📅 Sunday, 01 November 2026 ⛅ 24°C नैनीताल / देहरादून 📈 SENSEX +420.5 (82,140)
Ad Space (728x90) - Appearance > Customize > Ad Placements
⚡ ब्रेकिंग न्यूज़
🔴 धामी सरकार ने खेल‑सुरक्षा को तेज़ किया: पीआरडी मानदेय, ग्राम‑स्तर खेल क्लब और पुरस्कार राशि में बड़े बदलाव 🔴 दून मेडिकल कॉलेज में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल!, समान वेतन की मांग पर ठप हुआ काम 🔴 1 नवंबर को दिल्ली में कांग्रेस की “वोट बचाओ‑देश बचाओ” रैली: उत्तराखंड से हजारों कार्यकर्ता जुटेंगे 🔴 उत्तराखंड में उपनल कर्मियों को विभागीय संविदा‑आधारित मानदेय — 1 नवंबर 2026 तक भुगतान की गारंटी 🔴 उत्तराखंड की राजनीतिक धारा बदलने की तैयारी में UKD: 16 सीटों पर घोषित प्रत्याशी, सुरेंद्र कुकरेती ने संकेत दिया ‘फाइव-लेयर’ सिस्टम की सफलता 🔴 पनियाला ने उमेश कुमार के इस्तीफे पर ‘सस्पेंड ड्रामा’ कहा, दावा किया सरकार पर निर्भरता
होम » खबरनामा » उत्तराखंड में उपनल कर्मचारियों को मिलेगा न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ता – बड़ी राहत की उम्मीद

उत्तराखंड में उपनल कर्मचारियों को मिलेगा न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ता – बड़ी राहत की उम्मीद

उत्तराखंड सरकार ने उपनल (उपभोक्ता नीतियों के माध्यम से) के तहत विभिन्न विभागों में आउटसोर्स काम करने वाले कर्मचारियों के लिए वेतन एवं महंगाई भत्ते के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा की। नई संशोधित आदेश के अनुसार, 1 जनवरी 2016 से पहले नियुक्त उपनल कर्मचारियों के साथ-साथ 1 जनवरी 2016 से 12 नवंबर 2018 के बीच नियुक्त कर्मचारियों को अब न्यूनतम वेतनमान और महंगाई भत्ता मिलेगा। इस कदम को तत्काल लागू करने का निर्देश भी दिया गया है, जिससे इन श्रमिकों को आर्थिक राहत मिलने की संभावना है।

सैनिक कल्याण सचिव युगल किशोर पंत ने गुरुवार को जारी किए गए इस संशोधित शासनादेश में पहले से लागू समान वेतन व्यवस्था में सुधार करते हुए 12 नवंबर 2018 तक नियुक्त कर्मचारियों को भी दायरे में शामिल किया। सरकार ने बताया कि 13 नवंबर 2018 से 15 अक्टूबर 2024 के बीच नियुक्त और वर्तमान में कार्यरत उपनल कर्मचारियों को वेतनमान और महंगाई भत्ते का लाभ 1 अप्रैल 2027 से शुरू किया जाएगा। अन्य सभी नियम और शर्तें पूर्ववत रहेंगे, जिससे प्रक्रिया में निरंतरता बनी रहेगी।

यह निर्णय उत्तराखंड के विभिन्न विभागों में कार्यरत बड़ी संख्या में उपनल कर्मचारियों के लिए आशा की किरण बनकर उभरा है। कई महीनों से उपनल कर्मचारियों के संगठन समान वेतन और अनुबंध संबंधी मांगों को लेकर सरकार से कार्रवाई की पुकार कर रहे थे। उत्तराखंड उपनल संविदा कर्मचारी संघ, जो लगभग 22 हजार कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करता है, ने चरणबद्ध नियमितीकरण की भी माँग रखी थी। वेतन और अनुबंध संबंधी मुद्दों से उत्पन्न आर्थिक कठिनाइयों को देखते हुए, सरकार का यह नया संशोधन कर्मचारियों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

उपनल कर्मचारियों के प्रतिनिधियों ने इस कदम को स्वागत किया, यह कहते हुए कि अब वे न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ते के माध्यम से अपने जीवन स्तर में सुधार की उम्मीद कर सकते हैं। सरकार का यह निर्णय न केवल आर्थिक राहत प्रदान करेगा, बल्कि सार्वजनिक सेवा के क्षेत्र में अनुबंधित कार्यबल की स्थिरता और संतुष्टि को भी बढ़ावा देगा।

Original Title: उपनल कर्मचारियों के लिए खुशखबरी! अब इन कर्मचारियों को मिलेगा न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ता

Original Content: UPNL Employees | Salary Hike | Uttarakhand Government : उत्तराखंड में उपनल के माध्यम से विभिन्न विभागों में आउटसोर्स पर काम कर रहे कर्मचारियों के लिए राहत की खबर है। सरकार ने उपनल कर्मचारियों को समान वेतन और महंगाई भत्ते का लाभ देने की प्रक्रिया में बदलाव किया है। अब बड़ी संख्या में और कर्मचारियों को इसका लाभ मिल सकेगा।
सरकार के संशोधित आदेश के मुताबिक एक जनवरी 2016 से पहले नियुक्त उपनल कर्मचारियों के साथ-साथ एक जनवरी 2016 से 12 नवंबर 2018 तक नियुक्त कर्मचारियों को भी न्यूनतम वेतनमान और महंगाई भत्ते का भुगतान किया जाएगा। इसके लिए कार्रवाई तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
सैनिक कल्याण सचिव युगल किशोर पंत की ओर से गुरुवार को इस संबंध में संशोधित शासनादेश जारी किया गया। नए आदेश में पहले से लागू समान वेतन व्यवस्था में संशोधन करते हुए 12 नवंबर 2018 तक नियुक्त कर्मचारियों को भी दायरे में शामिल किया गया है।
सरकार के मुताबिक 13 नवंबर 2018 से 15 अक्टूबर 2024 तक निर्धारित पात्रता अवधि के बीच नियुक्त और वर्तमान में कार्यरत उपनल कर्मचारियों को वेतनमान और महंगाई भत्ते का लाभ देने की प्रक्रिया 1 अप्रैल 2027 से शुरू की जाएगी।
बाकी नियम और शर्तें पहले की तरह लागू रहेंगी। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत बड़ी संख्या में उपनल कर्मचारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
उपनल कर्मचारियों के संगठन की ओर से लंबे समय से समान वेतन और अन्य मांगों को लेकर सरकार से कार्रवाई की मांग की जा रही थी। उत्तराखंड उपनल संविदा कर्मचारी संघ ने प्रदेशभर में काम कर रहे करीब 22 हजार कर्मचारियों के चरणबद्ध नियमितीकरण को लेकर भी ठोस कदम उठाने की मांग की थी।
कर्मचारी संगठन का कहना था कि वेतन और अनुबंध से जुड़े मुद्दों को लेकर कर्मचारियों के सामने आर्थिक परेशानियां खड़ी हो रही हैं। ऐसे में सरकार के नए संशोधन को कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

admin सत्यापित पत्रकार

आधिकारिक पत्रकार एवं विशेष संवाददाता।

संबंधित समाचार (Related News)