उत्तराखंड की राजनीतिक बाड़मियों में 23 साल पुराने ‘जैनी प्रकरण’ को दोबारा चिड़कते हुए एक नया और तीखा मोड़ आ गया है। शनिवार को जब जैनी ने देहरादून में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत पर गंभीर आरोप लगाए और दोबारा CBI जांच व DNA टेस्ट की मांग को उठाया, तो इसकी प्रतिक्रिया में हरक सिंह ने भी प्रेस वार्ता का आयोजन कर अपना पलटवार किया। कांग्रेस की चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष ने इस पूरे घटनाक्रम को भाजपा का एक योजनाबद्ध राजनीतिक षड्यंत्र करार देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर निशाना साधा। हरक सिंह का कहना है कि चुनावों के नजदीक आते ही भाजपा कांग्रेस को घेरने के लिए ऐसे हथकंडे अपना रही है, क्योंकि पार्टी विभिन्न जन-आवेदनों और अभियानों के माध्यम से जनता के बीच जा रही है और सरकार इनसे भयभीत है।
हरक सिंह रावत ने दावा किया कि जैनी को योजनाबद्ध तरीके से देहरादून बुलाया गया है ताकि उनके खिलाफ एक विशेष माहौल बनाया जा सके। उन्होंने तर्क दिया कि जब यह मामला पहली बार सामने आया था, तब केंद्र में भाजपा की सरकार थी और तब CBI ने जांच की थी, जिसमें उन्हें क्लीन चिट मिली थी। हरक सिंह ने स्मरण कराया कि उस समय स्वयं उन्होंने विधानसभा में इस्तीफा देकर CBI जांच और DNA टेस्ट की मांग की थी, और जांच पूरी होने तक सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर रहे थे। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी ने CBI की रिपोर्ट में साफ होने पर उन्हें बधाई दी थी।
अपने पक्ष में तर्क रखते हुए, हरक सिंह ने कहा कि 23 साल बाद न्यायालय के फैसले और CBI की जांच रिपोर्ट पर सवाल उठाना उचित नहीं है। उन्होंने जैनी द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए बताया कि उस समय कुछ लोगों ने एक युवती को नौकरी दिलाने के लिए उन्हें बुलाया था, जिसमें मधुबन होटल में पद देने की बात भी सामने आई थी। हरक सिंह का आरोप है कि जैनी को प्रलोभन देकर उनका नाम लिया गया है और अब इस पुराने मामले को राजनीतिक रंग देने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर हमला बोलते कहा कि इस खेल की शुरुआत धामी ने की है, और यह पूरी प्रक्रिया भाजपा सरकार के इशारे पर चल रही है।
इस घटनाक्रम के समापन के संकेत देते हुए, हरक सिंह रावत ने कहा कि वे किसी भी तरह से घबराने वाले नहीं हैं और कांग्रेस का संघर्ष भाजपा सरकार को सत्ता से हटाने तक जारी रहेगा। उन्होंने वरिष्ठ नेताओं के शब्दों को दोहराते हुए कहा कि “सीएम धामी ने इस खेल की शुरुआत की है, इसका अंत हरक सिंह रावत करेगा।” कानूनी कार्रवाई के संदर्भ में, हरक सिंह ने घोषणा की कि वे जैनी प्रकरण को लेकर अपनी छवि खराब करने वाले खिलाफ हाईकोर्ट में मानहानि का मुकदमा दर्ज कराने जा रहे हैं। उन्होंने इससे पहले भी विजय बर्त्वाल और आशा नौटियाल के खिलाफ मानहानि की कानूनी कार्रवाई की थी, और अब वे अपने वकीलों के माध्यम से न्याय की मांग करेंगे। इस घमासान के बाद उत्तराखंड की राजनीति एक बार फिर गरम हो गई है, जहां दोनों पक्षों के बीच नारों और विरोधों का माहौल बना हुआ है।
