मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने आज देहरादून के जाखन में स्थित इंजीनियर इन्क्लेव पर एक अवैध निर्माण पर तुरंत सील लगा दी। यह कार्रवाई उसी समय हुई जब प्राधिकरण की टीम ने पाया कि निर्माण स्वीकृत नक्शे के अनुरूप नहीं था। जाखन, राजपुर रोड पर यह निर्माण अनुभव छाबड़ा और विकास गिरधर द्वारा कराया जा रहा था, जिसके लिए एमडीडीए ने उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम, 1973 और उत्तराखंड संशोधन अधिनियम, 2009 के तहत वाद दायर किया था।
जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि भवन का आकार, स्थान और ऊँचाई अनुमत मानचित्र से अलग थी। एमडीडीए के अनुसार, ऐसे प्रोजेक्ट्स को नियमानुसार अनुमोदन के बिना शुरू करना न केवल शहरी नियोजन के सिद्धांतों का उल्लंघन है, बल्कि यह देहरादून के सतत विकास लक्ष्यों को भी खतरे में डालता है। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्राधिकरण ने मौके पर पहुँच कर निर्माण पर सील लगा दी, जिससे निर्माण कार्य तुरंत रोका गया।
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा, “देहरादून में सुनियोजित विकास हमारी प्राथमिकता है। भवन निर्माण के तय नियमों और स्वीकृत मानचित्र का पालन सभी के लिए अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।” इसके साथ ही सचिव मोहन सिंह बर्निया ने भी यह स्पष्ट किया कि “स्वीकृत मानचित्र से अलग निर्माण करना नियमों का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाती है। हम निर्माणकर्ताओं से अपील करते हैं कि वे प्राधिकरण से स्वीकृत नक्शे के मुताबिक ही निर्माण करें, ताकि उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना न करना पड़े।”
एमडीडीए ने यह भी बताया कि शहर में हो रहे सभी निर्माण कार्यों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है, और भविष्य में किसी भी अवैध निर्माण पर तत्क्षण कार्रवाई की जाएगी। इस कदम से देहरादून की शहरी योजना को सही दिशा में आगे बढ़ाने के प्रति प्राधिकरण की प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है।
