AIIMS Rishikesh ने अस्पताल परिसर में वाहन खड़ा करने पर शुल्क लगाने का निर्णय लिया है, जिससे इलाज के लिए आने वाले रोगियों और उनके साथियों को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा। 2024 के इस कदम के तहत, दोपहिया वाहनों के लिए ₹20 और चारपहिया वाहनों के लिए ₹40 की दरें तय की गई हैं। यह शुल्क टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के बाद नियुक्त किए गए ठेकेदार के माध्यम से वसूला जाएगा। अस्पताल के जनसंपर्क अधिकारी श्रीलॉय मोहंती ने इस व्यवस्था की पुष्टि करते हुए कहा कि यह कदम रोगी अनुभव को बेहतर बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।
हालांकि, यह निर्णय आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बोझ बढ़ा सकता है। AIIMS Rishikesh में अक्सर उत्तराखंड के अलावा अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में रोगी इलाज के लिए आते हैं। उन्हें डॉक्टर से परामर्श, जांच और रिपोर्ट दिखाने में काफी समय व्यतीत करना पड़ता है, जिससे पहले से ही चिकित्सा, दवा और यात्रा खर्च बढ़ जाता है। अब पार्किंग शुल्क जोड़ने से इन परिवारों पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा।
इस कदम पर ऋषिकेश के व्यापार मंडल ने नाराजगी जताई है और शुल्क के निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की है। स्थानीय स्तर पर भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या दूर-दराज से इलाज के लिए आने वाले रोगियों और उनके साथियों को राहत देने के लिए कोई विशेष व्यवस्था की जा सकती है।
अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि निर्धारित दरें कितने समय के लिए लागू होंगी या क्या किसी तरह की छूट या विशेष व्यवस्था की जाएगी। AIIMS Rishikesh प्रशासन ने बताया है कि टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और ठेकेदार नियुक्त कर दिया गया है। भविष्य में अस्पताल की प्रबंधन टीम इस विषय पर और विवरण साझा करेगी।
Original Title: ऋषिकेश एम्स में वाहन खड़ा करने के लिए देने होंगे पैसे, प्रशासन ने तय की दरें
Original Content: AIIMS Rishikesh : Parking Fee : Uttarakhand News : एम्स ऋषिकेश में इलाज कराने आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को अब पार्किंग के लिए भी पैसे खर्च करने होंगे। अस्पताल परिसर में वाहन खड़ा करने के लिए शुल्क वसूला जाएगा। इसके लिए एम्स प्रशासन ने टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ठेकेदार नियुक्त कर दिया है। निर्धारित दरों के मुताबिक दोपहिया वाहन पार्क करने पर 20 रुपये और चारपहिया वाहन खड़ा करने पर 40 रुपये देने होंगे। एम्स के जनसंपर्क अधिकारी श्रीलॉय मोहंती ने भी पार्किंग शुल्क की व्यवस्था की पुष्टि की है। एम्स ऋषिकेश में उत्तराखंड के अलावा दूसरे राज्यों से भी बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। कई मरीजों को डॉक्टर से परामर्श लेने, जांच कराने और रिपोर्ट दिखाने के लिए अस्पताल में काफी समय बिताना पड़ता है। ऐसे में पार्किंग शुल्क उनके खर्च को बढ़ा सकता है। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह अतिरिक्त खर्च परेशानी का कारण बन सकता है। मरीजों के इलाज, दवाइयों, जांच और आने-जाने पर पहले ही खर्च होता है। अब वाहन पार्क करने के लिए भी शुल्क देना होगा। एम्स में पार्किंग शुल्क लगाए जाने को लेकर ऋषिकेश के व्यापार मंडल ने नाराजगी जताई है। इस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए शुल्क के फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग उठाई गई है। स्थानीय स्तर पर यह भी सवाल उठ रहे हैं कि दूर-दराज से इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को राहत देने के लिए कोई विशेष व्यवस्था हो सकती है या नहीं। एम्स के जनसंपर्क अधिकारी श्रीलॉय मोहंती ने कहा कि अस्पताल में आने वाले लोगों को पार्किंग शुल्क देना होगा। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। दोपहिया वाहनों के लिए 20 रुपये और चारपहिया वाहनों के लिए 40 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। हालांकि उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि ये दरें कितनी अवधि की पार्किंग के लिए लागू होंगी और मरीजों या उनके तीमारदारों को किसी तरह की छूट मिलेगी या नहीं।
