हार्ड‑न्याय के बाद हरीश रावत ने दो पार्टी पदों से “विनम्रता पूर्वक” इस्तीफा देने का इरादा जताया

उत्तराखंड में एक नई राजनीतिक लहर का सामना करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने आज एक विस्तृत बयान दिया। उन्होंने बताया कि पिछले हफ्ते उनके पूर्व OSD, चंदन सिंह जीना के घर पर प्रवर्तन एजेंसी (ED) ने बड़ी मात्रा में नकदी और आभूषणों की बरामदगी की खबर आई, जिसके बाद उन्होंने कहा कि इस घटना के वास्तविक तथ्य “आने वाले समय में स्पष्ट रूप से सामने आएँगे”। रावत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि ग्राम सेवक भर्ती में OMR शीट के साथ छेड़छाड़ या किसी अन्य अनियमितता के आरोपों को प्रमाणित किया जाता है, तो वह “ऐसे कृत्य के लिए लज्जित होंगे” और जिम्मेदारी स्वीकार करेंगे।

रावत ने जीना को “निहायती सज्जन, विनम्र और काम करने वाला व्यक्ति” कहा, और कहा कि वर्तमान में लगाए गए आरोपों पर उनका भरोसा नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि जीना ने उनके OSD के रूप में कार्यकाल के दौरान पार्टी और सरकार दोनों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ संभाली थीं। तथापि, यदि जांच से यह सिद्ध होता है कि इन पर लगाए गए आरोप सत्य हैं, तो “किसी भी तरह के दुस्साहसिक कृत्य को उचित नहीं ठहराया जा सकता”।

राज्य में आगामी चुनावों की तेज़ी से बढ़ती दांव को देखते हुए, रावत ने उत्तराखंड की “भारी स्टेक्स” वाली चुनावी राजनीति का उल्लेख किया। वह इस बात पर भी रौशनी डालते हैं कि पहले उन्होंने मजाक में कहा था कि “जब CBI हमारे दरवाजे पर दस्तक देगी, तभी चुनाव की आहट समझी जाएगी”, पर इस बार एक सहयोगी के घर पर दस्तक देकर एक नया नरेटिव बनाने की कोशिश की गई है। कांग्रेस ने हमेशा भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ने का दावा किया है, और रावत ने कहा कि यदि उनके किसी सहयोगी के मामले से पार्टी के संघर्ष को कमजोर किया जाता है, तो वह ऐसा नहीं चाहते।

इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए, हरीश रावत ने अपने व्यक्तिगत निर्णय की घोषणा की। उन्होंने कहा कि वे वर्तमान में किसी सरकारी पद पर नहीं हैं, इसलिए “इस्तीफा” शब्द का प्रयोग नहीं किया जा सकता। फिर भी, वे उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी के सदस्य और कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) के स्थायी आमंत्रित सदस्य दोनों पदों से “बहुत विनम्रता पूर्वक” हटना चाहते हैं, ताकि उनकी वजह से कांग्रेस के भ्रष्टाचार‑विरोधी संघर्ष में कोई कमजोरी न आए।

Original Title: पूर्व OSD के घर पर ED का छापा, हरीश रावत बोले-  दोनों पदों से हटना चाहता हूं

Original Content: Uttarakhand News: Harish Rawat: Congress: पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के कार्यकाल में OSD रहे चंदन सिंह जीना के ठिकानों पर कथित तौर पर भारी मात्रा में नकदी और ज्वैलरी बरामद होने की खबर के बाद पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बड़ा बयान दिया है। रावत ने कहा कि बरामदगी से जुड़ा वास्तविक तथ्य आने वाले समय में सामने आएगा, लेकिन यदि ग्राम सेवक भर्ती में OMR शीट से छेड़छाड़ और किसी तरह की अनियमितता के आरोप प्रमाणित होते हैं, तो वह ऐसे कृत्य के लिए लज्जित होंगे।
हरीश रावत ने कहा कि चंदन सिंह जीना उनके OSD रहे हैं और पार्टी तथा सरकार में उनके कार्यकाल के दौरान उन्होंने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। रावत ने जीना को “निहायती सज्जन, विनम्र और काम करने वाला व्यक्ति” बताते हुए कहा कि उन्हें फिलहाल लगाए गए आरोपों पर विश्वास नहीं है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में आरोप सही साबित होते हैं तो उनके कथित दुस्साहसिक कृत्य को किसी भी तरह उचित नहीं ठहराया जा सकता।
रावत ने उत्तराखंड की आगामी चुनावी राजनीति का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में चुनाव को लेकर “भारी स्टेक्स” हैं। उन्होंने कहा कि पहले मजाक में कहा करते थे कि जब सीबीआई उनके दरवाजे पर दस्तक देगी, तभी चुनाव की आहट समझी जाएगी। लेकिन इस बार उनके घर के बजाय उनके एक सहयोगी के घर पर दस्तक देकर एक नरेटिव बनाने का प्रयास किया गया है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी और कार्यकर्ता भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। ऐसे समय में यदि उनके किसी सहयोगी से जुड़ा मामला पार्टी के संघर्ष को कमजोर करता है तो वह ऐसा नहीं चाहते।
हरीश रावत ने कहा कि उन्होंने अपने ईष्ट देवता का स्मरण करने के बाद बड़ा निर्णय लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह फिलहाल किसी सरकारी पद पर नहीं हैं, इसलिए वहां से इस्तीफा देने का सवाल नहीं है। हालांकि, वह उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी के सदस्य और कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) के स्थायी आमंत्रित सदस्य हैं।
रावत ने कहा कि वह इन दोनों पदों से “बहुत विनम्रता पूर्वक” हटना चाहेंगे, ताकि उनकी वजह से कांग्रेस के भ्रष्टाचार विरोधी संघर्ष में किसी तरह की कमजोरी न आए।