होटल कर्मचारियों के दर्द पर मोहित डिमरी ने खोली सरकार की पोल, किया चुनावी ऐलान

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देश–विदेश के होटलों में काम करने वाले युवाओं की समस्याओं और अधिकारों को लेकर स्वाभिमान मोर्चा के सदस्य मोहित डिमरी ने अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि होटेलियर कर्मचारी देश की हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री की रीढ़ हैं, लेकिन अब तक किसी भी सरकार ने उनके लिए ठोस और समर्पित नीति नहीं बनाई। डिमरी ने कहा अगर जनता क्षेत्रीय पार्टी पर भरोसा जताती है तो वो होटल में काम करने वाले युवाओं के लिए ठोस नीति बनाएंगे।

होटल कर्मचारियों के दर्द पर मोहित डिमरी ने खोली सरकार की पोल

मोहित डिमरी ने कहा कि उन्होंने पहाड़ के घरों से निकलकर देश–विदेश के होटलों में पसीना बहाते युवाओं का दर्द बहुत नज़दीक से देखा है। उन्होंने उन माता–पिता, पत्नियों और बच्चों का ज़िक्र किया, जिनका पूरा जीवन होटल कर्मचारियों की समय पर मिलने वाली सैलरी पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि बड़े होटलों की चमचमाती लॉबी और मुस्कुराते चेहरों के पीछे 12–14 घंटे की मेहनत, फिक्स छुट्टी का अभाव और असुरक्षा छिपी होती है, जिसे कोई नहीं देखता।

होटल में काम करने वाले युवाओं के लिए नहीं है कोई नीति: डिमरी

डिमरी ने सवाल उठाया कि जब होटल और हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री देश की जीडीपी में बड़ा योगदान देती है, तो उसी उद्योग में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए आज तक कोई ठोस नीति क्यों नहीं बनी। डिमरी ने उत्तराखंड में सीमित रोजगार के कारण पलायन को मजबूरी बताते हुए कहा कि राज्य का युवा पहले स्थानीय पर्यटन स्थलों, फिर महानगरों और उसके बाद विदेशों में होटल लाइन में काम करने जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह पलायन शौक नहीं, मजबूरी है, लेकिन जब यह शोषण में बदलता है, तब सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह हस्तक्षेप करे।

गोवा क्लब घटना का किया जिक्र

डिमरी ने हाल ही में गोवा क्लब में आगजनी घटना का जिक्र किया, जिसमें 25 होटल कर्मचारियों की मौत हुई थी। उन्होंने बताया कि मृतकों में उत्तराखंड के पांच युवक भी शामिल थे। डिमरी ने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद न तो कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर कोई स्थायी नीति बनी और न ही पीड़ित परिवारों के लिए कोई दीर्घकालिक योजना लाई गई। डिमरी ने कहा कि आज लाखों होटल कर्मचारियों को समय पर सैलरी नहीं मिलती, कई जगह महीनों तक वेतन रोका जाता है।

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युवाओं के मुद्दों को चुनावी मेनिफेस्टो में शामिल करने का किया ऐलान

डिमरी ने आगे कहा कि होटल में काम करने वाले युवाओं की PF और ESI जैसी कानूनी सुविधाएं या तो लागू नहीं की जातीं या कागज़ों तक सीमित रहती हैं। उन्होंने होटल कर्मचारियों के लिए 8 घंटे की शिफ्ट व्यवस्था न होने पर भी चिंता जताई। डिमरी ने ऐलान किया कि उनकी क्षेत्रीय पार्टी होटेलियर कर्मचारियों के सभी मुद्दों को अपने चुनावी मेनिफेस्टो में शामिल करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार बनने पर होटल कर्मचारी सुरक्षा कानून, 8 घंटे की शिफ्ट, ओवरटाइम भुगतान, सैलरी गारंटी सिस्टम, पीएफ–ईएसआई की सख्त निगरानी, 25 लाख का जीवन बीमा और 10 लाख का दुर्घटना बीमा लागू किया जाएगा।

युवाओं के लिए बनाई जाएगी हेल्प डेस्क

डिमरी ने यह भी कहा कि विदेश में काम करने वाले होटेलियर कर्मचारियों के लिए राज्य स्तरीय हेल्प डेस्क बनाई जाएगी और किसी कर्मचारी की मृत्यु होने पर शव को स्वदेश लाने का पूरा खर्च सरकार उठाएगी। डिमरी ने होटल कर्मचारियों के डिजिटल रजिस्ट्रेशन, यूनिक पहचान पत्र और होटल कर्मचारी कल्याण कोष बनाने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि असमय मृत्यु की स्थिति में बच्चों की शिक्षा, परिवार को मासिक सहायता और एक सदस्य को रोजगार में प्राथमिकता दी जाएगी।

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