उत्ताखण्ड के पहाड़ी जिलों में दो नए आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज, साथ ही कई स्वास्थ्य‑सेवा पहलों में तेजी

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देहरादून से जारी एक विस्तृत ब्रीफ़िंग में आयुष एवं आयुष शिक्षा मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि राज्य के पहाड़ी जिलों में दो अतिरिक्त आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेजों की स्थापना की प्रक्रिया तेज़ी से आगे बढ़ रही है। सम्बंधित जिलाधिकारी को भूमि उपलब्धता के बारे में आधिकारिक पत्राचार किया गया है; जहाँ जमीन सुनिश्चित हो सकेगी, वहाँ ही इन कॉलेजों का निर्माण किया जाएगा।

**यूनानी अस्पताल की जमीन का मुद्दा**
जनपद हरिद्वार के पिरान‑कलियारी क्षेत्र में नियत यूनानी अस्पताल के लिये चिन्हित भू‑खण्ड राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) की विस्तार योजना में शामिल होने के कारण निर्माण कार्य रुक गया है। इस समस्या को सुलझाने हेतु क्षेत्रीय विधायक और जिलाधिकारी के साथ पत्राचार चल रहा है, ताकि वैकल्पिक जमीन की व्यवस्था की जा सके।

**एक महीने में ACP लाभ प्रदान करने का आदेश**
मंत्रियों ने अधिकारियों के साथ बैठक में 2013 एवं 2015 में नियुक्त विनियमित चिकित्सा अधिकारियों को एक माह के भीतर ACP लाभ मिलने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार डीएसीपी लाभ संबंधी मामले को वित्त विभाग को भेज दिया गया है। जिन अधिकारियों से आवश्यक दस्तावेज अभी तक नहीं मिले हैं, उनसे प्राप्त करने हेतु पत्राचार जारी किया गया है।

**विभागीय ढाँचे का पुनर्गठन**
मदन कौशिक ने बताया कि विभागीय संरचना एवं वेतन विसंगति के प्रस्ताव को सदस्य‑सचिव को भेज दिया गया है और इस पर कार्यवाही चल रही है। 2024 बैच के उन चिकित्सा अधिकारियों के स्थायीकरण के आदेश भी जारी किए गए हैं, जिनका मार्च‑2026 में प्रायोगिक अवधि समाप्त हो चुका है।

**योग प्रशिक्षकों के मानदेय में वृद्धि का प्रस्ताव**
केंद्रीय सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है, जिसमें योग प्रशिक्षकों के मानदेय को प्रति घंटा ₹250 से बढ़ाकर ₹500 करने की मांग की गई है।

**आयुर्वेद एवं ऑलोपैथिक सुविधाओं का विस्तार**
पीपलकोटी में स्थित पुरानी आयुर्वेदिक अस्पताल की इमारत को स्थानांतरित कर नई इमारत किराए पर लेने के निर्देश जारी किए गए हैं। जनपद हरिद्वार के रूड़की में ऑलोपैथिक विभाग की नई इमारत बन रही है; पुराने ऑलोपैथिक भवन को आयुष विभाग को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया चल रही है, जिससे स्थानीय लोगों को 15‑बेड वाले आयुर्वेदिक अस्पताल का लाभ जल्दी मिलेगा।

पंचकर्म, योग और प्राकृतिक चिकित्सा (एनपीटी) सहायकों की नियुक्ति तथा तैनाती को शीघ्र पूरा करने के लिए भी अधिकारियों को आदेश दिया गया है।

**अन्य प्रमुख बिंदु**
– आयुर्वेद, यूनानी एवं होम्योपैथिक फार्मेसी के लिये नए पदों का सृजन आगे बढ़ाने का निर्देश दिया गया।
– चिकित्सक सामुदायिक स्वास्थ्य (MOOCH) के मानदेय पुनरावलोकन हेतु आवश्यक पत्रावली जारी करने का आदेश दिया गया।
– आयुर्वेद निदेशालय के विस्तार के लिये प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है; महानिदेशक चिकित्सा एवं परिवार कल्याण विभाग को 2,000 वर्गमीटर अतिरिक्त भूमि आवंटित करने हेतु पत्र भेजा गया।
– हरिद्वार में आयुर्वेद फार्मेसी के औद्योगिक शेड के निर्माण व विस्तार के लिये, जनपद हरिद्वार स्थित सिडकुल के एमडी को सिडकुल क्षेत्र के भीतर जमीन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।

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