धामी सरकार के तहत, चार अक्टूबर 2024 को चंपावत जिले के बनबसा में पहली बार कैबिनेट बैठक आयोजित होने जा रही है। यह निर्णय सरकार और शासन-प्रशासन की ओर से पहले ही तैयारियों के चरण में है, और इसे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विधानसभा क्षेत्र में आयोजित किया जाना एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है। बैठक सुबह 11 बजे एनएचपीसी परिसर में शुरू होगी, जहाँ स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा, परिवहन और पर्यटन सहित कई विभागों के प्रमुख प्रस्तावों पर चर्चा और अनुमोदन की संभावना है।
ऐतिहासिक दृष्टि से, यह पहली बार नहीं है कि कैबिनेट बैठक देहरादून जिले के बाहर आयोजित की गई है। 2010 में निशंक सरकार ने गंगा प्रदूषण के खिलाफ अभियान के दौरान हरिद्वार में कैबिनेट बैठक की थी। 2012 में विजय बहुगुणा सरकार ने गैरसैंण और चमोली में इसी प्रकार की बैठकें आयोजित की थीं। हरीश रावत की सरकार ने भी देहरादून से बाहर हरिद्वार, अल्मोड़ा और केदारनाथ में कैबिनेट बैठकें की थीं। इन सभी उदाहरणों से स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री के अपने विधानसभा क्षेत्र में बैठक करना एक राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों ही दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है।
बनबसा में होने वाली इस बैठक के साथ-साथ 22 से 24 अक्टूबर के बीच गैरसैंण में विधानसभा का आगामी सत्र भी तय किया गया है। यह सत्र भी चुनावी संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, खासकर पहाड़ी क्षेत्रों की राजनीतिक गतिशीलता को देखते हुए। दोनों कार्यक्रमों के माध्यम से सरकार का उद्देश्य न केवल नीति निर्माण और कार्यान्वयन को तेज करना है, बल्कि आगामी चुनावों के लिए क्षेत्रीय समर्थन को भी मजबूत करना है।
इस प्रकार, बनबसा में होने वाली कैबिनेट बैठक और गैरसैंण में होने वाले विधानसभा सत्र, दोनों ही धामी सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित होंगे, जो प्रशासनिक दक्षता और चुनावी रणनीति दोनों को एक साथ आगे बढ़ाने का प्रयास दर्शाता है।
