शनिवार, 5 सितंबर 2026 को चमोली के सिद्धपीठ कुरुड़ से मां नंदा की डोली ने 280 किलोमीटर लंबी पवित्र यात्रा पर प्रस्थान किया। हिमालय महाकुंभ के रूप में प्रसिद्ध यह जात यात्रा, जो हर बार 12‑वर्षीय चक्र पर होती है, इस वर्ष 5 सितंबर से 25 सितंबर 2026 तक चलने का निर्णय लिया गया। डोली के रवाना होते ही कुरुड़ के क्षेत्र में जय‑जयकारों की गूंज सुनाई दी, और बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी इस यात्रा में साथ जुड़ गए।
सिद्धपीठ कुरुड़ में पाँच दिन तक राजराजेश्वरी की पूजा‑अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान किए गए। विधि‑विधान के साथ डोली को कैलाश की ओर विदा किया गया, जहाँ माहौल भावुक हो गया और कई श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। भक्तों ने डोली का दर्शन कर आशीर्वाद लिया और यात्रा के सफल होने की कामना की। यह यात्रा सामान्य लोकजात यात्रा से अलग है क्योंकि इस बार डोली को होमकुंड तक ले जाने की योजना है, जहाँ 30 सितंबर को प्रमुख धार्मिक अनुष्ठान आयोजित होंगे।
बड़ी जात यात्रा के दौरान डोली को निर्धारित पड़ावों से होकर हिमालयी क्षेत्र की ओर बढ़ाया जाएगा। रास्ते में ग्रामीण श्रद्धालुओं द्वारा स्वागत और पूजा‑अर्चना की जाएगी। 2026 की राजजात यात्रा पर विवाद भी जारी है: नौटी समिति ने मौसम, बर्फ़बारी और सुरक्षा कारणों से इसे 2027 तक स्थगित किया, जबकि कुरुड़ पक्ष ने अपनी पारंपरिक भूमिका पर जोर देते हुए 2026 में ही बड़ी जात यात्रा आयोजित करने का निर्णय लिया।
बड़ी जात मंदिर समिति के अध्यक्ष कर्नल हरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि इस बार बधाण क्षेत्र की नंदा की डोली बड़ी जात में शामिल नहीं होगी और इसके कारण पर जिलाधिकारी चमोली से चर्चा की जाएगी। कुरुड़ पक्ष का कहना है कि नंदा यात्रा में कुरुड़ का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व अनिवार्य है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। इस प्रकार, 5 सितंबर को कुरुड़ से रवाना हुई मां नंदा की डोली ने भरी भरी जयकारों के बीच अपनी पवित्र यात्रा की शुरुआत की, और भक्तों के दिलों में आशा और आस्था की नई किरण जगाई।
Original Title: उत्तराखंड: कुरुड़ से कैलाश की ओर चली मां नंदा की डोली, जयकारों के बीच शुरू हुई 280 KM की बड़ी जात यात्रा
Original Content: Nanda Devi Yatra | Chamoli News | Uttarakhand Religion : चमोली में हिमालय महाकुंभ के रूप में प्रसिद्ध मां नंदा की बड़ी जात यात्रा शनिवार, 5 सितंबर को सिद्धपीठ कुरुड़ से कैलाश के लिए रवाना हो गई। मां नंदा की डोली के रवाना होते ही पूरा कुरुड़ क्षेत्र जय मां नंदा के जयकारों से गूंज उठा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी डोली के साथ यात्रा में शामिल हुए। …
