 66 लाख के आंकड़े तक पहुँच चुका है, जो इस वर्ष के लिए एक नया रिकॉर्ड है।
मौसम के सामान्य होने के बाद, यात्रा ने फिर गति पकड़ी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार, प्रशासन और बीकेटीसी ने यात्रा के दूसरे चरण के लिए आवश्यक सभी व्यवस्थाएँ की हैं। मार्गों, आवास, स्वच्छता और सुरक्षा जैसी सुविधाओं पर निरंतर काम चल रहा है, ताकि तीर्थयात्रियों को सुगम एवं व्यवस्थित दर्शन का अनुभव मिल सके।
बीकेटीसी अध्यक्ष ने बताया कि बदरीनाथ एवं केदारनाथ धामों में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या के अनुसार मंदिर समितियाँ भी आवश्यक व्यवस्थाओं पर कड़ी निगरानी रख रही हैं। चारधाम के कपाट बंद होने में अभी डेढ़ महीने का समय शेष है, और इस दौरान रिकार्ड संख्या में तीर्थयात्रियों के धामों के दर्शन की उम्मीद है।
इस वर्ष की चारधाम यात्रा ने नयी ऊँचाइयाँ छुई हैं, और उत्तराखंड की आध्यात्मिक धरोहर को विश्वभर के भक्तों ने फिर से अपनाया है।
