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उत्तराखंड की मिट्टी से उठा मुकाम: सोवेंद्र भंडारी बने भारतीय ब्लाइंड फुटबॉल टीम के कप्तान, जापान में खेलेंगे देश का नाम

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के चिन्यालीसौड़ इलाके में एक ऐतिहासिक घटना हुई है। यहीं के रहने वाले सोवेंद्र भंडारी ने अपनी अथगति और दृढ़ इच्छाशक्ति के दम पर खेल जगत में एक नया इतिहास रच दिया है। इंडियन ब्लाइंड फुटबॉल फेडरेशन के स्पोर्टिंग डायरेक्टर सुनील जे. मैथ्यू द्वारा घोषित किए गए इस फैसले के अनुसार, सोवेंद्र भंडारी आगामी 5वें एशियन पैरा गेम्स में भारतीय ब्लाइंड फुटबॉल टीम की कप्तानी संभालेंगे। यह प्रतियोगिता 18 से 24 अक्टूबर 2026 तक जापान के नागोया शहर में आयोजित की जाएगी। इस बड़ी जिम्मेदारी को सौंपे जाने के बाद चिन्यालीसौड़ समेत पूरे उत्तराखंड में एक अलग ही उत्साह और गर्व का माहौल छा गया है, जहां स्थानीय वासियों और खेल प्रेमियों की नजरें अब जापान के मैदानों पर टिकी हैं।

इस उपलब्धि के पीछे लंबी और कठिन तैयारी का सिलसिला चल रहा है। वर्तमान में, भारतीय दल केरल के कोच्चि में एशियन पैरा गेम्स के लिए अपनी तैयारियों में जुटा हुआ है। इसमें उत्तराखंड का विशेष योगदान देखने को मिल रहा है, क्योंकि भारतीय टीम में राज्य के चार खिलाड़ी शामिल हैं। इसमें से नरेश सिंह नयाल ने टीम में सहायक कोच के रूप में अपनी जगह बनाई है, जबकि वे गोलगाइड की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं। नरेश और कप्तान सोवेंद्र दोनों 2015 से ब्लाइंड फुटबॉल से जुड़े हुए हैं और उन्होंने देहरादून स्थित राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान में अपनी ट्रेनिंग पूरी की है। साल 2023 में चीन के हांगझोऊ में आयोजित एशियन पैरा गेम्स में भी दोनों खिलाड़ियों ने देश का प्रतिनिधित्व किया था, जिससे उनके अनुभव और क्षमता को और पक्का किया गया।

सोवेंद्र भंडारी ने इस बड़ी जिम्मेदारी को सौंपे जाने पर अपने सहयोगियों को धन्यवाद दिया है। उन्होंने कहा कि यह उनके खेल जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है और इस मुकाम तक पहुंचने में उनके कोच, फेडरेशन, साथी खिलाड़ियों, परिवार और दोस्तों का अटूट सहयोग रहा है। उत्तराखंड ब्लाइंड फुटबॉल एसोसिएशन के संस्थापक अनंत मेहरा ने भी इस घटना को प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बताया है। मेहरा का कहना है कि सोवेंद्र का सफर साबित करता है कि निरंतर अभ्यास और मेहनत के बल पर दृष्टि बाधित खिलाड़ी भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।

अब प्रश्न यह है कि क्या सोवेंद्र की लीडरशिप में भारतीय टीम जापान में शानदार प्रदर्शन करने में सक्षम होगी? स्थानीय लोगों की उम्मीद यह है कि इस बार भारतीय दल न केवल पराक्रमी बनेगा, बल्कि राज्य और देश का नाम रोशन करेगा। चिन्यालीसौड़ के लोग अपने युवा के इस उपलब्धि को गर्व से ललकार रहे हैं और अब वे उस ऐतिहासिक क्षण का इंतजार कर रहे हैं जब सोवेंद्र भंडारी जापान के मैदान पर फ्लैग लेकर भारतीय टीम को अग्रसर करेंगे।

admin सत्यापित पत्रकार

आधिकारिक पत्रकार एवं विशेष संवाददाता।