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हाईकोर्ट ने खानपुर विधायक ऑफिस फायरिंग को पीआईएल बना कर सुनवाई का आदेश दिया

उत्तराखंड के उत्तराखंड हाईकोर्ट ने खानपुर विधानसभा क्षेत्र के स्वतंत्र विधायक उमेश कुमार के कार्यालय में 26 जनवरी 2025 को हुई अंधाधुंध फायरिंग के मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया। न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ ने इस केस को “कानून‑व्यवस्था को गंभीर रूप से प्रभावित करने वाला” कहा और सार्वजनिक शांति व सुरक्षा को खतरा उत्पन्न करने वाले इस अपराध को तुरंत सार्वजनिक हित याचिका (पीआईएल) में परिवर्तित करने का निर्देश दिया। इस कदम से मामला अब पीआईएल सुनवाई करने वाली विशेष पीठ के समक्ष आएगा और मुख्य न्यायाधीश की स्वीकृति के बाद ही आगे बढ़ेगा।

साक्ष्य के तौर पर अदालत ने राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत शपथ पत्रों की जांच की, जिनमें कई व्यक्तियों के इस गोलीबारी में शामिल होने का उल्लेख था। वीडियो फुटेज ने भी स्पष्ट रूप से दिखाया कि पूर्व विधायक प्रणव सिंह चैंपियन अपने समर्थकों के साथ उमेश कुमार के कार्यालय में प्रवेश कर, कर्मचारियों पर मारपीट और अंधाधुंध फायरिंग कर रहे थे। यह झड़प उस समय की थी, जब दो राजनीतिक गुटों के बीच तीखी प्रतिद्वंद्विता चल रही थी; पिछले साल 25 जनवरी को उत्तराखंड नगर निकाय चुनाव के परिणामों के बाद दोनों नेताओं के बीच इंटरनेट पर आपसी टिप्पणीें भी हुई थीं।

हाईकोर्ट ने इस मामले को “स्वत: संज्ञान” लेते हुए पीआईएल में तब्दील करने का आदेश दिया, जिससे पूरे रिकॉर्ड को जनहित याचिका सुनवाई करने वाली पीठ के सामने रखा जाएगा। यह प्रक्रिया न केवल इस विशेष घटना की न्यायिक समीक्षा को तेज़ करेगी, बल्कि भविष्य में समान हिंसक घटनाओं को रोकने के लिए एक सख्त कानूनी मिसाल स्थापित करेगी। अदालत ने इस कदम को सार्वजनिक सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता और कानून के शासन को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

Original Title: खानपुर विधायक फायरिंग केस में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, जानिए

Original Content: हरिद्वार की खानपुर विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक उमेश कुमार के ऑफिस पर अंधाधुंध फायरिंग मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। दरअसल इस मामले में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया था। ऐसे में मामले की सुनवाई को कोर्ट ने पीआईएल में तब्दील करने के निर्देश दे दिए हैं।

खानपुर विधायक ऑफिस फायरिंग केस में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

दरअसल न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ ने इस मामले में सुनवाई की। जिसमें उन्होंने कहा कि ये घटना कानून-व्यवस्था को गंभीर रूप से प्रभावित करने वाला मामला है। इससे सार्वजनिक सुरक्षा और शांति को खतरा पैदा हुआ है।

दरअसल ये पूरा मामला 26 जनवरी 2025 का है। जहां सार्वजनिक स्थान पर दो अलग-अलग राजनीतिक व्यक्तियों से जुड़े प्रतिद्वंदी गुटों के बीच गोलीबारी हुई थी। कोर्ट ने राज्य के अधिकारियों की ओर से दाखिल शपथ-पत्रों का अवलोकन किया। जिसमें कई लोगों के इसमें शामिल होने की बात सामने आई है।

मामले को पीआईएल में तब्दील करने के निर्देश

इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कोर्ट ने स्वत: संज्ञान मामले को पीआईएल में तब्दील करने के निर्देश दे दिए हैं। जिस्ट्री के मामले को पीआईएल के रूप में पंजीकृत करने के निर्देश दिए है। पूरा रिकॉर्ड जनहित याचिकाओं की सुनवाई करने वाली पीठ के सामने रखा जाएगा। प्रक्रिया मुख्य न्यायाधीश की स्वीकृति के अधीन रहेगी।

क्या है पूरा पूरा मामला?, जानिए

दरअसल, ये पूरा विवाद खानपुर के वर्तमान विधायक उमेश कुमार और पूर्व विधायक प्रणव सिंह चैंपियन के बीच का है। पिछले साल 25 जनवरी को उत्तराखंड नगर निकाय चुनाव के परिणाम आए थे। जिसके बाद दोनों नेताओं के बीच इंटरनेट पर एक दूसरे के खिलाफ टिप्पणी भी हुई थी।

पूर्व विधायक प्रणव सिंह चैंपियन और विधायक उमेश कुमार के बीच विवाद

इसी केबाद गुस्साए पूर्व विधायक प्रणव सिंह चैंपियन अपने समर्थकों के साथ 26 जनवरी की शाम खानपुर विधायक उमेश कुमार के ऑफिस गए थे। जहां पर आरोप है कि चैंपियन ने कार्यालय पर मौजूद कर्मचारियों के साथ मारपीट की। साथ ही अंधाधुंध फायरिंग भी की। जिसका वीडियो भी सामने आया था।
Khabar Uttarakhand – Uttarakhand News.

admin सत्यापित पत्रकार

आधिकारिक पत्रकार एवं विशेष संवाददाता।

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