दिल्ली में 10 अक्टूबर को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन के मद्देनजर उत्तराखंड से राजधानी जाने वाले यात्रियों के लिए स्थिति गंभीर हो गई है। सुरक्षा की चिंताओं को देखते हुए उत्तर रेलवे के मुरादाबाद मंडल ने अपनी वायुमंडलीय स्थिति के अनुसार एक कठोर फैसला लेते हुए छह प्रमुख ट्रेनों को रद्द कर दिया है। इनमें सबसे महत्वपूर्ण देहरादून-नई दिल्ली जनशताब्दी एक्सप्रेस भी शामिल है, जिसके रद्द होने से यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है। रेलवे प्रशासन ने सूचित किया कि इन रद्द ट्रेनों के यात्रियों को उनके टिकट का पूरा भुगतान वापस किया जाएगा, जिसकी प्रक्रिया एक से दो दिनों के भीतर पूर्ण होने की उम्मीद जताई गई है। इस निर्णय के साथ ही, दिल्ली में 57 मेट्रो स्टेशनों को बंद करने का भी फैसला लिया गया है, जो शहरी मواصلत पर गहरा असर डालेगा।
सुरक्षा एजेंसियों ने प्रदर्शन के दिन से एक दिन पहले, यानी 9 अक्टूबर की रात से ही उत्तराखंड से दिल्ली जाने वाले सभी प्रमुख सड़क मार्गों पर निगरानी कड़ी कर दी है। देहरादून से आशारोड़ी बॉर्डर, हरिद्वार से रुड़की मार्ग, हल्द्वानी से रुद्रपुर-रामपुर मार्ग और कोटद्वार से नजीबाबाद मार्ग पर वाहनों की जांच और संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की तैयारी की जा रही है। ऋषिकेश से दिल्ली जाने वाले हरिद्वार-रुड़की कॉरिडोर पर भी सुरक्षा बल सक्रिय रूप से मौजूद रहेंगे। जरूरत पड़ने पर वाहनों की गहन जांच, ट्रैफिक डायवर्जन और संदिग्ध तत्वों को हिरासत में लेने की कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, देहरादून आईएसबीटी, हरिद्वार और हल्द्वानी जैसी प्रमुख बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर भी अतिरिक्त सुरक्षा फोर्स तैनात की जा रही है ताकि किसी भी संभावित सुरक्षा चुनौती से निपटा जा सके। हालांकि, इन अतिरिक्त सुरक्षा इंतजामों की आधिकारिक पुष्टि अभी जारी नहीं की गई है, लेकिन फ़ील्ड लेवल पर तैयारियां जोरों पर चल रही हैं।
दिल्ली पुलिस प्रशासन ने इस प्रस्तावित प्रदर्शन को मंजूरी नहीं दी है, जिसके पीछे प्रक्रियागत कारनामे का हवाला दिया गया है। जॉइंट सीपी नूपुर प्रसाद ने शुक्रवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि CJP ने 7 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन करने की सूचना दी थी। नियमों के अनुसार, किसी भी प्रदर्शन के लिए 10 दिन पहले आवेदन करना अनिवार्य होता है, जो कि पार्टी ने नहीं किया था। इसी वजह से पुलिस ने प्रदर्शन की मंजूरी नहीं दी। वहीं, CJP के सह-संयोजक सौरव दास ने प्रशासन के इस फैसले का तीव्र विरोध किया है। दास का कहना है कि सरकार प्रदर्शन से डर गई है और राजधानी में सुरक्षाबलों की भारी तैनाती करके खुद ही बंद जैसे हालात बना दिए हैं। न्यूज एजेंसी IANS के मुताबिक, नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन पहुंचने वाली कई निर्धारित मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को उनके मूल स्टेशनों से ही रद्द कर दिया गया है।
इस संकटभरी स्थिति में, उत्तराखंड से दिल्ली के लिए यात्रा करने वाले सभी यात्रियों से अपील की जा रही है कि वे रेलवे स्टेशन पर पहुंचने से पहले अपनी ट्रेन की समकालीन स्थिति (live status) अवश्य जांच लें। यात्रियों की सुविधा और समय की बचत के लिए, उन्हें अपनी यात्रा के प्लान को रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप के माध्यम से पुनः सत्यापित करने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी है कि सुरक्षा कारणों से यात्रा के दौरान देरी या मार्ग परिवर्तन की संभावनाएँ बनी हुई हैं, इसलिए यात्रियों को अपनी यात्रा के दौरान सावधानी बरतने और स्थानीय अधिकारियों की नीति का पालन करने का अनुरोध किया गया है।
