उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के धारणी घाटी में स्थित गर्ब्यांग में, 11वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (SSB) का कैंप गुरुवार रात लगभग 8 बजे एक धधकते हुए विस्फोट से हिल गया। बुखारी‑हीटर में अचानक उत्पन्न तेज़ धमाके के बाद बैरक में आग लग गई, जिससे आसपास के क्षेत्र में अफरा‑तफ़री मच गई। ठंडे मौसम की वजह से सैनिकों ने हीटर का उपयोग किया था; पिछले हफ्ते भारी बर्फबारी और रात के समय तापमान माइनस तक गिरने की रिपोर्टें मिली थीं। इस कड़ी ठंड से बचने के लिए चल रही डीज़ल‑बुखारी ने ही इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना को जन्म दिया।
आग की तेज़ लपटों ने बैरक को अपनी पकड़ में ले लिया, परंतु अंदर मौजूद लगभग 60 जवानों ने तुरंत बाहर निकलकर खुद को सुरक्षित किया। उनकी त्वरित प्रतिक्रिया से संभावित जनहानि टल गई, और इस घटना में किसी भी सैनिक को चोट नहीं लगी। आग की सूचना मिलने पर कैंप के भीतर मौजूद एम्बुलेंस और फायर‑फ़ाइटिंग इकाइयों ने तुरंत कार्रवाई की, जबकि पास में तैनात इंटीग्रेटेड ट्रेनिंग बॉर्डर पुलिस (ITBP) के जवान और स्थानीय ग्रामीण भी मदद के लिए पहुँचे। मिलजुल कर किए गए प्रयासों से लपटें दूसरे बैरकों तक नहीं पहुँच पाईं और अंततः पूरी तरह बुझा दी गईं।
हालाँकि कोई घायल नहीं हुआ, परंतु इस आग में बैरक में रखे हुए राशन, कपड़े और अन्य उपकरण जलकर नष्ट हो गए। वर्तमान में कैंप में स्थिति सामान्य है और क्षति का विस्तृत आकलन जारी है। धारणी के एसडीएम आशीष जोशी ने 11वीं वाहिनी SSB डी.डी.हाट के कमांडेंट के हवाले से इस घटना की पुष्टि की और बताया कि बुखारी के फटने को ही आग लगने का मुख्य कारण माना गया है। प्रशासन और सुरक्षा बल मिलकर इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना से हुए नुकसान का मूल्यांकन कर रहे हैं, साथ ही भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं से बचाव के उपायों को सुदृढ़ करने पर कार्य कर रहे हैं।
Original Title: उत्तराखंड: बुखारी में हुआ धमाका और धधक उठी SSB की बैरक, 60 जवानों ने भागकर बचाई जान
Original Content: Pithoragarh Fire | SSB Camp | Dharchula News : उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में नेपाल सीमा से सटे गर्ब्यांग में SSB कैंप की एक बैरक में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। आग इतनी तेजी से फैली कि बैरक में मौजूद करीब 60 जवानों को तुरंत बाहर निकलकर अपनी जान बचानी पड़ी। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी जवान के घायल होने की सूचना नहीं है।
घटना गुरुवार रात करीब 8 बजे धारचूला की व्यास घाटी में हुई। यहां 11वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (SSB) का कैंप है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक करीब एक सप्ताह पहले क्षेत्र में बर्फबारी हुई थी। इसके बाद रात के समय तापमान माइनस तक पहुंच रहा था। कड़ाके की ठंड से बचने के लिए बैरक में डीजल से चलने वाली बुखारी का इस्तेमाल किया जा रहा था।
बताया जा रहा है कि बुखारी में अचानक तेज धमाका हुआ। इसके बाद बैरक में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी बैरक को अपनी चपेट में ले लिया। आग की ऊंची लपटें काफी दूर तक दिखाई दे रही थीं…जिससे सीमा क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
बैरक के अंदर मौजूद जवानों ने बिना देर किए बाहर निकलकर खुद को सुरक्षित किया। करीब 60 जवानों के समय रहते बाहर आने से बड़ी जनहानि टल गई।
आग की सूचना मिलते ही SSB कैंप में आग बुझाने का प्रयास शुरू किया गया। आग की लपटें देखकर पास में तैनात ITBP के जवान और स्थानीय ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। सभी ने मिलकर आग पर काबू पाने की कोशिश की।
कड़ी मशक्कत के बाद आग को दूसरी बैरकों तक पहुंचने से रोक लिया गया और आग पूरी तरह बुझा दी गई। हालांकि इस घटना में बैरक में रखा जवानों का राशन, कपड़े और अन्य सामान जलकर नष्ट हो गया।
आग में किसी जवान के घायल होने की सूचना नहीं है। सभी 60 जवान सुरक्षित बताए जा रहे हैं। फिलहाल कैंप में स्थिति सामान्य है…और आग से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
धारचूला के एसडीएम आशीष जोशी ने 11वीं वाहिनी SSB डीडीहाट के कमांडेंट के हवाले से घटना की पुष्टि की है। प्रारंभिक जानकारी में बुखारी फटने को आग लगने की वजह बताया गया है। प्रशासन और सुरक्षा बल घटना से जुड़े नुकसान का विस्तृत आकलन कर रहे हैं।
