उत्तराखंड के परिदृश्य पर मानसून की आखिरी बूंदें धीरे-धीरे घट रही हैं, और मौसम विभाग ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि अगले दो से तीन दिनों में राज्य के अधिकांश हिस्सों से वर्षा समाप्त होने की संभावना है। हालांकि, पहाड़ी इलाकों में मौसम पूरी तरह साफ नहीं रहेगा; उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के कुछ स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम निदेशक डॉ. सी.एस. तोमर ने कहा, “परिस्थितियाँ अब मानसून के लौटने के लिए अनुकूल नहीं दिख रही हैं, और हम उम्मीद कर रहे हैं कि आने वाले दिनों में अधिकांश क्षेत्रों में वर्षा समाप्त हो जाएगी।”
पिछले 24 घंटों में भी राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। जखोली में सबसे अधिक 20 मिमी, जानकीचट्टी में 9 मिमी, कर्णप्रयाग में 8.5 मिमी, ताकुला में 7.5 मिमी, थल में 4 मिमी, चौबटिया रानीखेत में 3.5 मिमी और मुक्तेश्वर में 3 मिमी बारिश हुई। इसी बीच बुधवारी को देहरादून में अधिकतम तापमान 32.1 °C और न्यूनतम 19.8 °C दर्ज किया गया, जो दर्शाता है कि मौसम धीरे-धीरे शुष्क हो रहा है।
मानसून के कमजोर पड़ने के साथ चारधाम यात्रा में भी तेज़ी देखी जा रही है। ऋषिकेश में पंजीकरण केंद्रों पर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। बुधवार सुबह से ही यात्रियों का ट्रांजिट केंद्र पर आगमन शुरू हुआ, और दोपहर तक लगभग 1,500 लोगों ने पंजीकरण कराया। शाम पांच बजे तक यह संख्या बढ़कर 2,250 हो गई। गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों से आए यात्रियों ने भी चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण कराया। ऋषिकेश के यात्रा बस अड्डे पर भी लगभग एक दर्जन काउंटरों पर भीड़ लगी हुई थी। यात्रा प्रशासन संगठन के ओएसडी डॉ. प्रजापति नौटियाल ने बताया कि ट्रांजिट केंद्र और बस अड्डे पर श्रद्धालुओं के पंजीकरण के लिए व्यवस्था पूरी तरह से तैयार है, ताकि यात्रियों को सहज अनुभव मिल सके।
जैसे-जैसे मौसम साफ़ होता जा रहा है, चारधाम यात्रा की धारा तेज़ी से बढ़ रही है और भक्तों के दिलों में उम्मीद की नई लहर दौड़ रही है। उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक माहौल में यह समय यात्रा के लिए एक परिपूर्ण अवसर प्रस्तुत कर रहा है।
