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दुष्यंत गौतम की गवर्नर नियुक्ति के बाद अंकिता भंडारी केस में फिर गरमाहट, कोर्ट ने दी उम्रकैद की सजा

भारत के प्रमुख राजनीतिक मंचों पर दुष्यंत गौतम को सिक्किम के राज्यपाल नियुक्त करने के बाद उत्तराखंड में 2022 में हुई हत्याकांड—अंकिता भंडारी केस—फिर से सुर्खियों में आया है। दिल्ली के इंडिया गेट पर अपने बेटी की हत्या के बदले न्याय की माँग करते हुए अंकिता के माता‑पिता ने विरोध प्रदर्शन किया, जिसे पुलिस ने गुरुवार सुबह ही हिरासत में ले लिया। दो घंटे बाद उन्हें रिहा कर दिया गया, परन्तु पिता ने केंद्र सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम देकर दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द करने की माँग की और यदि यह नहीं हुआ तो आंदोलन को तेज करने की चेतावनी दी। इस कदम पर उत्तराखंड कांग्रेस ने भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने नियुक्ति को “उत्तराखंड की भावनाओं के खिलाफ” कहा।

उसी दिन देहरादून के पुलिस मुख्यालय में अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) डॉ. वी. मुरुगेशन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में केस की पूरी प्रगति का विवरण दिया। उन्होंने बताया कि हत्या की सूचना मिलने के 24 घंटे के भीतर संदेहियों—रिज़ॉर्ट संचालक पुलकित आर्य और दो कर्मचारियों सौरभ भास्कर, अंकित गुप्ता—को गिरफ्तार कर लिया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर विशेष जांच दल (SIT) गठित किया गया, जिसकी जिम्मेदारी डीआईजी‑स्तर की महिला आईपीएस अधिकारी को सौंपी गई। डिजिटल, तकनीकी, फॉरेंसिक और भौतिक साक्ष्यों को इकट्ठा कर 88 दिनों में लगभग 500 पन्नों का आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया गया।

मुरुगेशन ने आगे कहा कि अभियोजन पक्ष ने साक्ष्य‑आधारित पैरवी की, जिसके बाद कोटद्वार स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने 30 मई 2025 को पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को दोषी ठहराते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई। तीनों दोषी वर्तमान में जेल में हैं। हालांकि, परिवार ने केस में कथित वीआईपी एंगल को लेकर लगातार सवाल उठाए हैं और मांग की है कि सीबीआई की जांच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर रोक लगाई जाए। इस मांग को 14 अक्टूबर को कांग्रेस के राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने भी समर्थन दिया, जब उन्होंने अंकिता के माता‑पिता से मुलाकात की।

कुल मिलाकर, दुष्यंत गौतम की गवर्नर नियुक्ति और अंकिता भंडारी हत्याकांड के बीच का यह तनाव राजनीतिक, न्यायिक और सामाजिक स्तर पर नई बहसों को जन्म दे रहा है, जहाँ न्याय की पूर्ति के साथ-साथ राजनैतिक संवेदनशीलताओं का संतुलन बनाना चुनौतीपूर्ण बन गया है।

admin सत्यापित पत्रकार

आधिकारिक पत्रकार एवं विशेष संवाददाता।