उत्तराखंड की राजनीतिक और प्रशासनिक दिशा-निर्धारण के लिए शुक्रवार को देहरादून में आयोजित राज्य कैबिनेट की बैठक ने विस्तृत और महत्वपूर्ण निर्णयों का लोहा मनवाया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कुल 10 प्रस्तावों पर विचार-विमर्श कर उन्हें मंजूरी दी गई। बैठक के समापन के बाद अपर सचिव मुख्यमंत्री बंसीधर तिवारी ने प्रेस ब्रीफिंग के माध्यम से संसद को इन फैसलों की जानकारी दी, जिनमें से सबसे अधिक चर्चा का विषय बनकर उभरा मेडिकल शिक्षा क्षेत्र में छात्रों के कल्याण से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम।
सबसे उल्लेखनीय निर्णय में राज्य के पांच राजकीय मेडिकल कॉलेजों में चल रहे MBBS इंटर्न के स्टाइपेंड में बड़ी वृद्धि शामिल है। कैबिनेट ने इंटर्न की मासिक स्टाइपेंड को पिछले 17,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय उन छात्रों के लिए राहत भरा है जो लंबे समय से आंदोलन करते हुए बेहतर भुगतान की मांग उठा रहे थे। इस कदम से न केवल मेडिकल कॉलेजों में छात्रों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, बल्कि इंटर्नशिप के दौरान उनकी मेहनत को मान्यता मिलने से उनके मनोबल में बढ़ोतरी भी होगी, जिससे राज्य के स्वास्थ्य सेवाओं में तैनाती की गुणवत्ता के लिए यह एक सकारात्मक संकेत है।
स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के विकास को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने हरिद्वार में कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) के तहत एक नए अस्पताल के निर्माण के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दिखाई है। यह फैसला औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए अत्यंत लाभदायक साबित होगा, क्योंकि उन्हें उच्च गुणवत्ता वाले स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच आसानी से होगी। साथ ही, पर्यटन और संचार के क्षेत्र में मसूरी रोपवे परियोजना को एक नया मोड़ मिला है, जैसा कि कैबिनेट ने पुरुकुलगांव में निर्माणाधीन इस परियोजना से जुड़े भूमि हस्तांतरण के प्रस्ताव को स्वीकृत किया है। इस निर्णय से न केवल रोपवे परियोजना को गति मिलेगी, बल्कि गढ़वाल सभा के भवन के निर्माण का रास्ता भी साफ हो जाएगा, जो स्थानीय विकास के लिए एक बड़ी जीत है।
प्रशासनिक सुधार और खेल नीति के संदर्भ में भी कैबिनेट ने कई कदम उठाए हैं। खेल नीति-2021 के तहत विभिन्न विभागों में आउट ऑफ टर्न नियुक्तियों के लिए 200 से अधिक पदों को स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा, शिक्षा विभाग के अंतर्गत व्यायाम शिक्षक के 35 पदों को खेल विभाग के लिए स्वीकृत किया गया है, जिनमें से अधिकांश पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए आरक्षित होंगे। यह कदम खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवाओं को सरकारी नौकरी का अवसर प्रदान करने के संदर्भ में प्रेरणादायक है। इसके साथ ही, सरकारी अधिवक्ताओं के शुल्क के पुनर्निर्धारण से जुड़ी कमेटी की रिपोर्ट को भी मंजूरी दी गई और खाद्य विभाग के सुधार कार्यक्रम में सीधी भर्ती के प्रस्ताव पर चर्चा की गई।
अन्य प्रशासनिक निर्णयों में उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (UERC) की वार्षिक रिपोर्ट को विधानसभा में रखने की अनुमति और कारागार सुधार विभाग में अपर निदेशक के एक नए पद के सृजन को शामिल किया गया है। सरकार ने सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत 17 सितंबर को विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का आयोजन करने का भी फैसला किया है, जिसका उद्देश्य जनसेवा और विभागीय योजनाओं को आम नागरिकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है। इन सभी निर्णयों से स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल और बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में व्यापक सुधार लाने के प्रति प्रतिबद्ध है।
