देहरादून में सर्राफ मंडल की ज्वैलरी प्रदर्शनी पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने दी “लोकल‑टू‑ग्लोबल” की दिशा‑दर्शिका

उत्तराखण्ड की राजधानी देहरादून में सर्राफ मंडल द्वारा आयोजित पारंपरिक आभूषण प्रदर्शनी में राज्य के माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गरिमापूर्ण उपस्थिति दर्ज की। विभिन्न प्रकार के स्वर्ण, चांदी और कांच के आभूषण, गढ़वाली नथ, पौंजी, चंपाकली हार, कुमाऊँनी गुलोबंद और झुमका जैसे स्थानीय डिज़ाइनों को करीब से देखते हुए धामी ने कारीगरों की बारीकी और शिल्प कौशल की सराहना की। उन्होंने सर्राफ मंडल तथा स्वर्णकार समाज को इस पहल के लिए बधाई देते हुए भविष्य में भी ऐसे मंचों के माध्यम से भारतीय विरासत को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने की प्रतिबद्धता जताई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “वोकल फॉर लोकल”, “मेक इन इंडिया”, “मेड इन इंडिया” और “स्टार्टअप इंडिया” जैसी राष्ट्रीय पहलों ने कारीगरों को नई पहचान और अवसर प्रदान किए हैं, और भारत को 2047 तक एक प्रमुख ज्वैलरी मैन्युफैक्चरिंग एवं डिजाइन हब बनाने की दिशा में तेज़ी से कदम बढ़ा रहे हैं। धामी ने यह भी जोड़ा कि उत्तराखण्ड सरकार पारंपरिक कौशल, हस्तशिल्प और स्थानीय कारीगरों को सशक्त बनाने हेतु प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजार पहुंच के लिए विशेष योजनाएँ तैयार कर रही है, जिससे युवा वर्ग को अपने सांस्कृतिक धरोहर से जुड़ने के नए रास्ते मिलें।

धामी ने “लोकल टू ग्लोबल” के लक्ष्य को साकार करने के लिए पारम्परिक डिज़ाइनों को आधुनिक रुझानों के साथ समायोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया। इस प्रक्रिया से न केवल उत्तराखण्ड के स्वर्णकारों को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे, बल्कि राज्य की समृद्ध ज्वैलरी परंपरा को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि हमारे गढ़वाली नथ, पौंजी और अन्य अनूठे आभूषण विश्वभर में पहचाने जाएँ, जिससे स्थानीय कारीगरों की आय में वृद्धि हो और हमारी सांस्कृतिक पहचान को नई ऊँचाइयाँ मिलें।”

अंत में धामी ने उत्तराखण्ड को “सर्वश्रेष्ठ राज्य” बनाने के “विकल्प रहित संकल्प” को दोहराते हुए स्वर्णकार समाज से सक्रिय सहयोग का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पारम्परिक आभूषणों के संरक्षण और स्वर्णकारों के कौशल विकास के लिए आवश्यक नीतियों को शीघ्रता से लागू करेगी, जिससे उत्तराखण्ड की ज्वैलरी उद्योग को राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाते हुए नई आर्थिक संभावनाएँ उत्पन्न होंगी।

Original Title: सर्राफ मंडल की प्रदर्शनी में पहुंचे CM, बोले पारंपरिक आभूषणों को मिलेगी ग्लोबल पहचान

Original Content: देहरादून में सर्राफ मंडल की ओर से आयोजित आभूषण प्रदर्शनी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिरकत की। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए विभिन्न प्रकार के आभूषणों, पारंपरिक डिजाइनों और स्वर्णकारों की कला एवं हुनर को देखा। उन्होंने आयोजन के लिए सर्राफ मंडल और स्वर्णकार समाज को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

सर्राफ मंडल की प्रदर्शनी में पहुंचे CM

सीएम ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन भारतीय कला, संस्कृति, परंपरा और स्थानीय हुनर को नई पहचान देने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। स्वर्णकार समाज केवल आभूषणों का निर्माण नहीं करता, बल्कि भारत की गौरवशाली परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने एवं उसे पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण कार्य भी करता है। विवाह, त्योहार और धार्मिक अनुष्ठानों सहित हमारे जीवन के प्रत्येक शुभ अवसर पर आभूषण हमारी परंपराओं, भावनाओं और सांस्कृतिक पहचान के प्रतीक रहे हैं।

सीएम ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘मेक इन इंडिया’, ‘मेड इन इंडिया’ और ‘स्टार्टअप इंडिया’ जैसी पहलों के माध्यम से देश के कारीगरों, स्थानीय उत्पादों और स्वदेशी हुनर को नई पहचान और नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं। ‘विकसित भारत-2047’ के लक्ष्य के अनुरूप भारत को वैश्विक ज्वैलरी मैन्युफैक्चरिंग और डिजाइनिंग का प्रमुख हब बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

सीएम ने कहा कि उत्तराखंड सरकार भी पारंपरिक कौशल, हस्तशिल्प और स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहित करने के साथ ही कौशल विकास और आर्थिक सहायता के माध्यम से उन्हें सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के समृद्ध पारंपरिक आभूषणों गढ़वाली नथ, पौंजी, चंपाकली हार, कुमाऊंनी गुलोबंद और झुमका आदि को राष्ट्रीय एवं वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने की आवश्यकता है।

‘लोकल टू ग्लोबल’ के लक्ष्य पर दिया जोर

सीएम ने कहा कि पारंपरिक डिजाइनों को आधुनिक आवश्यकताओं और बदलते समय के अनुरूप विकसित कर ‘लोकल टू ग्लोबल’ के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। इससे उत्तराखण्ड के स्थानीय कारीगरों और स्वर्णकारों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा युवा पीढ़ी भी अपनी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं से और अधिक जुड़ सकेगी।

सीएम ने कहा कि पारंपरिक आभूषणों के संरक्षण के साथ-साथ स्वर्णकार समाज के कौशल विकास के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। इस दिशा में आवश्यक योजना तैयार कर स्वर्णकारों और कारीगरों को आगे बढ़ाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। सीएम ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को देश का ‘सर्वश्रेष्ठ राज्य’ बनाने के ‘विकल्प रहित संकल्प’ के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने इस संकल्प को साकार करने में स्वर्णकार समाज से सक्रिय सहयोग और सहभागिता का आह्वान किया।
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