उत्तराखंड के रुड़की में एक गहरा शोक की घटना प्रकाश में आई है, जहां IIT रुड़की के प्रोफेसर पार्थ राय की पत्नी, 50 वर्षीय रूपा राय, एक भयंकर यातायात दुर्घटना के शिकार हो गईं। जो मूल रूप से एक शांत सुबह की स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा थी, वह एक पीछे से आ रहे बेकाबू ई-रिक्शा की टक्कर के कारण जीवनभर की चोटों और दर्द की ओर मोड़ दिया गया। यह हादसा सोमवार, 21 सितंबर की सुबह हुआ, जब रूपा राय IIT रुड़की परिसर के बाहर सड़क पर अपनी नियमित मॉर्निंग वॉक के दौरान थीं। इस घटना ने न केवल उनके परिवार को, बल्कि विस्तृत शैक्षणिक समुदाय को भी गहरा जघन्य चोट पहुंचाई है, जिसने एक औरत की जिंदगी को हमेशा के लिए उलट दिया।
दुर्घटना के समय की रिपोर्ट के अनुसार, रूपा राय जैसे ही सड़क पर निकलीं, पीछे से आया एक ई-रिक्शा बेकाबू होकर उनके पीछे से जोरदार टक्कर मार गया। इस तबाही भरी टक्कर के परिणामस्वरूप रूपा राय का सिर गंभीर रूप से फट गया और वे लहूलुहान होकर बेहोश हो गईं। घटनास्थल पर ही उन्हें तुरंत चिकित्सा सहायता के लिए रुड़की के सिविल अस्पताल में लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत का आकलन किया। चूंकि उनकी चोटें बहुत गंभीर थीं और स्थिति गंभीर बनती गई, इसलिए उन्हें आगे के इलाज के लिए हायर सेंटर के रूप में देहरादून स्थित मैक्स अस्पताल में रेफर कर दिया गया।
मैक्स अस्पताल में भर्ती होने के बाद, रूपा राय को आईसीयू (ICU) में रखकर गहन चिकित्सा देखभाल दी गई। अगले दो दिन तक, यानी मंगलवार और बुधवार को, उनके परिवार और चिकित्सक टीम ने उनकी जिंदगी बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए। हालांकि, लगातार चिकित्सा संघर्ष के बावजूद, बुधवार को अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ले ली। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने उनके प्रियजनों के लिए एक अतुलनीय खोई को दर्शाया है, जहां एक स्वस्थ महिला की सुबह की सैर एक मृत्यु में बदल गई।
इस घटना के बाद, हरिद्वार पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस ने आरोपी ई-रिक्शा चालक, जिसका नाम पंकज बताया गया है, को हिरासत में ले लिया है और दुर्घटना में शामिल ई-रिक्शा को भी जब्त किया गया है। पुलिस अब मामले की आगे की जांच कर रही है कि क्या चालक का ध्यान भटका हुआ था या वाहन की तकनीकी खराबी थी। यह हादसा न केवल एक व्यक्ति की मौत का मामला है, बल्कि यह आम नागरिकों, विशेषकर बुजुर्गों और महिलाओं के लिए सड़क सुरक्षा की आवश्यकता के बारे में गंभीर चिंताओं को भी उजागर करता है। IIT रुड़की समुदाय में यह घटना एक गहरे दुख का कारण बनी है, जहां प्रोफेसर पार्थ राय और उनके परिवार के लिए यह समय सबसे कठिन है।
