नैनिटाल के जिलाधिकारी ने प्राइवेट स्कूलों की फीस पर कड़ी कार्रवाई, 39 लाख वापस

प्राइवेट स्कूलों की अनियंत्रित फीस वसूली से अक्सर माता‑पिता निराश रहते हैं। नैनिटाल में एक ऐसी घटना घटी है जिसने पूरे राज्य में हलचल मचा दी है। जिलाधिकारी ने स्कूलों की मनमानी पर कड़ी कार्रवाई करते हुए माता‑पिता की जमा राशि वापस करवा दी।

**नैनिटाल में स्कूलों की मनमानी फीस पर कार्रवाई**
नैनिटाल प्रशासन ने प्राइवेट स्कूलों द्वारा अलग‑अलग नामों से वसूली गई फीस के खिलाफ एक व्यापक अभियान चलाया। इससे 87 निजी विद्यालयों में नियम‑उल्लंघन की पुष्टि हुई।

**जिलाधिकारी का कठोर रुख**
माता‑पिता लंबे समय से अकादमिक सत्र की शुरुआत में वसूली गई फीस के खिलाफ शिकायत कर रहे थे। इसके जवाब में जिलाधिकारी ललीत मोहन रयाल ने प्रशासन और शिक्षा विभाग के साथ मिलकर एक गुप्त जांच शुरू की।

**अल्टीमेटम और परिणाम**
जांच के बाद 87 स्कूलों को अल्टीमेटम दिया गया: या तो माता‑पिता को पूरी राशि वापस करें या स्कूल की मान्यता रद्द कर दी जाएगी। 46 स्कूलों ने कुल 39 लाख 5 हज़ार 405 रुपए की अतिरिक्त फीस वापस कर दी।

**अन्य बदलाव**
– 8 स्कूलों ने ट्यूशन फीस को पूर्व स्तर पर लाया।
– 39 स्कूलों ने परीक्षा शुल्क में भारी कटौती की।
– 15 स्कूलों ने रजिस्ट्रेशन शुल्क शून्य कर दिया या कम कर दिया।

नैनिटाल की यह पहल पूरे प्रदेश के लिए एक मिसाल बन गई है, और इसके बारे में चर्चा अब पूरे राज्य में हो रही है।