उत्तराखंड के देहरादून में ऑनलाइन कमाई और शेयर बाजार के झूठे वादों से पीड़ित हुए एक बुजुर्ग की 55.5 लाख रुपये की ठगी का मामला, राज्य की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने सफलतापूर्वक सुलझा लिया। पंडितवाड़ी के 68 वर्षीय चुन्नी लाल अग्निहोत्री ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें बताया गया कि उन्हें “SBSBL Community / VIP Community” नामक एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया था। ग्रुप के प्रशासक और सदस्य स्वयं को SEBI के पंजीकृत सलाहकार बताकर, फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग क्लासेज़, नकली डीमैट अकाउंट और CDSL‑NSDL दस्तावेज़ दिखाते रहे। भरोसा जीतने के बाद उन्होंने पीड़ित से कई किश्तों में कुल 55,50,000 रुपये जमा करवाए, जो बाद में वापस नहीं मिले।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की संबंधित धारा के तहत मामला दर्ज किया और जांच को STF के निरीक्षक अनिल कुमार को सौंपा। मनी ट्रेल और बैंक डेटा की गहन जाँच में पता चला कि पंजाब के फाजिल्का जिले के 26 वर्ष के सुखवीर सिंह, उर्फ “सुक्कू”, के खाते में 6 लाख रुपये सीधे ट्रांसफर हुए थे। इस खाते से जुड़े पहले से ही छह अन्य साइबर‑क्राइम शिकायतें दर्ज थीं, जिससे जांच की तीव्रता बढ़ी।
STF की विशेष टीम ने पंजाब में दबिश कर सुखवीर सिंह को गिरफ्तार कर लिया। वह चिमन सिंह के पुत्र, सुखबीर, शहीद भगत सिंह नगर, चक मन्नेवाला (नूर्समंद दरगाह के पास), थाना सिटी जलालाबाद, जिला फाजिल्का का निवासी है। इस कार्रवाई में निरीक्षक अनिल कुमार, उपनिरीक्षक जगमोहन राणा और कांस्टेबल सोहन बडोनी ने प्रमुख भूमिका निभाई। गिरफ्तार के बाद सुखवीर के बैंक खाते से ठगी के शेष रकम की पुष्टि की जा रही है।
उत्तरी प्रदेश की STF ने जनता को सतर्क रहने की अपील की है। वह कहते हैं कि कोई भी अनजान व्यक्ति या ऑनलाइन ग्रुप से बैंक विवरण, मोबाइल नंबर, OTP या पासवर्ड साझा न करें। व्हाट्सएप या टेलीग्राम पर “रातों‑रात दोगुना‑तिगुना मुनाफा” के झूठे वादे से बचें और किसी भी निवेश से पहले संस्था की पूरी जांच‑परख करें। यदि आप या आपका परिचित साइबर ठगी का शिकार हो, तो तुरंत 1930 (साइबर हेल्पलाइन) पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
Original Title: WhatsApp ग्रुप में जुड़ना पड़ा भारी, शेयर बाजार के नाम पर गंवाए 55 लाख
Original Content: ऑनलाइन कमाई और शेयर बाजार में भारी मुनाफे का लालच देकर लोगों को चपत लगाने वाले साइबर ठगों के खिलाफ उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। देहरादून के एक बुजुर्ग से 55 लाख रुपये से ज्यादा की ठगी करने के मामले में एसटीएफ ने पंजाब से एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी के बैंक खाते में ठगी के 6 लाख ट्रांसफर हुए थे।
कैसे शुरू हुआ ठगी का खेल?
देहरादून के पंडितवाड़ी इलाके के रहने वाले चुन्नी लाल अग्निहोत्री ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में एक शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि कुछ अज्ञात लोगों ने उन्हें “SBSBL Community / VIP Community” नाम के एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा। ग्रुप के एडमिन और सदस्यों ने खुद को शेयर बाजार की नियामक संस्था SEBI (सेबी) से रजिस्टर्ड सलाहकार बताया। ठगों ने पीड़ित को भरोसा दिलाने के लिए फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग क्लासेज चलाईं और एक फर्जी डीमैट अकाउंट खुलवा दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने असली दिखने वाले नकली CDSL और NSDL के दस्तावेज भी दिखाए। जब पीड़ित को ठगों पर पूरा भरोसा हो गया, तो उनसे अलग-अलग किश्तों और बैंक खातों में कुल 55,50,000 (साढ़े पचपन लाख) रुपये जमा करा लिए गए। बाद में जब पीड़ित को अपने पैसे वापस नहीं मिले, तो उन्हें ठगी का अहसास हुआ।
पुलिस की जांच और पंजाब में दबिश
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एसटीएफ के निरीक्षक अनिल कुमार को सौंपी गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP), एसटीएफ ने बताया कि जांच के दौरान जब पैसों के लेन‑देन (मनी ट्रेल) और बैंक खातों के टेक्निकल डेटा को खंगाला गया, तो एक खाता पंजाब के फाजिल्का जिले के रहने वाले सुखवीर सिंह उर्फ सूक्कू का निकला। पीड़ित से ठगे गए 55 लाख रुपये में से 6 लाख रुपये सीधे सुखवीर के खाते में डाले गए थे।
पंजाब से एक आरोपी अरेस्ट
जांच में यह भी सामने आया कि इस आरोपी के बैंक खाते के खिलाफ पहले से ही साइबर क्राइम की 6 अन्य शिकायतें दर्ज हैं। सुराग मिलते ही उत्तराखंड एसटीएफ की एक विशेष टीम ने पंजाब में डेरा डाला और फाजिल्का क्षेत्र में दबिश देकर 26 साल के आरोपी सुखवीर सिंह उर्फ सुक्कू को धर दबोचा। चिमन सिंह का पुत्र सुखबीर, शहीद भगत सिंह नगर, चक मन्नेवाला (नूर्समंद दरगाह के पास), थाना सिटी जलालाबाद, जिला फाजिल्का, पंजाब का रहने वाला है। इस सफल कार्रवाई में निरीक्षक अनिल कुमार, उप-निरीक्षक (SI) जगमोहन राणा और कांस्टेबल सोहन बडोनी की मुख्य भूमिका रही।
एसटीएफ की जनता से अपील
उत्तराखंड एसटीएफ ने आम लोगों को सतर्क करते हुए अपील जारी की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने बैंक खाते की जानकारी, मोबाइल नंबर, ओटीपी या बैंकिंग पासवर्ड किसी से साझा न करें। व्हाट्सएप या टेलीग्राम ग्रुप के जरिए शेयर बाजार में रातों‑रात दोगुना‑तिगुना मुनाफा दिलाने वाले लुभावने दावों से बचें। किसी भी संस्था में निवेश करने से पहले उसकी पूरी जांच‑पड़ताल कर लें। अगर आप या आपका कोई परिचित साइबर ठगी का शिकार होता है, तो बिना देर किए तुरंत 1930 (साइबर हेल्पलाइन नंबर) पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
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